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मध्य प्रदेश के सरकारी रेस्ट हाउसों में सुविधाओं का अभाव: कहीं पानी नहीं, कहीं रसोइया ही गायब

मध्य प्रदेश सरकार ने आम लोगों के लिए सरकारी रेस्ट हाउसों को खोल दिया है, जिससे नागरिक तय किराया देकर कमरे बुक करा सकेंगे। हालांकि, विदिशा जिले सहित कई स्थानों पर इन रेस्ट हाउसों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कहीं पानी की कमी है, तो कहीं जर्जर बाथरूम और रसोइया उपलब्ध नहीं हैं। जिला मुख्यालय का रेस्ट हाउस जर्जर है, वहीं ग्यारसपुर में पानी का संकट और उदयपुर तथा नटेरन में स्टाफ व सुविधाओं की कमी है, जिससे आम लोगों के लिए यहां रुकना मुश्किल हो रहा है।

मानसून में छतरपुर के रनेह फॉल में दिखा ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजारा

मानसून की बारिश के बाद छतरपुर के रनेह फॉल में केन नदी का बढ़ा हुआ जलप्रवाह ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजारा प्रस्तुत कर रहा है, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। खजुराहो से लगभग 20 किलोमीटर दूर यह स्थान अपनी चट्टानी घाटी और उफनती नदी के लिए प्रसिद्ध है। इसी तरह, खजुराहो से 15 किलोमीटर दूर कुटनी आइलैंड भी बांध के जलाशय में जलस्तर बढ़ने के कारण चारों ओर से पानी से घिरा है। हरियाली और बादलों के बीच यह आइलैंड और इसका रिसॉर्ट बोटिंग तथा प्राकृतिक दृश्यों के लिए खास अनुभव प्रदान कर रहे हैं, हालांकि पर्यटकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर विवादों से तीर्थ स्थलों की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

ज्योतिर्लिंग श्रीमहाकालेश्वर मंदिर उज्जैन और ओंकारेश्वर में हालिया विवादों ने बड़े तीर्थ स्थलों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन घटनाओं ने भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रसाद खरीदने के दबाव, पार्किंग, प्रवेश, दर्शन व्यवस्था और वीआईपी दर्शन के नाम पर अधिक वसूली जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इन विवादों को कानून-व्यवस्था के बजाय तीर्थ प्रबंधन की व्यापक कमी माना जा रहा है। गुजरात के अंबाजी मंदिर और केंद्र की पर्यटन मित्र-पर्यटन दीदी पहल जैसे सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण मॉडल को समाधान के रूप में देखा जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

पन्ना में प्लास्टिक कचरे से ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार, बन रहे उपयोगी उत्पाद

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों में प्लास्टिक कचरा अब ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का स्रोत बन गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा 2022 में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशंस’ के तहत 14 ग्राम पंचायतों के 30 गांवों से 45 टन से अधिक प्लास्टिक एकत्र कर उसे उपयोगी उत्पादों जैसे बैग और स्मृति चिन्ह में बदला गया है। यह पहल महिलाओं को प्रशिक्षण, आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, साथ ही पारंपरिक कारीगरी को पर्यावरणीय उद्देश्य से जोड़ रही है। 2025 में बांधवगढ़ तक विस्तारित इस मॉडल को SKOCH सिल्वर अवार्ड भी मिला है, जो संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ता है।

पातालपानी हेरिटेज स्टेशन की बिजली आपूर्ति बाधित, आठ लाख रुपये का बिल बकाया

पातालपानी हेरिटेज स्टेशन पर करीब 8 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण विद्युत वितरण कंपनी ने कनेक्शन काट दिया है। पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है। वेटिंग रूम, वॉशरूम और अनाउंसमेंट सिस्टम बंद हैं। अंधेरे के कारण सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ी हैं। शुक्रवार को हेरिटेज ट्रेन के संचालन के दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सहायक अभियंता जयेश शुक्ला ने बताया कि जून में भी कनेक्शन काटा गया था और भुगतान न होने पर नोटिस के बाद दोबारा कार्रवाई की गई है।

मध्य प्रदेश पर्यटन ने बनाया रिकॉर्ड, 2025 में 21.05 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे

मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र ने 2025 में 21.05 करोड़ पर्यटकों के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो 2024 के 13.33 करोड़ से 57.9% की उल्लेखनीय वृद्धि है। इंदौर और उज्जैन प्रमुख पर्यटन केंद्र बनकर उभरे, जिन्होंने 11.21 करोड़ यात्राएं दर्ज कीं। बागेश्वर धाम सहित नए और स्थापित धार्मिक स्थलों पर 3.51 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। भोपाल, महेश्वर, खजुराहो, सांची और पचमढ़ी जैसे अन्य गंतव्यों में भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी गई। यह प्रदर्शन पिछले सात वर्षों में सर्वश्रेष्ठ है, जिसके बाद टूरिज्म बोर्ड गुणवत्ता सुधारने और पर्यटकों के खर्च बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

इंदौर में विश्व पर्यटन दिवस पर मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन ने परिचर्चा की

विश्व पर्यटन दिवस पर मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन ने इंदौर में एक परिचर्चा आयोजित की। इसमें कल्चरल एवं आर्किटेक्चरल कंजर्वेशनिस्ट संघमित्रा सिंह पिपलोदा और सेंट्रल इंडिया के इतिहासकार जफर अंी ने प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, स्थापत्य संरक्षण और इंदौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। संघमित्रा सिंह ने यात्रा को स्वयं को समझने का माध्यम बताया, वहीं जफर अंी ने हेरिटेज वॉक और किस्सागोई को पर्यटकों को शहर के इतिहास से जोड़ने का प्रभावी तरीका बताया।

महाकाल मंदिर में आम भक्तों को भी मिलेगा वीआईपी प्रवेश

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में सामान्य भक्तों को भी वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल सकती है। मंदिर समिति प्रायोगिक तौर पर भीड़ कम रहने वाले समय में ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इससे भक्तों को लंबी कतार के बजाय छोटे मार्ग से सुगम दर्शन प्राप्त होंगे। इस पहल का उद्देश्य भक्तों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ स्लैक सीजन में श्रद्धालुओं का प्रवाह बढ़ाना और उज्जैन की स्थानीय अर्थव्यवस्था को वर्षभर गति देना है। योजना सफल होने पर इसे स्थायी किया जा सकता है।

कूनो नेशनल पार्क में अब चीता के साथ चंबल सफारी भी, व्यापक वन्यजीव पर्यटन केंद्र बनेगा

श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क को अब व्यापक वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पार्क राजस्थान के रणथंभौर और मध्य प्रदेश के माधव नेशनल पार्क के बीच पर्यटन कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। पर्यटक अब चीता सफारी के साथ चंबल नदी सफारी का भी अनुभव कर पाएंगे। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग इसके लिए होटल, वाहन और अन्य संसाधन तैयार कर रहा है। चंबल सफारी में घड़ियाल, मगरमच्छ और दुर्लभ कछुए देखे जा सकेंगे। पर्यटक लगभग 180-200 किलोमीटर का सफर तय कर तीनों पार्कों का भ्रमण कर सकेंगे।

सिंहस्थ 2028: ओंकारेश्वर में एक करोड़ श्रद्धालुओं के लिए नेटवर्क क्षमता बढ़ाने की चुनौती

सिंहस्थ 2028 में ओंकारेश्वर में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रहा है। हालांकि, संचार व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि वर्तमान में ही भीड़ बढ़ने पर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होती हैं। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, संपर्क और डिजिटल भुगतान पर सीधा असर पड़ सकता है, साथ ही ऑनलाइन दर्शन जैसी सुविधाएं भी बाधित होती हैं। कुल 938.43 करोड़ रुपये की 46 परियोजनाओं में से 21 पर काम शुरू हो चुका है, जबकि 20 प्रस्ताव लंबित हैं।