आईआरसीटीसी ने यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खानपान उपलब्ध कराने के लिए अनाधिकृत वेंडरों के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू किया है। क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खानपान सेवाओं की निगरानी की जा रही है। 12 क्विक रिस्पॉन्स टीमों ने भोपाल, इटारसी, इंदौर सहित प्रमुख स्टेशनों पर जांच की है। अब तक 30 से अधिक अनाधिकृत वेंडरों पर कार्रवाई हुई है, जिसमें 500 से अधिक बिना ब्रांड की पानी की बोतलें और 400 से अधिक अमानक खानपान सामग्री जब्त की गई। यात्रियों से बिल लेने की अपील की गई है।
उत्तर मध्य रेलवे (झांसी मंडल) के मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने मंगलवार को डबरा रेलवे स्टेशन का सघन वार्षिक/प्रगति निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों, जिनमें आधुनिक यात्री सुविधाएं, भव्य प्रवेश द्वार और 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज शामिल हैं, की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। डीआरएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए तथा ट्रेनों के ठहराव संबंधी मांग पर रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजने की बात कही।
भोपाल मेट्रो प्रबंधन ने भारी खर्च और सीमित आय के दबाव के चलते फेरों की संख्या में कटौती की है। 15 सितंबर से लागू संशोधित समय-सारणी के तहत सामान्य दिनों में 21 और रविवार व अवकाश के दिनों में 6 फेरे कम किए गए हैं। अब सुबह 11:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक मेट्रो 30 मिनट के अंतराल पर चलेगी, जिससे कुल फेरे 62 से घटकर 41 रह गए हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद, एमपी मेट्रो का ऐप अभी भी अपडेट नहीं हुआ है, जिससे यात्रियों को गलत जानकारी मिल रही है।
मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन का करोड़ों रुपये की लागत से नीमच-रतलाम दोहरीकरण के तहत विकास किया गया है, जिसमें स्टेशन का नवीनीकरण और पटरियों का विस्तार शामिल है। इसके बावजूद, स्टेशन पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जिससे स्थानीय निवासियों को भोपाल, अहमदाबाद और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। आमजन लंबे समय से ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यात्रा के लिए अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस समस्या के समाधान की अपेक्षा की जा रही है।
पश्चिम मध्य रेलवे ने श्रावण मास में उज्जैन में धार्मिक आयोजनों के कारण श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर तीन जोड़ी अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। ये ट्रेनें उज्जैन से भोपाल और संत हिरदाराम नगर के बीच 8 सितंबर तक प्रतिदिन चलेंगी। इनमें 09305/09306 उज्जैन-संत हिरदाराम नगर, 09307/09308 उज्जैन-भोपाल और 09313/09314 उज्जैन-संत हिरदाराम नगर मेला स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर सहित कई स्टेशनों पर ठहराव रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिलेगा।
रक्षाबंधन से पहले भोपाल से दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जाने वाली ट्रेनों में टिकट संकट गहरा गया है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन है, और 25 अगस्त से ही इन रूट्स पर ट्रेनों में सीटें भरनी शुरू हो गई थीं। कई ट्रेनों में वेटिंग, आरएलडब्ल्यूएल और रीग्रेट की स्थिति 31 अगस्त तक बनी रह सकती है। रेलवे ने अभी तक इन प्रमुख रूट्स पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के निर्देश जारी नहीं किए हैं। यात्रियों को अंतिम समय तक इंतजार न करने और वैकल्पिक साधनों जैसे कनेक्टिंग ट्रेन या बस का उपयोग करने की सलाह दी गई है। हालांकि, भोपाल-रीवा के बीच 25 से 31 अगस्त तक चार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
जबलपुर से छत्तीसगढ़ जाने वाली रेल यात्रा इन दिनों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जबलपुर से छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों के लिए संचालित चार में से तीन सीधी ट्रेनें लगातार विलंब से चल रही हैं। नर्मदा एक्सप्रेस, अमरकंटक एक्सप्रेस और रायपुर-जबलपुर इंटरसिटी जैसी ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंच रही हैं। इससे विशेष रूप से उन यात्रियों को समस्या हो रही है, जो रायपुर से वापसी की योजना बनाते हैं, उन्हें अपनी आगे की यात्रा टालनी पड़ रही है। बिलासपुर रेल मंडल में रखरखाव कार्य, मालगाड़ियों का दबाव और गोंदिया व कछपुरा आउटर पर तकनीकी कारणों को इन देरी का मुख्य कारण बताया गया है।
खंडवा रेलवे स्टेशन पर पुणे-जबलपुर साप्ताहिक ट्रेन के ठहराव को मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल को पत्र भेजकर इस निर्णय की जानकारी दी। रेलवे विभाग जल्द ही इस ठहराव की तिथि घोषित करेगा, जिससे खंडवा और आसपास के क्षेत्र के यात्रियों, विशेषकर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और उपचार के लिए यात्रा करने वालों को पुणे और जबलपुर के लिए सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
इंदौर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत भिन्न है। प्लेटफार्म एक के प्रवेश और निकास द्वार पर अवैध रूप से ऑटो खड़े होने से निजी वाहनों को आवागमन में दिक्कत होती है। पुनर्निर्माण के कारण पार्किंग क्षेत्र बंद होने से वाहनों की पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सुरक्षा जांच मशीन भी लंबे समय से बंद है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। कई यात्री प्लेटफार्म पांच व छह की जानकारी के अभाव में भटकते हैं, जिसका फायदा ऑटो चालक उठाते हैं। हालांकि, वातानुकूलित प्रतीक्षा कक्ष और साफ-सफाई जैसी अन्य सुविधाएं उचित पाई गईं।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार की नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के विरोध में 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल से जबलपुर से संचालित होने वाली 500 से अधिक बसों सहित प्रदेशभर की सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे मंडला, भोपाल, इंदौर जैसे विभिन्न जिलों के यात्रियों को असुविधा होगी। बस संचालकों का कहना है कि यह नीति निजी बस व्यवसाय को समाप्त कर देगी और हजारों रोजगारों पर संकट खड़ा करेगी। उनकी प्रमुख मांगों में नीति की वापसी और बस किराए में वृद्धि शामिल है।