इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने रेडिसन चौराहे पर यातायात जाम से राहत के लिए फ्लाईओवर निर्माण का फिजिबिलिटी अध्ययन पूरा कर लिया है। अध्ययन में एमआर-10 के समानांतर रेडिसन होटल की ओर चार लेन फ्लाईओवर को सबसे उपयुक्त पाया गया है। इस चौराहे से प्रतिदिन 1.78 लाख वाहन गुजरते हैं और भविष्य में यातायात में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। अन्य विकल्पों में मेट्रो लाइन और सीवर पाइपलाइन जैसी बाधाएं थीं। अंतिम निर्णय सड़क सुरक्षा समिति लेगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
इंदौर के आईटी पार्क फ्लाईओवर निर्माण की धीमी गति से वैकल्पिक मार्ग बदहाल हो गया है, जिस पर आधा फीट तक गहरे गड्ढे हैं। इससे रोजाना 60-70 हजार वाहन चालक प्रभावित हो रहे हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 800 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का दो साल में केवल 50% काम पूरा हुआ है। गैस पाइपलाइन और वैकल्पिक मार्ग की अनदेखी प्रमुख बाधाएं हैं। अधिकारी रात में मरम्मत और नियमित समीक्षा का दावा कर रहे हैं।
पूर्व पुलिस महानिदेशक पवन जैन ने भोपाल की कानून व्यवस्था और शहरी ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में अरेरा कॉलोनी में रिटायर्ड डीजी की कार टक्कर मामले में तीन माह बाद भी आरोपितों पर कार्रवाई न होने का जिक्र किया। जैन ने भोपाल के पॉश इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया, जिसमें एटीएस आईजी का मोबाइल छीनने और विधायक के घर चोरी जैसी घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने 35 साल पहले के ‘हरे-भरे’ भोपाल को अब कचरे और प्रदूषण का ढेर बताया, जहां बुजुर्ग और बच्चे शाम को असुरक्षित महसूस करते हैं। पूर्व डीजी ने प्रशासन की बेपरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।
इंदौर में दैनिक भास्कर ऐप का ‘भास्कर समाधान’ प्लेटफॉर्म जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। वार्ड 47 में पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया ने न्यू देवास रोड पर स्ट्रीट लाइटों की खराबी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई कर उन्हें दुरुस्त कराया, जिससे उन्हें ‘पब्लिक स्टार’ का दर्जा मिला। द्वारकापुरी में गंदगी की समस्या भी हल हुई। हालांकि, विजय नगर में एक महीने से बंद स्ट्रीट लाइट, वार्ड 77 में टेढ़े बिजली के खंभे, आयुषी फार्म कॉलोनी में सड़क और ड्रेनेज का अभाव तथा स्कीम नंबर 51 में क्षतिग्रस्त चैंबर जैसी कई शिकायतें अभी लंबित हैं। यह मंच नागरिकों को सीधे अधिकारियों से जोड़ने का कार्य करता है।
ग्वालियर में नगर निगम द्वारा 21 नवंबर 2025 से शुरू की गई नई तकनीक की पैच रिपेयरिंग का एक साल तक टिकने का दावा विफल हो गया है। नागपुर की ग्राम इंफ्राटेक कंपनी द्वारा उपयोग किया गया जिपसेट एसफाल्ट मटेरियल सड़कों पर अपनी पकड़ नहीं रख पाया। साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान होने के बावजूद टेंडर की शर्तों के मुताबिक उखड़ी हुई पैच रिपेयरिंग को दोबारा ठीक नहीं किया जा रहा है। सरस्वती नगर, बाल भवन रोड सहित 40 से अधिक सड़कों पर पैच रिपेयरिंग उखड़ गई है। नोडल अधिकारी अमित गुप्ता के अनुसार, नमी वाले स्थानों पर दिक्कत आई है और ठेकेदार को दोबारा काम करने को कहा गया है।
इंदौर में सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो संचालन जल्द ही शुरू होने वाला है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) अगले एक सप्ताह में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दूसरी बार एनओसी जारी करेंगे, जिससे कमर्शियल रन का मार्ग प्रशस्त होगा। मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने भूमिगत निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जनसुरक्षा तथा गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) लॉन्चिंग की तैयारियों की भी समीक्षा की।
अभिनेत्री सेहरीश अली ने इंदौर में सर्वाधिक होटल और फूड ब्रांड्स लॉन्च होने का कारण सुरक्षा और बेहतर माहौल बताया है। उन्होंने कहा कि शहर का खान-पान, माहौल और सुरक्षा का स्तर बहुत अच्छा है, जिससे लोग देर रात तक बेफिक्र होकर परिवार के साथ बाहर निकलते हैं। सेहरीश अली ने एक होटल के लॉन्चिंग कार्यक्रम में यह बात कही, जहां उन्होंने सुरक्षा को शहर के विकास का प्रमुख विषय बताया। उनके अनुसार, स्थानीय नागरिक अच्छे हैं और बाहर के लोग भी यहां सुरक्षित महसूस करते हैं, यही वजह है कि खान-पान और पर्यटन के बड़े ब्रांड्स इंदौर आ रहे हैं।
इंदौर में भूमिगत मेट्रो सुरंगों का निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। ‘क्षिप्रा’ और ‘नर्मदा’ नामक दो टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) एयरपोर्ट से बीएसएफ परिसर के बीच 22 मीटर गहराई में सुरंगें बनाएंगी। पहली टीबीएम इंदौर पहुंच चुकी है और इसे अगले 10 दिन में उतारा जाएगा। मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इंदौर मेट्रो की येलो लाइन 31.76 किमी लंबी है, जिसमें 12.72 किमी हिस्सा भूमिगत है। सतह पर स्थित भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक उपाय किए जा रहे हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के पांच लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को जाम से राहत दिलाने के लिए दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अलीगढ़ भी शामिल हैं, जिनके लिए 12,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। केंद्र ने कुल 83 शहरों को जाम मुक्त बनाने के लिए चिह्नित किया है, जिनमें से 3 शहरों में राजमार्ग का काम पूरा हो चुका है और 35 अन्य शहरों में रिंग रोड या बाईपास की स्वीकृति प्रक्रिया में है। चालू वित्त वर्ष में कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू होगा।
दैनिक भास्कर ऐप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट भोपाल की जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। हाल ही में, वार्ड-81 की पार्षद बबीता डोंगरे ने कोलार सिक्स लेन मार्ग की महीनों से बंद स्ट्रीट लाइटों को 24 घंटे के भीतर चालू कराकर ‘पब्लिक स्टार’ का दर्जा प्राप्त किया। इसी तरह, वार्ड-33 में नाली ओवरफ्लो की समस्या का भी समाधान किया गया। हालांकि, दानिश नगर में मृत कुत्ते, बावड़िया कलां में बड़े गड्ढे, महाराणा प्रताप नगर में कचरा जमाव और शाहपुरा के अभिनंदन पार्क में गंदगी जैसी कई शिकायतें अभी भी लंबित हैं, जिन्हें ‘भास्कर समाधान’ के माध्यम से उठाया गया है।