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राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम देने से इंदौर नगर निगम का इनकार

इंदौर नगर निगम ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम देने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत आवेदन को निरस्त कर दिया गया, जिसमें अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया है कि स्टेडियम का उपयोग केवल खेल और राष्ट्रीय आयोजनों के लिए किया जा सकता है। निगम आयुक्त ने नियमों के अध्ययन और कानूनविदों से सलाह की बात कही है। यह कार्यक्रम 12 सितंबर से टलकर अब 19 सितंबर को होगा। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है, जबकि पहले भी स्टेडियम में अन्य कार्यक्रम आयोजित हुए हैं।

उज्जैन में महाकाल सवारी मार्ग की बैठक में विवाद, व्यापारियों ने विरोध में 14 सितंबर को बैनर लगाने और 15 सितंबर को पटनी बाजार बंद रखने का निर्णय लिया

उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी मार्ग को सुंदर और एकरूप बनाने के लिए आयोजित व्यापारियों तथा रहवासियों की बैठक विवाद के साथ समाप्त हुई। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के वक्तव्य के दौरान माहौल गर्मा गया, जब व्यापारियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला और कथित धमकियों के बाद विरोध शुरू हो गया। पार्षद माया त्रिवेदी ने विधायक पर मकान तुड़वाने की धमकी देने का आरोप लगाया। इसके विरोध में व्यापारियों ने 14 सितंबर को बैनर लगाने और 15 सितंबर को पटनी बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।

इंदौर में पीएम मोदी की मिमिक्री पर भाजपा-कांग्रेस में सियासी संग्राम, कांग्रेस ने किया राहुल गांधी का बचाव

इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी संग्राम छिड़ गया है। भाजपा ने इसे आपत्तिजनक बताया, जबकि कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए भाजपा-आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज दबाने वाले ‘सिस्टम’ का पर्दाफाश किया है। अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी राहुल का समर्थन करते हुए भाजपा के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया। राहुल गांधी ने कार्यक्रम में भ्रष्ट व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

नीमच में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाने का मामला, पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण

नीमच में युवक कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाकर छात्र आंदोलन में ‘अमानवीय’ कार्रवाई का विरोध जताया। भाजपा ने इसे राजनीतिक गिरावट बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह बांगरेड़ ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने इसे कांग्रेसियों का ‘घिनौना कार्य’ बताया और कहा कि जंतर मंतर पर असामाजिक तत्व घुस आए थे।

दतिया बीजेपी कार्यकारिणी भंग: पूर्व विधायक अवधेश नायक ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप

दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने अपनी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है। इस पर पूर्व विधायक अवधेश नायक ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधा है। नायक ने मिश्रा पर 2018 में पुत्र मोह में उन्हें बदनाम करने और इंदौर में पांच साल तक केस दर्ज करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन द्वारा सबूत मांगे जाने पर मिश्रा कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाए। नायक ने संगठनात्मक कार्रवाई को भीतरघात करने वालों के लिए कड़ा सबक बताया, हालांकि निजी तौर पर उन्हें खुशी नहीं हुई। उन्होंने दतिया की जनता से आपसी रिश्ते बनाए रखने की अपील की है।

अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार

द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर कथित टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके ने पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। टीवीके की एस. बैरवी ने तंजावुर पूर्व पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। गिरफ्तारी से पहले उदयनिधि के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। द्रमुक नेता टीआर बालू ने आरोपों का खंडन किया, जबकि राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने इसे कावेरी जल विवाद से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया। तमिलनाडु भाजपा ने भी टिप्पणी की निंदा करते हुए गिरफ्तारी की मांग की है।

कावेरी रैली में उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर विवाद, टीवीके ने बताया आपत्तिजनक; भाजपा ने की गिरफ्तारी की मांग

तमिलनाडु में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की अभिनेत्री तृषा से जुड़ी एक टिप्पणी पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर एक रैली के दौरान की गई इस टिप्पणी को टीवीके विधायक रेवंत चरण ने आपत्तिजनक और अस्वीकार्य बताया है, जबकि तमिलनाडु भाजपा ने उदयनिधि की गिरफ्तारी की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु सरकार ने कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

आरटीआई कार्यकर्ता ने अभिजीत दीपके, कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ शिकायतें कीं

आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड से शिकायतें की हैं। तिवारी ने दीपके के पिता की आय से अधिक संपत्ति, सीजेपी द्वारा बिना पंजीकरण चंदा जुटाने और कपिल सिब्बल से प्राप्त 1 करोड़ रुपये के फंड की जांच की मांग की है। उन्होंने NEET आंदोलन के दौरान की गई कथित अभद्र टिप्पणियों का भी जिक्र किया। दीपके और सीजेपी ने NEET पेपर लीक मामले में छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया है, लेकिन अब कानूनी और वित्तीय विवादों में घिर गए हैं।

केरल मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की ‘बहू को पारंपरिक खाना सिखाएं’ टिप्पणी पर आलोचना

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन अपनी उस टिप्पणी को लेकर आलोचना का सामना कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने माताओं को अपनी बहुओं को पारंपरिक खाना पकाना सिखाने की बात कही थी। सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें महिला विरोधी बताया है। पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा कि ये टिप्पणियाँ केरल के स्कूली पाठ्यक्रम में प्रचारित लैंगिक समानता के मूल्यों के विपरीत हैं। लेखिका एस. सरदाकुट्टी ने इन टिप्पणियों को पितृसत्तात्मक बताया और कहा कि ये पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं के प्रति बढ़ते प्रतिरोध को नजरअंदाज करती हैं, जिसका उदाहरण उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए हालिया महिला-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों से दिया।

कैलाश विजयवर्गीय पर ‘कीड़ा’ कहने का आरोप, विधानसभा अध्यक्ष ने रिकॉर्ड में नहीं पाया शब्द

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलनकारी युवाओं को ‘कीड़ा’ कहने का आरोप लगाया। इस आरोप पर सदन में आधे घंटे तक बहस चली। कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपों का खंडन करते हुए कार्यवाही विवरण दिखाने की बात कही। बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पुष्टि की कि सदन की कार्यवाही में ‘कीड़ा’ शब्द का उपयोग नहीं हुआ था। विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया, जबकि अध्यक्ष ने सदस्यों को भविष्य के लिए सदन की कार्यवाही को लेकर गंभीर रहने की नसीहत दी।