बुलंद सोच, सागर।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पत्रकार वार्ता बुलाकर आरोप लगाया कि एसपी अनुराग सुजानिया हर महीने 50 लाख रुपये की वसूली कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि यह आरोप प्रमाणित नहीं हैं तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का दावा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अवैध वसूली के आरोपों को अदालत में प्रमाणित कर देंगे।
जहरीली शराब कांड और संरक्षण के आरोप
जहरीली शराब कांड के बाद सागर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने शनिवार-रविवार को प्रभावित परिवारों और स्थानीय कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान शराब माफिया को राजनीति, प्रशासनिक और पुलिस संरक्षण मिलने का आरोप लगाया। दिग्विजय सिंह ने इसी गठजोड़ को जहरीली शराब कांड के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले मुरैना जिले में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हुई थी और उस वक्त वहां के एसपी अनुराग सुजानिया ही थे। सिंह ने कहा कि सागर में उसी तरह की स्थितियों में मौतें हुईं और यहां भी एसपी वही हैं। उन्होंने एसपी सुजानिया को हटाकर उनकी जांच ईओडब्ल्यू से कराने की मांग की। इधर, एसपी सुजानिया ने इस पर कोई भी टिप्पणी देने से इनकार किया है।
न्यायिक जांच पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने न्यायिक जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों या एजेंसियों से जांच कराई जा रही है, उन पर उन्हें भरोसा नहीं है। सिंह ने कहा कि जब भी लीपापोती करनी होती है, न्यायिक जांच बैठा दी जाती है। उन्होंने व्यापम मामले का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी इन्हीं को जांच करने के लिए बुलाया गया था और अब शराब कांड के लिए भी इन्हीं को बुलाया लिया है। दिग्विजय सिंह ने शराब कारोबारियों और राजनीतिज्ञों के बीच संबंधों की जांच की मांग की।
प्रभावित परिवारों के लिए घोषणा
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने अभी तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी यह तक नहीं बताया कि कब तक और कितना मुआवजा दिया जाएगा। दिग्विजय सिंह ने मृतक भोला अहिरवार, राम स्वरूप अहिरवार, भोपाली आदिवासी और धन सिंह अहिरवार के परिवार को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह इन परिवारों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह देंगे और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाएंगे।
खंडवा में सरपंच पति की हत्या
खंडवा में जंगल में अतिक्रमण की लड़ाई संघर्ष में बदल गई, जिसमें एक सरपंच पति की हत्या हो गई। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

