इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी संग्राम छिड़ गया है। भाजपा ने इसे आपत्तिजनक बताया, जबकि कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए भाजपा-आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज दबाने वाले ‘सिस्टम’ का पर्दाफाश किया है। अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी राहुल का समर्थन करते हुए भाजपा के रवैये को अलोकतांत्रिक बताया। राहुल गांधी ने कार्यक्रम में भ्रष्ट व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके ने डूसू चुनाव में धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया, दावा किया कि प्रचारक लग्जरी कारों से आते हैं। उन्होंने एबीवीपी की जीत का जिक्र किया। दीपके ने विश्वविद्यालयों में आरएसएस-भाजपा के वैचारिक प्रभाव, एमपीएससी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी और आईआईटी बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कुलपति कुमुद शर्मा पर छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आरोप लगाया और एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। दीपके ने सीजेपी के “आदिवासी स्कूल ठीक करो” अभियान और चुनाव आयोग के फैसले पर भी टिप्पणी की।
सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना 25वें दिन का अनशन समाप्त करने की अपील की है, उनके स्वास्थ्य को देखते हुए। दीपके ने स्पष्ट किया कि अनशन खत्म होने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने आंदोलन के शांतिपूर्ण रहने का भरोसा दिया। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है।