बुलंद सोच, जबलपुर।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ग्रामीण डाक सेवक के पद पर नौकरी पाने के लिए कथित रूप से फर्जी दसवीं की अंकसूचियां अपलोड करने के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से पांच की पोस्टिंग जबलपुर और तीन की कटनी जिले में हुई थी।
यह मामला दस्तावेजों की जांच कराए जाने पर सामने आया। आरोप है कि अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग राज्यों की फर्जी अंकसूचियों के आधार पर नौकरी हासिल की।
डाक विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच कराए जाने पर यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। संबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर मामले की शिकायत सीबीआई से की गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने यह प्रकरण दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ आरोपितों को पकड़कर पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
भर्ती प्रक्रिया और पदस्थापना
ग्रामीण डाक सेवक नियोजन साइकिल जनवरी 2024 और जुलाई 2024 के दौरान अभ्यर्थियों ने विभाग के पोर्टल पर दसवीं की सेल्फ अटेस्टेड अंकसूची अपलोड की थी। इसी दस्तावेज के आधार पर उनका चयन हुआ था।
चयन के बाद इन अभ्यर्थियों को अलग-अलग उपडाकघरों में पदस्थापना दी गई थी। दस्तावेजों के आधार पर मानवेन्द्र सिंह सिकरवार को कुंडम, राजा बाबू और सौरभ शर्मा को पाटन, प्रदीप खरे को कुडारी उमरिया बरेला और नयन कुमार को रामखिरिया शहपुरा उपडाकघर में पदस्थ किया गया था।
वहीं, बद्री प्रसाद यादव को कटनी के संपुर, देवेन्द्र सिंह चौहान को उमरियापान और रमाकांत शर्मा को कटनी के मोहतरा में तैनाती मिली थी।
आरोपितों की पहचान और कार्यकाल
मानवेन्द्र सिंह सिकरवार, जो मुरैना के निवासी हैं, ने 5 नवंबर 2024 से 18 जुलाई 2025 तक नौकरी की। बद्री प्रसाद यादव, टीकमगढ़ के निवासी, ने 19 मई 2023 से 22 दिसंबर 2023 तक नौकरी की।
देवेन्द्र सिंह चौहान, देवास के निवासी, ने 30 अक्टूबर 2024 से 18 जुलाई 2025 तक नौकरी की। राजा बाबू अहिरवार, सागर के निवासी, ने 6 नवंबर 2024 से 23 जुलाई 2025 तक नौकरी की।
रमाकांत शर्मा, मुरैना के निवासी, ने 19 नवंबर 2024 से 17 नवंबर 2025 तक नौकरी की। प्रदीप खरे, मुरैना के निवासी, ने 7 नवंबर 2024 से 18 जुलाई 2025 तक नौकरी की।
सौरभ शर्मा, मुरैना के निवासी, ने 19 नवंबर 2024 से 24 जुलाई 2025 तक नौकरी की। नयन कुमार, बिहार के निवासी, ने 17 मई 2025 से 8 अप्रैल 2026 तक नौकरी की।
सीबीआई जांच जारी
सीबीआई ने दस्तावेजों और नियुक्ति से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच शुरू की है। प्रकरण में संबंधित लोगों से पूछताछ कर दस्तावेजों की वास्तविकता और भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।

