बुलंद सोच, ग्वालियर।

रेलवे ने दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए ग्वालियर के यात्रियों के लिए दो साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जबलपुर से हरिद्वार और हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली इन दोनों ट्रेनों का ग्वालियर में पांच मिनट का ठहराव निर्धारित किया गया है। इससे त्योहारी सीजन में ग्वालियर से हरिद्वार और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन का विकल्प मिलेगा। दोनों स्पेशल ट्रेनों के पांच-पांच फेरे होंगे।
जबलपुर-हरिद्वार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन
ट्रेन संख्या 01703 जबलपुर-हरिद्वार साप्ताहिक स्पेशल 22 अक्टूबर से 19 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी। यह ट्रेन जबलपुर से दोपहर 3:30 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 2:15 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। पांच मिनट के ठहराव के बाद यह रात 2:20 बजे हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 2:20 बजे हरिद्वार पहुंचेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 01704 हरिद्वार-जबलपुर स्पेशल 23 अक्टूबर से 20 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को संचालित होगी। यह ट्रेन हरिद्वार से दोपहर 3:10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 4:20 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। यहां पांच मिनट रुकने के बाद यह सुबह 4:25 बजे जबलपुर के लिए रवाना होगी।
दोनों दिशाओं में इस ट्रेन के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, आगरा कैंट, अलीगढ़, खुर्जा, हापुड़, मेरठ सिटी और रुड़की सहित निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव रहेंगे।
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन
इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 01707 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन साप्ताहिक स्पेशल 17 अक्टूबर से 14 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी। यह ट्रेन जबलपुर से रात 8:20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। पांच मिनट के ठहराव के बाद यह सुबह 7:35 बजे हजरत निजामुद्दीन के लिए प्रस्थान करेगी और दोपहर 2:25 बजे गंतव्य पर पहुंचेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 01708 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर स्पेशल 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को संचालित होगी। यह ट्रेन निजामुद्दीन से दोपहर 3:45 बजे रवाना होकर रात 10:40 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। पांच मिनट बाद यह रात 10:45 बजे जबलपुर के लिए रवाना होगी।
इस ट्रेन के दोनों दिशाओं में ग्वालियर के अलावा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, धौलपुर, आगरा कैंट, मथुरा और कोसीकलां समेत निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।

