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नेहा भट्ट ने कृत्रिम पैर के सहारे अमरनाथ और केदारनाथ यात्रा पूरी की

अहमदाबाद की नेहा भट्ट ने 2021 में एक दर्दनाक हादसे में अपना एक पैर गंवा दिया था, लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया। कृत्रिम पैर के सहारे उन्होंने सात ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ बाबा बर्फानी अमरनाथ और केदारनाथ की कठिन यात्राएं पूरी कीं। नेहा ने 2025 में 22 किलोमीटर की केदारनाथ यात्रा और 2026 में 18 किलोमीटर की अमरनाथ यात्रा पैदल चलकर संपन्न की। बाबा महाकाल में उनकी अटूट आस्था है, जिसने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

महाकाल के आंगन में एक हजार वर्ष पुराना शिव मंदिर फिर ले रहा आकार

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर परिसर में एक हजार वर्ष पुराना शिव मंदिर फिर से आकार ले रहा है। वर्ष 2020-21 में खोदाई के दौरान इसके अवशेष मिले थे, जिनमें आधार भाग, गर्भगृह, शिवलिंग और कई प्रतिमाएं शामिल हैं। पुरातत्व विभाग इन अवशेषों के आधार पर भूमिज शैली में मंदिर का पुनर्निर्माण कर रहा है, जिसकी ऊंचाई 36 से 37 फीट रहेगी और लागत 65 से 90 लाख रुपये अनुमानित है। यह महाकाल मंदिर के प्राचीन इतिहास को पुनर्स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

श्रावण सोमवार पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष अनुष्ठान, संध्या और शयन आरती का आयोजन

श्रावण माह की शुरुआत के साथ ही श्री महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। मान्यता है कि श्रावण सोमवार व्रत से पाप नष्ट होते हैं और अक्षय पुण्य मिलता है। शाम 5 बजे जलाभिषेक बंद होने के बाद बाबा महाकाल राजा स्वरूप में दर्शन देते हैं। शाम 7 बजे संध्या आरती में दूध का भोग लगता है, जबकि रात 10:20 बजे शयन आरती में मेवे का प्रसाद चढ़ाया जाता है। मंदिर के पट इसके बाद बंद होते हैं। एक से एक लाख बिल्व पत्र चढ़ाने का विशेष धार्मिक महत्व है। माता सती और पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए श्रावण व्रत किए थे।

महाकाल सवारी: 46 साल बाद बदला हाथी, सुमा पर सवार हुए राजा

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की दूसरी सवारी निकाली गई। अवंतिकानाथ चंद्रमौलेश्वर और मनमहेश रूप में नगर भ्रमण पर निकले। इस बार बीमार श्यामू हाथी के स्थान पर मादा हाथी सुमा ने पहली बार सवारी में भाग लिया, जिससे 46 साल से चली आ रही रामू-श्यामू हाथी परिवार की सेवा समाप्त हो गई। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने पूजन कर सवारी को रवाना किया। सवारी परंपरागत मार्गों से शिप्रा तट पहुंची, जहां जलाभिषेक हुआ। 5 किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर 4 घंटे तक भक्ति का उल्लास छाया रहा, जिसमें 15 से अधिक दल और 1200 जवान शामिल थे।

हरियाली अमावस्या पर बाबा महाकाल ने धारण किया दिव्य स्वरूप, भस्म आरती में उमड़े हजारों श्रद्धालु

श्रावण कृष्ण पक्ष की हरियाली अमावस्या पर बुधवार सुबह उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने देर रात से ही कतार में लगकर दर्शन किए। बाबा महाकाल को हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से श्रृंगारित किया गया, जिससे उनका अलौकिक स्वरूप नजर आया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती रात 3 बजे शुरू हुई, जिसमें भगवान का पंचामृत से जलाभिषेक किया गया। यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा तक जारी रहेगा।

उज्जैन में नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 24 घंटे के लिए खुलेंगे, सावन का तीसरा सोमवार भी

उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 17 अगस्त, सोमवार को 24 घंटे के लिए खोले जाएंगे। इस वर्ष नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन पड़ने से एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल की दिव्य सवारी का पुण्य लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें पार्किंग, प्रसाद वितरण, चिकित्सा सुविधाएँ और व्हीलचेयर सेवाएँ शामिल हैं।

महाकाल के भोग के लिए आज भी मांगी जाती है भिक्षा

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती से जुड़ी कई अनूठी परंपराएं हैं। भगवान महाकाल के भोग के लिए एक दिन पहले भिक्षा मांगने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी निभाई जाती है, जिसमें पुजारी परिवार द्वारा नियुक्त व्यक्ति शहर की 20 से अधिक दुकानों से सामग्री एकत्र करता है। भस्म आरती के लिए 16 अधिकृत पुजारी ही होते हैं। आरती से पूर्व मंदिर के पट आज्ञा लेकर खुलते हैं, 16 मंत्रों से अभिषेक होता है और नंदी के अभिषेक के बाद भगवान का भव्य शृंगार होता है। भस्म अर्पण के समय महिलाएं घूंघट रखती हैं। सावन में सोमवार को भगवान उपवास भी रखते हैं, और चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती बनती है।

महाकाल मंदिर में शनिवार को भस्म आरती संपन्न, गर्भगृह जयकारों से गूंजा

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के परंपरानुसार भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह 4 बजे पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने देवी-देवताओं का पूजन किया। भगवान महाकाल का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें रजत ॐ, बिल्वपत्र मुकुट और रुद्राक्ष की माला सहित आकर्षक श्रृंगार से सजाया गया। फल और मिष्ठान का भोग लगाने के बाद कपूर आरती हुई और महा निर्वाणी अखाड़े द्वारा भस्म अर्पित की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।

महाकाल मंदिर: श्रावण के प्रथम सप्ताह में 29 लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन, 3.50 करोड़ से अधिक की आय

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास के प्रथम सप्ताह (30 जुलाई से 6 अगस्त) के दौरान 29 लाख 28 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। इस अवधि में मंदिर को शीघ्र दर्शन टिकटों से 3 करोड़ 50 लाख 57 हजार रुपये और लड्डू प्रसाद की बिक्री से लगभग 2 करोड़ 35 लाख रुपये की आय हुई। मंदिर समिति आगामी नागपंचमी, 15 अगस्त और रक्षाबंधन जैसे महापर्वों की तैयारी कर रही है। सांसद-अभिनेता मनोज तिवारी ने भी सपरिवार महाकाल दर्शन किए। मंदिर में शिशु आहार केंद्र की स्थापना भी की गई है।

उज्जैन के छह सप्तसागरों का पानी स्नान योग्य नहीं: एनजीटी

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उज्जैन के पवित्र सप्तसागरों में सीवेज प्रदूषण पर सख्ती दिखाई है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच एनजीटी ने पाया कि सात में से छह प्रमुख कुंडों का पानी स्नान योग्य नहीं बचा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इन जलाशयों में फीकल कोलीफार्म और टोटल कोलीफार्म की मात्रा केंद्रीय मानकों से अधिक है, जो सीवेज की मौजूदगी का संकेत देती है। एनजीटी ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उज्जैन नगर निगम आयुक्त को 30 दिनों के भीतर जल गुणवत्ता सुधारने तथा प्रदूषण फैलाने वालों से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने के निर्देश दिए हैं।