बुलंद सोच, डबरा।

उत्तर मध्य रेलवे (झांसी मंडल) के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनिरुद्ध कुमार ने मंगलवार को डबरा रेलवे स्टेशन का सघन वार्षिक/प्रगति निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर, यात्री प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफॉर्मों का बारीकी से मुआयना किया। डीआरएम ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति का भी जायजा लिया।
अमृत भारत योजना के तहत विकास कार्य
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि डबरा रेलवे स्टेशन को भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ में शामिल किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन के सर्वांगीण विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक यात्री सुविधाओं का कार्य तेजी से प्रगति पर है। डीआरएम ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की जमीनी हकीकत जानना है।
उन्होंने स्टेशन पर प्रस्तावित और चल रहे विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए बताया कि आने वाले समय में डबरा स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह आधुनिक दिखेगा। इन कार्यों में स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया का सुव्यवस्थित विकास और दोनों तरफ भव्य तथा आकर्षक एंट्री गेट का निर्माण शामिल है, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम हो सकेगी। यात्रियों को एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में होने वाली असुविधा को समाप्त करने के लिए 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वेटिंग हॉल, आधुनिक प्रसाधन (टॉयलेट ब्लॉक्स), बेहतर शेड्स, आकर्षक लाइटिंग और पेयजल व्यवस्था को उन्नत किया जा रहा है।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर निर्देश
डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने संबंधित निर्माण एजेंसियों, अभियंताओं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय रेल अधिकारियों को स्टेशन पर सफाई व्यवस्था और यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
ट्रेनों के ठहराव पर डीआरएम का स्पष्टीकरण
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी सहित अन्य प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों के डबरा में ठहराव की मांग उठाने पर डीआरएम ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि मंडल स्तर पर स्थानीय यात्रियों की आवश्यकताओं, टिकट बिक्री और जनभावनाओं का पूरा अध्ययन किया जाता है। डीआरएम ने कहा कि अध्ययन के आधार पर ठहराव का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी ट्रेन के वाणिज्यिक ठहराव का अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड स्तर पर ही तय नियमों के तहत लिया जाता है।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान झांसी रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय स्टेशन प्रबंधक, आरपीएफ/जीआरपी के अधिकारी और निर्माण शाखा के इंजीनियर मौजूद रहे।

