मंदसौर की कृषि उपज मंडी में लहसुन व्यापारी शंकरलाल हरजानी के साथ धोखाधड़ी हुई है। उनकी फर्म सांई कृष्णा इम्पेक्स से 23 अगस्त को 136 क्विंटल 85 किलो लहसुन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के लिए एक ट्रक (एचआर-39 जी-8686) में लोड की गई थी। यह ट्रक रास्ते से ही लहसुन सहित गायब हो गया। व्यापारी के पुत्र संजय हरजानी ने बताया कि चालक ने मोबाइल बंद कर लिया और लहसुन गंतव्य तक नहीं पहुंची। जांच में ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी निकला, जबकि उसका असली नंबर एमपी-09 बीएम-4221 था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शासकीय GeM पोर्टल के माध्यम से ₹10.99 करोड़ के एक कंप्यूटर खरीद घोटाले का पर्दाफाश किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के लिए पुराने कंप्यूटरों को नया बताकर और निम्न गुणवत्ता वाले उपकरण आपूर्ति करने के आरोप में चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि निविदा में शामिल फर्में एक ही व्यक्ति द्वारा नियंत्रित थीं, उन्होंने फर्जी मैन्युफैक्चरर ऑथराइजेशन लेटर जमा किए और कीमतों में हेरफेर किया। EOW ने फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है और 1 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेजों से बांग्लादेशियों के लिए पासपोर्ट बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। राज्य एसटीएफ ने अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है और 70 जाली पासपोर्टों की पुष्टि की है। जांच अधिकारियों का अनुमान है कि ऐसे पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है। इस मामले में 15 अधिकारी और पुलिसकर्मी एसटीएफ की रडार पर हैं, जिनमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। एसटीएफ मध्य प्रदेश के कई जिलों में बौद्ध विहार और आंबेडकर पार्क के पते पर बने पासपोर्टों की जांच कर रही है।
सीबीआई ने ग्रामीण डाक सेवक के पद पर कथित रूप से फर्जी दसवीं की अंकसूचियां अपलोड कर नौकरी पाने के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से पांच की पोस्टिंग जबलपुर और तीन की कटनी जिले में हुई थी। डाक विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद यह फर्जीवाड़ा सामने आया, जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर सीबीआई में शिकायत की गई थी। सीबीआई ने अब संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें भर्ती प्रक्रिया में हुए फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी की पड़ताल की जा रही है।
सीबीआई ने हाईस्कूल की फर्जी अंकसूचियों के माध्यम से डाक विभाग में डाक सेवक की नौकरी प्राप्त करने वाले मुरैना के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। डाक विभाग की शिकायत पर जांच के बाद बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने फर्जीवाड़े की पुष्टि की। इस मामले में चार अन्य आरोपित भी शामिल हैं जिनकी अंकसूचियां भी फर्जी पाई गई हैं और सभी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ये अभ्यर्थी ग्रामीण डाक सेवा भर्ती के दौरान दसवीं की सेल्फ अटेस्टेड अंकसूची अपलोड कर नौकरी पर लगे थे। सीबीआई अंतरराज्यीय फर्जी अंकसूची गिरोह की तलाश में जुटी है।
प्रदेशभर के बीएड कॉलेजों में सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए हुए दाखिलों में ‘मार्क्स माफिया’ द्वारा फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कम अंक वाले 11 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन में 25-30% तक अंक बढ़ा दिए गए, जिससे वे मेरिट सूची में शीर्ष पर आ गए। एक उदाहरण में, 54% अंकों को 83% किया गया। दलाल इन फर्जी प्रवेशों के लिए अभ्यर्थियों से एक लाख रुपये वसूल रहे थे। यह धोखाधड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया, शिक्षक सत्यापन और हेल्प सेंटर की तीन-स्तरीय जांच को धता बताते हुए की गई। प्रेस्टन कॉलेज ने ऐसे छात्रों के प्रवेश निरस्त करने का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजा है।
हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को संबंधित रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की गई है। लाॅ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे, जिसमें 695 में से 156 कॉलेज सूटेबल पाए गए थे। बाद में 89 और कॉलेज कमियां दूर कर सूटेबल श्रेणी में आए।
इंदौर में एयरलाइंस में नौकरी का झांसा देकर तीन छात्र-छात्राओं से 3 लाख 68 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपित वैभव मेहता ने क्रू मेंबर और एविएशन कोर्स कर रहे मनस्वी गहलोत, रितेश वर्मा और अमित प्रजापति को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए। एमजी रोड स्थित अक्शा इंटरनेशनल कोचिंग इंस्टीट्यूट के पूर्व शिक्षक वैभव ने छात्रों को एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का वादा किया था। देवी अहिल्या विमानतल पर नौकरी के लिए पहुंचने पर अधिकारियों ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया, जिसके बाद बुधवार को वैभव मेहता के खिलाफ तुकोगंज पुलिस ने केस दर्ज किया।
मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपी-यूडीसी) ने सूरत की इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्रा.लि. को जाली बैंक गारंटी के आधार पर 6.57 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। काम पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन में बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा जारी की गई आठों बैंक गारंटी फर्जी पाई गईं। एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी ने भोपाल के एमपी नगर थाने में कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन कंपनी संचालकों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा के निष्कासन का फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में दतिया जिला मीडिया प्रभारी शादाब, नगर उपाध्यक्ष शाहरूख और कार्यकर्ता क्रिश रावत शामिल हैं। यह फर्जी पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम से उनके हस्ताक्षर बनाकर तैयार किया गया था और इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं व मतदाताओं को भ्रमित करना था। पुलिस अब इस मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है।