विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में अस्थिरता व अनिश्चितता बढ़ी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के लिए आर्थिक गतिविधि और सुरक्षा बढ़ाकर आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। जयशंकर ने कारोबार, आपूर्ति नेटवर्क, ऊर्जा सुरक्षा और पारदर्शी व्यापार को इस लक्ष्य के लिए अहम बताया। 12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इन्हीं आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सीमा पार भुगतान और राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग जैसे विषय शामिल होंगे।
इंदौर के व्यापारी अगले माह से यूपीआई पर लागू हो रहे एमडीआर शुल्क के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ मनाएंगे। यह देश का पहला शहर होगा जहां व्यापारी इस शुल्क के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं। टाइल्स व सेनेटरी व्यापारी एसोसिएशन ने मशाल रैली निकाली। अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से जुड़े सवा सौ व्यापारी संगठन विरोध में शामिल हो रहे हैं। यूपीआई लेनदेन में इंदौर प्रदेश में पहले और देश में 21वें स्थान पर है। विशेषज्ञ एमडीआर शुल्क को उपभोक्ता और निवेशक दोनों के लिए महंगा बता रहे हैं। जबलपुर में भी 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया जाएगा।
मध्य प्रदेश में लगभग 40 हजार बैंक कर्मचारी 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर सोमवार से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने जनता की सुविधा के लिए रविवार को सरकारी बैंकों को खुला रखने का विशेष आदेश दिया था, ताकि लगातार 5 दिन की बैंक बंदी से बचा जा सके। इस हड़ताल से प्रदेश की 7 हजार शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, जिसमें भोपाल, इंदौर और उज्जैन की कई शाखाएं शामिल हैं। दैनिक 5500 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होगा, हालांकि डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में सामान्य भक्तों को भी वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल सकती है। मंदिर समिति प्रायोगिक तौर पर भीड़ कम रहने वाले समय में ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इससे भक्तों को लंबी कतार के बजाय छोटे मार्ग से सुगम दर्शन प्राप्त होंगे। इस पहल का उद्देश्य भक्तों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ स्लैक सीजन में श्रद्धालुओं का प्रवाह बढ़ाना और उज्जैन की स्थानीय अर्थव्यवस्था को वर्षभर गति देना है। योजना सफल होने पर इसे स्थायी किया जा सकता है।
मध्यभारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्र इंदौर में तीन साल की सुस्ती के बाद इस त्योहारी सीजन में बंपर कारोबार की उम्मीद है। सरकारी नीतियों, आयात-निर्यात लाभ और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी के कारण इंदौर का माल अब देशभर में किफायती दरों पर उपलब्ध है। सराफा बाजार में युद्ध के हालातों के कारण 30% की गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब त्योहारों से वापसी की उम्मीद है। कपड़ा उद्योग में राखी से उत्साह दिख रहा है, जबकि बर्तन बाजार में अगस्त से ही तेजी है, जो त्योहारी सीजन में और बढ़ेगी। लाखों परिवारों की आजीविका इस व्यापार से जुड़ी है।
सरकार के यूपीआई भुगतान पर कर लगाने के प्रस्ताव से खुदरा बाजार और व्यापारियों में चिंता है। उनका मानना है कि त्योहारों से पहले यह नियम लागू होने पर बिक्री प्रभावित होगी। हालांकि, थोक बाजार इसे नकदी व्यापार बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है। वित्त विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति घटाएगा और यूपीआई का उपयोग कम करेगा, जिससे ऑनलाइन खरीदारी भी प्रभावित होगी। व्यापारियों का कहना है कि इससे उनकी व्यावसायिक लागत बढ़ेगी और अंततः बोझ उपभोक्ताओं पर ही आएगा।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले खाद्य पदार्थों के दाम में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी का मासिक बजट बिगड़ गया है। पिछले एक माह में शक्कर के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिसके मुख्य कारणों में कम स्टॉक, बढ़ती मांग और इथेनॉल नीति शामिल हैं। तुवर और चने की दाल के भाव भी ऊंचे बने हुए हैं, जिससे रसोई का खर्च और मिठाइयों की लागत बढ़ गई है। व्यापारियों और विशेषज्ञों ने बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कीमतों पर गंभीरता से निगरानी रखने की मांग की है।
उज्जैन में श्रावण मास के दौरान धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जहाँ प्रतिदिन 1.50 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। महाकाल लोक बनने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ गई है, जिससे शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिला है। होटल, परिवहन, फूल-प्रसाद विक्रेता और छोटे कारोबारियों सहित हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्थाएँ कर रहा है, जो सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए एक मॉडल का काम भी कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रही, जहां सोना 4050 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। कच्चे तेल के दाम करीब 4 प्रतिशत गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए, जिसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीदें थीं। ट्रंप के बयान के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने और परमाणु खतरे के समाप्त होने की संभावना से बाजारों में तनाव कम हुआ। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के फिसलने से सोने में निवेशकों की रुचि बढ़ी। चीन से औद्योगिक उत्पादन बढ़ने के संकेतों ने चांदी को भी समर्थन दिया।
भारतीय विनिर्माण क्षेत्र पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जबकि भारतीय रेलवे की माल ढुलाई में 9% की वृद्धि हुई और यात्री संख्या 63 करोड़ से अधिक हो गई। हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों ने चिकित्सा बिलों और एरियर के भुगतान में देरी पर नाराजगी व्यक्त की है, वहीं नांदेड़ में हनी-ट्रैप मामले में पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं। हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं और सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी व गणित के लिए अतिरिक्त शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। जम्मू में एक व्यक्ति लापता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में एक पूर्व रग्बी कोच पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।