सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि इससे अन्य मंत्रियों को जवाबदेही का स्पष्ट संदेश मिलेगा और सरकार का कामकाज अधिक प्रभावी बनेगा। हजारे ने नीट परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लाखों युवाओं की चिंताओं को जनता की पीड़ा के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने संवाद को टकराव से बेहतर बताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और रचनात्मक संवाद से समाधान खोजने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ग्रामीण विकास, कृषि और सामाजिक कल्याण की प्रगति समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना जन आंदोलन बनना चाहिए, जिसकी नींव युवा होंगे। पीएम ने मंत्रालयों को मिलकर काम करने और तय समय में लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या से निपटने के लिए संस्थागत व्यवस्था और मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने खेल विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने, खेल पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक खेल केंद्र बनाने का लक्ष्य रखने की बात कही।