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MP में अब हर छह महीने में होगी सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की समीक्षा

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश ने महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात की सुविधा समय पर उपलब्ध कराने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब हर जिले में साल में दो बार प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों की समीक्षा बैठक होगी। इन बैठकों की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 करेंगे और इनमें एमएमए व एमवीए किट की उपलब्धता, दवाओं की स्थिति, उपकरण तथा रेफरल व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का समाधान करना है।

इंदौर एमवाय अस्पताल की आपात सेवाएं 20 साल पुराने जनरेटर के भरोसे, नए की खरीद को मंजूरी नहीं

इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय की आपातकालीन सेवाएं 20 साल पुराने जनरेटर पर निर्भर हैं। अस्पताल प्रबंधन ने दो साल पहले दो नए 500-500 केवीए डीजी सेट खरीदने का प्रस्ताव भोपाल भेजा था, लेकिन छह रिमाइंडर के बावजूद मंजूरी नहीं मिली। हाल ही में एक जनरेटर के खराब होने पर किराए का जनरेटर लगाना पड़ा। अस्पताल में 25 से अधिक मरीज वेंटिलेटर पर रहते हैं। बिजली मेंटेनेंस के ₹3.80 करोड़ का भुगतान भी लंबित है, जिससे नियमित रखरखाव प्रभावित हो रहा है। 4 अगस्त को नए जनरेटर पर निर्णय की उम्मीद है।

हमीदिया सहित प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी

भोपाल सहित प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की ‘काम बंद’ हड़ताल जारी रहेगी, जो एक महीने तक चल सकती है। इससे ओपीडी सेवाएं प्रभावित होंगी, हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी। इंटर्न डॉक्टरों ने मासिक स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग की है। प्रशासन ने 20% वृद्धि का मौखिक प्रस्ताव दिया, लेकिन लिखित आदेश के लिए एक माह का समय मांगा, जिससे डॉक्टर असंतुष्ट हैं और उन्होंने काम पर लौटने से इनकार कर दिया है।

विक्टोरिया जिला अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू, मरीजों को मिलेगी रियायती जांच दर

जबलपुर के विक्टोरिया जिला अस्पताल में सोमवार से अत्याधुनिक एमआरआई सेंटर शुरू हो गया है, जिससे मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की तुलना में लगभग आधी कीमत पर जांच सुविधा मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। कृष्णा डायग्नोसिस के साथ 13 वर्ष का अनुबंध हुआ है, जो 7.5 करोड़ रुपये की लागत से 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित करेगा। आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों के लिए यह सुविधा नि:शुल्क होगी, जबकि अन्य मरीजों के लिए शुल्क 1340 से 3500 रुपये तक होगा।

एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर प्रदर्शन, 23 जुलाई से हड़ताल जारी

मध्य प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न्स और भावी इंटर्न्स ने स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर भोपाल में जागरूकता बाइक रैली निकाली। वे वर्तमान 14,337 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न्स का कहना है कि मध्य प्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम स्टाइपेंड मिलता है, जबकि जिम्मेदारियां समान हैं। 23 जुलाई से उनका कार्य स्थगित आंदोलन जारी है, जिसमें ओपीडी और वार्ड की नियमित सेवाओं का बहिष्कार किया जा रहा है, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।

मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होगी कान की गंभीर बीमारियों की जांच

मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कानों से जुड़ी गंभीर बीमारियों की मुफ्त जांच की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अत्याधुनिक ऑडियोलॉजी उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इन मशीनों से छोटे बच्चों और नवजातों में बहरेपन का शुरुआती पता चल सकेगा, जिससे सही समय पर इलाज संभव होगा। साथ ही, कान में दर्द, सीटी बजने या चक्कर आने जैसी समस्याओं के कारण का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।

ग्वालियर जिला अस्पताल में प्लास्टर सामग्री और एंटीबायोटिक दवाओं की कमी

ग्वालियर के मुरार जिला अस्पताल में प्लास्टर सामग्री और कुछ एंटीबायोटिक दवाओं की कमी से मरीज परेशान हैं। हड्डी की चोट वाले मरीजों को प्लास्टर सामग्री नहीं मिल रही, वहीं एंटीबायोटिक दवाओं के अभाव में उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों का कहना है कि मुफ्त इलाज के लिए सरकारी अस्पताल आते हैं, लेकिन अब उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने दवाओं की मांग भेजने का दावा किया है, जबकि सिविल सर्जन ने प्लास्टर सामग्री उपलब्ध होने की बात कही है।