बुलंद सोच, उज्जैन।

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में अब आम भक्तों को भी वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल सकती है। सूत्र बताते हैं कि मंदिर समिति ने प्रायोगिक तौर पर इस प्रकार की व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इस व्यवस्था के तहत भीड़ कम रहने वाले समय को चिह्नित कर सामान्य दर्शनार्थियों के लिए स्लॉट निर्धारित किए जाएंगे। श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट के माध्यम से इन स्लॉट की बुकिंग कर सकेंगे।
निर्धारित समय पर उन्हें सामान्य लंबी कतार के बजाय छोटे मार्ग से मंदिर में प्रवेश देकर सुविधापूर्वक दर्शन कराए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य केवल भक्तों को सुविधा देना नहीं है, बल्कि स्लैक सीजन में महाकाल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का प्रवाह बढ़ाना और उज्जैन की अर्थव्यवस्था को वर्षभर गति देना भी है।
यदि यह योजना सफल रहती है तो मंदिर समिति इसे स्थायी रूप से लागू करने पर विचार कर सकती है। मंदिर की आईटी शाखा द्वारा योजना का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
विशेषज्ञ उन समयावधियों को चिह्नित कर रहे हैं, जब मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। इसके आधार पर स्लॉट बनाए जाएंगे।
प्रत्येक स्लॉट में कितने श्रद्धालुओं को छोटे मार्ग से दर्शन कराए जा सकते हैं, इसकी क्षमता का आंकलन भी होगा। भक्त उपलब्ध स्लॉट के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
वर्तमान में शनिवार, रविवार और सोमवार को छोड़कर सप्ताह के अन्य दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। इसी तरह वर्ष में दशहरा, दीपोत्सव के पांच दिन सहित अन्य कई ऐसे प्रमुख व्रत, त्यौहार आते हैं, जब अवकाश के बावजूद महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या कम रहती है।
ऐसे समय में अधिक श्रद्धालुओं को उज्जैन आने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महाकाल दर्शन के लिए बाहर से आने वाला श्रद्धालु केवल मंदिर तक सीमित नहीं रहता। उसके उज्जैन में ठहरने, भोजन करने और शहर के अन्य धार्मिक स्थलों तक जाने से स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलता है।
इसलिए स्लैक सीजन में दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ने से होटल, यात्रीगृह, भोजनालय, रेस्टोरेंट, ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा सहित छोटे-बड़े कारोबारियों को वर्षभर ग्राहक मिल सकेंगे।

