बुलंद सोच, इंदौर।

नवलखा से एलआईजी चौराहा के बीच 6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हालांकि, छह महीने बीतने के बावजूद निर्माण कार्य की गति धीमी है।
इस धीमी गति को देखते हुए संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार और कलेक्टर शिवम वर्मा ने गुरुवार को निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से अब तक हुए काम की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और निर्माण एजेंसी के अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ ही सत्य साईं चौराहे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया।
कार्य में तेजी लाने के निर्देश और लाभ
अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को एलआईजी एलिवेटेड कॉरिडोर का काम तेजी से आगे बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
यह कॉरिडोर तैयार होने के बाद एक लाख से अधिक वाहन चालकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे शहर के इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और वाहन चालकों को कम समय में लंबी दूरी तय करने में सहायता मिलेगी।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद राजीव गांधी प्रतिमा की ओर से आने वाले वाहन चालक सीधे एलआईजी कॉरिडोर तक पहुँच सकेंगे। इससे बीच के कई व्यस्त हिस्सों पर रुकने और जाम में फँसने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
परियोजनाओं की प्रगति और लक्ष्य
संभागायुक्त लाक्षाकार ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शिवाजी वाटिका चौराहे से शुरू हो चुका है।
दीपावली के बाद नवलखा चौराहे पर भी निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। निर्माण के दौरान आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सत्य साईं चौराहे पर बन रहे फ्लाईओवर ब्रिज को आगामी दिसंबर तक पूरा करने का प्रयास है। इस फ्लाईओवर का निर्माण एमपीआईडीसी द्वारा किया जा रहा है।

