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2026-10-17

इंदौर में पीएम मोदी की मिमिक्री पर भाजपा-कांग्रेस में सियासी संग्राम, कांग्रेस ने किया राहुल गांधी का बचाव

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, नई दिल्ली।

इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा ने इसे आपत्तिजनक बताया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी का बचाव किया। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखा सियासी संग्राम छिड़ गया है। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और टिप्पणियों को लेकर भाजपा के हमलों के बाद अब पूरी कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के बचाव में उतर आई है। कांग्रेस ने मिमिक्री विवाद पर भाजपा के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया और आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस ने मिलकर देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया है।

मिमिक्री विवाद का घटनाक्रम

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब इंदौर के कार्यक्रम में मंच पर मौजूद मिमिक्री आर्टिस्ट पुलकित मनी ने प्रधानमंत्री मोदी की एक रैली का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने एक बुजुर्ग महिला को बैठने के लिए कुर्सी देने को कहा था। भाजपा नेता सीआर केसवन और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसे बुजुर्ग नारी शक्ति और प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का घोर अपमान बताया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मंच पर ठहाके लगाकर असंवेदनशीलता दिखाई और नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को गिराया है।

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राहुल गांधी के कार्यक्रम में टिप्पणी

इंदौर में युवाओं से संवाद करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि भ्रष्ट व्यवस्था छात्रों से डरती है क्योंकि वे सवाल पूछते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि यह सिस्टम सवाल पूछने वाले छात्र नहीं बल्कि नफरत फैलाने वाले ‘अंधभक्त’ चाहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, संघ प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपति गौतम अडानी व मुकेश अंबानी पर विभिन्न स्तरों पर इस व्यवस्था को नियंत्रित करने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उस ‘सिस्टम’ का पर्दाफाश कर दिया है जो छात्रों की आवाज दबा रहा है। रमेश ने बताया कि यह ‘सिस्टम’ भाजपा-आरएसएस के लोग हैं, जिन्होंने देश की शिक्षा, अर्थव्यवस्था, राजनीति और हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि इन्होंने शिक्षा व्यवस्था को खोखला और भ्रष्ट बना दिया है, क्योंकि यह सिस्टम छात्रों से डरता है। रमेश के अनुसार, छात्र सवाल पूछते हैं और जवाबदेही मांगते हैं, और अब राहुल गांधी उनके साथ खड़े हैं, इसलिए छात्रों का डर खत्म हो चुका है और उनकी आवाज पूरे देश में गूंज रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए भाजपा की असहिष्णुता पर सवाल उठाए। रावत ने कहा कि राजनीति में जब आप किसी पद पर होते हैं, तो ऐसी चीजों को स्वाभाविक प्रक्रिया के रूप में स्वीकार करना पड़ता है। उन्होंने भाजपा के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया, जहां वे ऐसा बर्ताव करते हैं कि मानो उन पर एक मक्खी भी नहीं बैठनी चाहिए। रावत ने जोर दिया कि लोकतंत्र में यह समझना बेहद जरूरी है कि ऐसी बातें इस खेल का एक सहज हिस्सा हैं। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने बिल्कुल सही नस पर हाथ रख दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दिल की गहराइयों से उस सच्चाई को सामने रखा है कि वाकई यह सरकार सिर्फ अंधभक्तों की सरकार है। तिवारी ने बताया कि यह सरकार केवल अंधभक्तों को चाहती है और केवल उनके भले के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि इसे न तो युवाओं की चिंता है, न नौजवानों की और न ही छात्रों की, और राहुल गांधी ने कार्यक्रम में छात्रों के इसी दर्द को साझा किया था।