इंदौर के देवास नाका चौराहे पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के चलते शुक्रवार से नया ट्रैफिक डायवर्शन लागू किया गया है। निरंजनपुर मंडी के पास खालसा चौक से चौराहे तक का 400 मीटर का हिस्सा अगले दो महीने के लिए पूरी तरह ब्लॉक रहेगा। विजयनगर/सत्यसाईं से मांगलिया जाने वाले वाहनों को न्यू लोहा मंडी रोड और एमआर-11 का उपयोग करना होगा। पुलिस ने ट्रकों को हटाने और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। लेखक मुकेश इंदौरी ने निर्माण से उत्पन्न गड्ढों की मरम्मत की मांग की है।
इंदौर-देवास बायपास पर अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर की सर्विस रोड चार माह पहले निर्माण पूरा होने के बावजूद गड्ढों से भरी है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। एनएचएआई ने मई में मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्य नहीं हुआ। वहीं, मांगलिया में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का पैदल आवागमन बाधित है, मार्ग पर कीचड़ और फिसलन से लोग गिर रहे हैं। अवैध टैंकर पार्किंग से समस्या और बढ़ी है। ग्रामीणों ने वैकल्पिक मार्ग और अवैध पार्किंग पर रोक की मांग की है।
इंदौर के लवकुश चौराहे पर डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा से यातायात शुरू होने के बाद मेट्रो ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। फ्लाईओवर से ट्रैक पर सामग्री गिरने से रोकने के लिए ब्रा स्ट्रिंग में 16 मीटर लंबी और छह मीटर ऊंची प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर इसकी ऊंचाई बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन रोड से मरीमाता जाने वाली भुजा का उद्घाटन किया था। आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, नीचे सर्विस रोड निर्माण की सुविधा और यातायात दबाव कम करने के लिए एक भुजा खोली गई है।
इंदौर विकास प्राधिकरण ने रेडिसन चौराहा पर यातायात जाम से राहत दिलाने हेतु चार लेन फ्लाईओवर के लिए विस्तृत अध्ययन पूरा किया है। अध्ययन में एमआर-10 रोड के समानांतर रेडिसन होटल की ओर 596 मीटर लंबा चार लेन फ्लाईओवर सबसे उपयुक्त पाया गया है। इसमें मेट्रो लाइन को प्रभावित किए बिना 70 मीटर का बो-स्ट्रिंग ब्रिज शामिल होगा। यह परियोजना शहर के इस महत्वपूर्ण जंक्शन पर भीड़ कम करने के लिए है, जहाँ प्रतिदिन 1.78 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे सिग्नल पर लगने वाला इंतजार कम होगा और यातायात प्रवाह तेज होगा।
इंदौर के लवकुश चौराहे पर निर्मित शहर के सबसे बड़े डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को यातायात के लिए खोल दिया। इससे उज्जैन रोड से आने वाले वाहन सीधे मरीमाता की तरफ उतर सकेंगे, जिससे लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और हजारों वाहन चालकों का समय बचेगा। आईडीए के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी डॉ. परिक्षित झाड़े ने बताया कि शेष निर्माण कार्य दो माह में पूरा होने की उम्मीद है।