उज्जैन, मध्य प्रदेश, कैंसर और हृदय रोग की अनूठी दवाओं के उत्पादन का केंद्र बन रहा है। विक्रम उद्योगपुरी स्थित वीआरएम मॉलिक्यूलर एंड न्यूक्लियर मेडिसिन प्राइवेट लिमिटेड हृदय ब्लॉकेज का तीन साल पहले पता लगाने वाली दवाएं बना रहा है। साथ ही, कैंसर की पूर्ण शरीर जांच के लिए FDG, प्रोस्टेट कैंसर के लिए PSMA और स्तन कैंसर के लिए FES जैसी विशेष दवाएं भी तैयार की जा रही हैं। ये दवाएं सेंट्रल इंडिया में कहीं और नहीं बनतीं और अन्य राज्यों में भी भेजी जा रही हैं। उत्पादन में रेडिएशन सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
ग्वालियर के गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) में एक आठ वर्षीय बालक के सिर से सफलतापूर्वक कैंची निकाली गई, जिससे उसकी जान बच गई। मुरैना जिले के जौरा निवासी बालक के सिर में खेलते समय कैंची दुर्घटनावश धंस गई थी। स्वजन ने उसे सीधे अस्पताल पहुंचाया, जहां न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर जटिल ऑपरेशन किया। न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश शर्मा ने ऐसी स्थितियों में स्वयं वस्तु न निकालने की सलाह दी है। विभाग हर माह 500 से अधिक मरीजों का इलाज करता है और लगभग 200 जटिल ऑपरेशन करता है।