इंदौर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर गुरुवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। शासन ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से यातायात समस्या के समाधान का दावा किया, जिस पर न्यायालय ने 21 सितंबर तक सुनवाई बढ़ा दी। याचिकाकर्ता इंजीनियर अतुल शेठ ने कॉरिडोर के लिए तकनीकी सर्वे न होने का आरोप लगाया। वहीं, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण किया और पानी की समस्या पर अधिकारियों को दो दिन में पाइपलाइन सुधारने के निर्देश दिए। महाकाल लोक तक 91 करोड़ रुपये की 650 मीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल भी बनेगी, जिससे यातायात में सुधार होगा।
ग्वालियर का ट्रांसपोर्ट नगर, शहर की औद्योगिक और व्यापारिक रीढ़, बदहाली और मानसून में जलभराव तथा जर्जर सड़कों के गंभीर संकट से जूझ रहा है। बीते एक साल में कई बार सुर्खियों में रहने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं मिला है। इससे रोजाना 500-600 ट्रक और 1000 छोटे मालवाहक वाहनों का आवागमन प्रभावित होता है, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और लाखों के सामान का नुकसान हो सकता है। लगभग 3000 लोग प्रभावित होते हैं। पूर्व कमिश्नर के निरीक्षण के बाद शुरू हुआ नाली सफाई का काम उनके तबादले के बाद रुक गया। मुख्य सड़क का निर्माण भी एक साल से अधूरा है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।
इटली के काउंसल जनरल वॉल्टर फरेरा ने एक विशेष दल के साथ इंदौर का दौरा किया और शहर की स्वच्छता व्यवस्था व नवाचारों का अवलोकन किया। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर इंदौर के विकास मॉडल और भविष्य की परियोजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, सौर ऊर्जा और सीएनजी प्लांट सहित विभिन्न नवाचारों की जानकारी साझा की गई। इटली और इंदौर के बीच तकनीकी सहयोग तथा निवेश की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। महापौर ने बताया कि इंदौर का मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। इंदौर ने 5.46 लाख से अधिक ‘सेग्रीगेशन वाली सेल्फी’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है।
केंद्र सरकार ने मेट्रो स्टेशन के नामकरण संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब राज्य सरकारों को अपने शहरों में मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने का अधिकार मिल गया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इंदौर मेट्रो के एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। पहले केंद्र की अनुमति के बिना गजट नोटिफिकेशन में दर्ज नाम नहीं बदले जा सकते थे। इस बदलाव से इंदौर के जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकेगी, जिसमें बापट चौराहे स्टेशन का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय और गांधी नगर सहित अन्य स्टेशनों का नाम वीरांगनाओं के नाम पर रखने का सुझाव शामिल है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में ग्वालियर दो पायदान लुढ़ककर 30वें स्थान पर आ गया है, जिसे 157 अंक मिले हैं। पिछले वर्ष शहर 28वें स्थान पर था। प्रदूषण के दिनों की संख्या अधिक होने और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार न होने को गिरावट का मुख्य कारण बताया गया है, खासकर जर्जर सड़कों से उड़ती धूल के कारण। 100 करोड़ रुपये से अधिक के प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के बावजूद यह गिरावट हुई है, जिससे नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत मिलने वाले अनुदान में भी नुकसान की संभावना है।
ग्वालियर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 60 ई-बसों के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में है। रमौआ और जलालपुर स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आइएसबीटी) के दोनों डिपो का सिविल कार्य पूरा हो चुका है, और नगर निगम ने विद्युत कनेक्शन भी प्रदान कर दिया है। ग्रीन सेल मोबिलिटी के विशेषज्ञों ने डिपो का निरीक्षण कर संतुष्टि जताई है, अब चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह पहल शहरवासियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन विकल्प प्रदान करने और प्रदूषण कम करने में मदद करेगी।
भोपाल मेट्रो रेल कॉरिडोर पर ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) लागू करने की सरकारी कवायद पर संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने विरोध दर्ज कराया है। समिति ने इस प्रस्ताव की वैधानिकता, पारदर्शिता और औचित्य पर सवाल उठाए हैं। उनके प्रतिनिधियों ने विभाग से विस्तृत नक्शा और प्रभावित खसरा नंबर सार्वजनिक करने की मांग की है। समिति ने कहा कि मास्टर प्लान-2005 में इस बड़े बदलाव से शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और यातायात पर दबाव पड़ेगा। उन्होंने 2005 के प्लान में संशोधन को निरस्त कर आगामी मास्टर प्लान-2047 में सार्वजनिक परामर्श के बाद शामिल करने की मांग की है।
ग्वालियर में 211 चिह्नित जर्जर मकानों में से 105 पर कार्रवाई नगर निगम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण अटकी हुई है। निगम द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद, किराएदारों के कब्जे के चलते बेदखली नहीं हो पा रही है, जिसे जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बताया गया है। हाल के हादसों के बावजूद, शहर में 105 खतरनाक जर्जर भवन मौजूद हैं, जिनमें लश्कर और जोन 15 जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। तहसीलदार मनीष जैन ने निगम के विधिनुरूप आदेश पर प्रशासन की तत्परता का आश्वासन दिया, जबकि निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने समीक्षा और कार्रवाई का वादा किया।
इंदौर में बंगाली चौराहे से पलासिया के बीच प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो परियोजना का विरोध तेज हो गया है, जिसमें अब खजराना और बंगाली चौराहे के बीच भी अंडरग्राउंड मेट्रो चलेगी। तिलकनगर, गोयल नगर व साईंनाथ कॉलोनी के 300 से अधिक रहवासियों ने बंगाली चौराहे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुराने मकानों में दरारें आने और घरों के बोरिंग खत्म होने की आशंका जताई। उधर, नगर निगम को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत से 97.57 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ, जिसमें संपत्ति, जल और कचरा कर शामिल हैं। नागरिकों ने भारी उत्साह दिखाया, और ई-नगर पालिका पोर्टल ने भी सुचारु रूप से कार्य किया।
भोपाल में मंगलवार को दो महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े 62,500 प्रतिष्ठानों के मामले में नगर निगम की कार्रवाई रिपोर्ट और रहवासियों की आपत्तियों पर सुनवाई होगी। नगर निगम ने 5 अगस्त के आदेश के बाद 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए और 190 को बंद किया, लेकिन व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रुक गई। वहीं, एनजीटी में बड़ा तालाब-कलियासोत डैम के एफटीएल क्षेत्र में पांच दिवसीय सर्वे की रिपोर्ट पेश होगी। सर्वे में एफटीएल के भीतर निर्माण और अतिक्रमण पाए गए हैं, जिन पर एनजीटी के निर्देश अपेक्षित हैं।