बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर के खितौला में एक घर को क्लीनिक में तब्दील कर मरीजों का इलाज किए जाने का मामला सामने आया है। अनियमितताओं के चलते इस क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
जांच के दौरान क्लीनिक से छह बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर, बेबी वार्मर, खून की थैलियां, इंजेक्शन और बड़ी मात्रा में दवाएं मिलीं। इन दवाओं में कुछ सरकारी दवाएं भी शामिल थीं। टीम को एक एबॉर्शन किट भी मिली है।
यह क्लीनिक पूर्व में भी एक बार गड़बड़ी के चलते सील किया जा चुका था, लेकिन बाद में कार्यप्रणाली में सुधार के बाद प्रशासन ने इसे दोबारा संचालित करने की अनुमति दे दी थी। अनेक शिकायतें और गड़बड़ियां मिलने के बाद इसे दोबारा सील किया गया है।
सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को अवगत करा दिया गया था। उनके निर्देश पर क्लीनिक संचालक पर एफआईआर दर्ज की गई है।
यह क्लीनिक बिना नाम और बिना किसी बोर्ड के प्रकाश गुप्ता के मकान में किराए से संचालित हो रहा था।
बीएमओ डॉ. अर्शिया खान और तहसीलदार सुमित गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने सूचना के आधार पर क्लीनिक की जांच की। जांच के दौरान प्रीति केवट क्लीनिक संचालित करती मिलीं।
कार्रवाई के समय कुछ मरीज भी वहां मौजूद थे, जिनसे पूछताछ के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया।
जांच में क्लीनिक का कोई पंजीयन या संचालक की मेडिकल डिग्री से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। टीम ने पंचनामा तैयार कर मौके से मिली सामग्री जब्त की और क्लीनिक को सील कर दिया।
बीएमओ डॉ. अर्शिया खान ने बताया कि एबॉर्शन किट मिली है, लेकिन मौके पर एबार्शन किए जाने से संबंधित कोई तथ्य नहीं मिला है।
यह क्लीनिक लगभग दो महीने से घर में संचालित किया जा रहा था।

