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2026-10-17

आयुष्मान सखी और आयुष्मान थी चैटबॉट लॉन्च, व्हॉट्सएप पर मिलेगी योजना की जानकारी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को अब योजना से जुड़ी जानकारी के लिए सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने “आयुष्मान सखी” और “आयुष्मान थी” नाम से डिजिटल व्हॉट्सएप चैटबॉट शुरू किए हैं। इनके माध्यम से मोबाइल पर ही योजना से जुड़ी सभी सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी ली जा सकती है।

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'आयुष्मान थी' की विशेषताएं

“आयुष्मान थी” 24 घंटे उपलब्ध रहने वाला आधिकारिक व्हाट्सएप चैटबॉट है। इसके लिए 7552762582 नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है। चैटबॉट से योजना में पात्रता की जांच, आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन, कार्ड डाउनलोड और ई-केवाईसी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

'आयुष्मान सखी' का उपयोग

“आयुष्मान सखी” भी योजना की जानकारी आसान भाषा में उपलब्ध कराने वाला एक डिजिटल माध्यम है। इसका उपयोग करने के लिए 7290823838 नंबर को मोबाइल में सेव कर व्हाट्सएप के जरिए जानकारी ली जा सकती है। यह बात आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. शरद गुप्ता ने मंगलवार को “हेलो नईदुनिया” कार्यक्रम में पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए कही।

चैटबॉट पर उपलब्ध अन्य सुविधाएं

डॉ. गुप्ता ने बताया कि चैटबॉट पर लाभार्थी अपने आसपास के आयुष्मान योजना से जुड़े सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी ले सकेंगे। इसके साथ ही कार्ड में इलाज के लिए उपलब्ध राशि, मेडिकल हिस्ट्री, शिकायत दर्ज करने और शिकायत की स्थिति देखने जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फीडबैक देने का विकल्प भी उपलब्ध है।

टोल फ्री नंबर और शिकायत तंत्र

आयुष्मान योजना की जानकारी और शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं। इसमें राज्य का टोल फ्री नंबर 18002332085 है, वहीं 14555 नंबर राष्ट्रीय हेल्पलाइन का है। यहां पर यदि कोई अस्पताल आयुष्मान से जुड़ा है और उपचार के लिए रुपये की मांग करता है, तो शिकायत की जा सकती है। वहीं अन्य जानकारी भी यहां पर उपलब्ध होगी।

जिले में योजना से जुड़े अस्पताल और पात्रता

जिले में सभी मेडिकल कॉलेज वाले अस्पतालों के अलावा 92 निजी अस्पताल योजना से जुड़े हैं। प्रत्येक बीमारी के लिए अलग-अलग पैकेज तय हैं और उसी के अनुसार भुगतान किया जाता है। 70 वर्ष या इससे अधिक उम्र के सभी लोग योजना के लिए पात्र हैं। धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान से जुड़े लोग, कर्मकार कल्याण मंडल से जुड़े बिल्डिंग और अंडर कंस्ट्रक्शन में काम करने वाले तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम में राशन प्राप्त करने वाले हितग्राही भी पात्र हैं।

पाठकों के प्रश्नों के उत्तर

माता-पिता के आयुष्मान कार्ड से पांच साल तक के बच्चे का उपचार होता है। पोर्टल पर समग्र आईडी से पात्रता देखी जा सकती है; पात्रता होने पर कार्ड बन जाएगा। संबंधित हॉस्पिटल में आयुष्मान के लिए कियोस्क बनाया जाता है और यहां जानकारी प्रदर्शित की जाती है। यदि आयुष्मान कार्ड से दवाई लेने के बाद भी आराम नहीं हो रहा है, तो एमवाय या अरविंदो हॉस्पिटल में जाकर जांच करवाई जा सकती है। आयुष्मान कार्ड एपी ऑनलाइन पर जाकर पात्रता होने पर बनवाया जा सकता है। आयुष्मान कार्ड खो जाने पर, एमपी ऑनलाइन पर जाकर नाम के आधार पर फिर से निकाला जा सकता है। यदि राशन की पर्ची है, तो कार्ड बन जाएगा; इसके लिए ऑनलाइन पात्रता देखना होगी। यदि कार्ड बना है, लेकिन आधार में फिंगरप्रिंट नहीं आते हैं, तो चेहरे से भी जांच हो सकेगी; यह नहीं होने पर अस्पताल मेल पर जानकारी भेजते हैं। 70 प्लस श्रेणी में सभी के कार्ड बनते हैं, यहां किसी तरह के नियम लागू नहीं हैं। 65 साल की उम्र होने पर भी, राशन पर्ची होने पर आयुष्मान कार्ड बन सकता है; पात्रता की जांच की जा सकती है।

आयुष्मान योजना में संभावित बदलाव

आयुष्मान योजना में 1 अक्टूबर से एक बड़ा बदलाव होने की संभावना है। भोपाल समेत चार बड़े शहरों में नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) मान्यता के बिना इलाज संभव नहीं होगा। इस बदलाव के कारण 250 अस्पताल योजना से बाहर हो सकते हैं।