छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में एक युवक गौरीशरण कुशवाहा ने पुलिस में अनोखी शिकायत दर्ज कराई है। युवक का दावा है कि पिछले सात दिनों से प्रतिदिन उसके घर से एक-एक करके अंडरवियर चोरी हो रहे हैं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान है। अब तक लगभग सात अंडरवियर गायब हो चुके हैं। कुशवाहा का कहना है कि वह घर में ताला लगाकर जाता है, फिर भी कपड़े चोरी हो जाते हैं। उसने आशंका जताई है कि छत के रास्ते से कोई घर में घुसकर चोरी कर रहा है। लवकुशनगर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. शमिता राजौरा ने पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल को कोर जोन में नियम विरुद्ध बने रिसॉर्ट की पूरी रिपोर्ट के साथ तलब किया है। वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार द्वारा छतरपुर के राजगढ़ गांव में पांच एकड़ भूमि पर निर्मित यह रिसॉर्ट जांच में नियम विरुद्ध पाया गया है, पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। पीसीसीएफ ने खबरों का संज्ञान लिया है और मामले की जांच कर कार्रवाई की संभावना है।
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से वर्षा का घाटा बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश के 55 में से 43 जिले सामान्य बारिश से पीछे हैं और अब तक औसत से करीब साढ़े तीन इंच कम पानी बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मौसम प्रणालियां कमजोर रहीं, लेकिन उत्तर भारत में दो चक्रवाती परिसंचरण और एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
छतरपुर के खजवा गांव में खेत से रेत निकालने के विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट और गोलीबारी हो गई, जिसमें कुल सात लोग घायल हुए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। एक पक्ष ने अवैध बालू निकालने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वीडियो फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पति की हत्या के मामले में उम्रकैद काट रही छतरपुर की पूर्व प्रोफेसर डॉ. ममता पाठक की 90 दिन की अतिरिक्त पैरोल बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी है। उन्होंने स्वास्थ्य और मानवीय आधार पर यह मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक ही राहत के लिए बार-बार याचिका दायर नहीं की जा सकती और आरोपी को पहले कलेक्टर के समक्ष पेश होना होगा। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि डॉ. पाठक ने 23 जुलाई के पिछले आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें उन्हें छतरपुर कलेक्टर के पास आवेदन करने का निर्देश दिया गया था।
छतरपुर जिले के सटई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार सुबह 35 वर्षीय मथू पाल की कथित तौर पर डॉक्टर न मिलने के कारण मौत हो गई। सीने में तेज दर्द उठने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए और युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सटई बस स्टैंड पर चक्काजाम कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें डॉक्टरों की नियमित तैनाती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस और तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शन शांत हुआ।
छतरपुर के पीएमश्री स्कूल क्रमांक-2 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें स्मार्ट क्लास में पढ़ाई के समय स्मार्ट टीवी पर भोजपुरी फिल्मी डांस वीडियो चलता दिखाई दे रहा है। इस घटना ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शासन ने आधुनिक शिक्षा के लिए एलईडी टीवी लगाई थी, जिसका दुरुपयोग सामने आया है। वीडियो उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद डीईओ पीके रैकवार ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है, जिसका प्रभारी बीईओ को बनाया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
चंदला क्षेत्र में एक कथित यूट्यूबर पर मानसिक रूप से अस्वस्थ और दृष्टिहीन ब्राह्मण तुलसीदास द्विवेदी को धोखे से चिकन खिलाने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगा है। इस घटना से स्थानीय निवासियों और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि यूट्यूबर भगवानदास अहिरवार ने तुलसीदास द्विवेदी की शारीरिक व मानसिक स्थिति का फायदा उठाया। वायरल वीडियो के बाद दर्जनों नागरिक चंदला थाना पहुंचे और यूट्यूबर के खिलाफ धार्मिक व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने तथा व्यक्ति के अधिकारों का हनन करने के आरोप में मामला दर्ज करने की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी।
छतरपुर के गंगा सागर स्कूल के पास स्थित शिव मंदिर में मंगलवार को एक नाग लगभग दो घंटे तक शिवलिंग से लिपटा रहा। इस दौरान, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में प्रवेश नहीं किया और बाहर से ही भगवान शिव के दर्शन किए। नाग के सुरक्षित रूप से बाहर निकलने के बाद ही मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना पुनः प्रारंभ हुई। इस घटना को कई श्रद्धालुओं ने आस्था और प्रकृति का अद्भुत संयोग बताया, जिसकी चर्चा मंदिर परिसर में लंबे समय तक होती रही।