बुलंद सोच, छतरपुर।

छतरपुर जिला अस्पताल की कथित बदहाल व्यवस्था और एक निजी एंबुलेंस चालक की धोखाधड़ी के कारण सटई थाना क्षेत्र के ग्राम हिम्मतपुर निवासी 16 वर्षीय कमलेश कुशवाहा की जान चली गई। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल किशोर को डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर किया था। हालांकि, एंबुलेंस चालक उसे ग्वालियर ले जाने के बजाय झांसी के एक निजी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। झांसी में बुधवार को इलाज के दौरान कमलेश ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, यह हादसा 13 सितंबर को हुआ था जब कमलेश रिक्शे से उतर रहा था और उसे एक अज्ञात बाइक ने टक्कर मार दी थी। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद, कमलेश की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर किया था। स्वजनों का आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई, जिसके कारण वे निजी एंबुलेंस लेने पर मजबूर हुए। गुरुवार को छतरपुर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान कमलेश के पिता मुकेश कुशवाहा ने रोते-बिलखते हुए कहा कि यदि उनके बेटे को समय पर ग्वालियर पहुंचा दिया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। स्वजनों ने एंबुलेंस चालक पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

