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मध्य प्रदेश में राजनीतिक संरक्षण, आबकारी-पुलिस-ठेकेदार गठजोड़ से जहरीली शराब की बिक्री बढ़ी

मध्य प्रदेश में राजनीतिक संरक्षण के तहत आबकारी अधिकारी, पुलिस और शराब ठेकेदारों के गठजोड़ से लाइसेंसी दुकानों से जहरीली शराब की बिक्री बढ़ी है। सागर में 25 लोगों की मौत के बाद यह मुद्दा फिर से सामने आया है। पूर्व में मुरैना, उज्जैन और इंदौर में भी जहरीली शराब से कई मौतें हो चुकी हैं। आबकारी अधिकारियों पर केवल निलंबन की कार्रवाई होती है और वे बाद में बहाल हो जाते हैं। सागर के एसपी अनुराग सुजानिया का संबंध मुरैना के पिछले जहरीली शराब कांड से भी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मेथेनॉल नेटवर्क की पूरी जांच और मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

इंदौर में गाय चोरी के आरोप में युवक की पीट-पीटकर हत्या; दो आरोपी गिरफ्तार, राजनीतिक संरक्षण के आरोप

इंदौर में गाय चोरी के आरोप में चंदर लोहार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने भुरू यादव और कुणाल यादव को गिरफ्तार किया है। कुणाल यादव पर भाजपा नेताओं और विधायक समर्थकों के संरक्षण का आरोप है, और कहा जा रहा है कि उसका सरेंडर विधायक के इशारे पर हुआ। पूछताछ में कथित हिंदू संगठन से जुड़े नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस मुख्य आरोपी सूरज जाट की तलाश कर रही है, जिसकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है। सूरज पर शराब ठेकेदारों से जुड़कर अवैध वसूली और आपराधिक गतिविधियों का भी आरोप है।

सागर जहरीली शराबकांड: फरार आरोपी शिवांजय राजपूत मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

सागर जहरीली शराबकांड के फरार आरोपी शिवांजय राजपूत (21) को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह कठुआ नाला के पास जंगल से अपने गांव छापरी पहुंच रहा है। पुलिस की घेराबंदी के दौरान शिवांजय ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। शिवांजय पर 30 हजार रुपये का इनाम था और वह मुख्य आरोपी चंदू का रिश्तेदार है। इस मामले में अब तक 33 आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें 19 गिरफ्तार हो चुके हैं। मुख्य आरोपियों रवि लखेरा, मनीष लोधी और चंदू की भूमिकाएं भी सामने आई हैं, जिनके अवैध निर्माणों पर कार्रवाई भी की गई है।

सागर एसपी पर दिग्विजय सिंह का गंभीर आरोप, ईओडब्ल्यू जांच की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पत्रकार वार्ता में एसपी पर प्रतिमाह 50 लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए ईओडब्ल्यू जांच की मांग की। सिंह ने जहरीली शराब कांड के बाद प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर शराब माफिया को राजनीतिक, प्रशासनिक और पुलिस संरक्षण मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने न्यायिक जांच पर भी सवाल उठाए और चार प्रभावित परिवारों को गोद लेने की घोषणा की। इस बीच, खंडवा में जंगल में अतिक्रमण को लेकर हुए संघर्ष में एक सरपंच पति की हत्या हुई और तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए।