बुलंद सोच, भोपाल।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट- 2027 (जीआइएस) से पहले राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग राज्यों के साथ ही विदेश से निवेश लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में गुरुवार को मुंबई में आयोजित रोड शो में मध्य प्रदेश को 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वन-टू-वन बैठकों में अनेक निवेशकों के साथ चर्चा हुई। आरपीजी समूह, वेलस्पन एंटरप्राइजेज, आईनाक्स एयर प्रोडक्ट्स और भिलोसा इंडस्ट्रीज जैसी कई बड़ी कंपनियों ने मध्य प्रदेश में निवेश करने की घोषणा की है। इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में 14,375 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। डॉ. मोहन यादव ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि निवेशकों के साथ विभिन्न सेक्टर में व्यापार एवं व्यवसाय को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र वैश्विक दृष्टि से सक्षम निवेशकों का गढ़ है, वहीं मध्य प्रदेश संभावनाओं का गढ़ है।
पूर्व में हुए निवेश एवं भविष्य की योजनाएं
मध्य प्रदेश में ढाई साल की सरकार में जीआइएस और उसके बाद के प्रयासों से अब तक 34 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक यानी लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। देश में निवेश के इच्छुक प्रमुख राज्यों में मध्य प्रदेश ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मध्य प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ साझेदारी को और मजबूत करते हुए प्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों का केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने जीआइएस- 2027 के लिए रोड शो के माध्यम से सभी निवेशकों को आमंत्रित किया है।
मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र संबंध एवं प्रधानमंत्री मोदी का योगदान
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का संबंध एक मां की दो संतान की तरह है। दोनों राज्यों की इस आत्मीयता का हमें अहसास है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो व्यक्ति एक बार मध्य प्रदेश आता है, वह यहीं का हो जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के माध्यम से गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच समन्वय स्थापित कर नर्मदा नदी के जल का लाभ दिलाया है।
प्रमुख क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि
मुंबई के इस कार्यक्रम में विशेष रूप से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों की रुचि देखने को मिली। एसीएमई ग्लोबल लगभग 47 हजार करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश में करने जा रहा है। अवाडा समूह, आईनाक्स और एयर प्रोडक्ट्स जैसे बड़े निवेशकों के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। फार्मा सेक्टर में भी इनक्यूब एथिकल सहित कई बड़ी कंपनियों ने प्रदेश में निवेश और अपने कारोबार के विस्तार की मंशा व्यक्त की है। सूचना प्रौद्योगिकी, डाटा सेंटर और केमिकल विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों की विशेष रुचि देखने को मिली है।

