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जबलपुर के खितौला में अवैध क्लीनिक सील, सरकारी दवाएं और एबॉर्शन किट मिली

जबलपुर के खितौला में एक घर में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को सील कर दिया गया है। जांच के दौरान यहां छह बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर, सरकारी दवाएं और एक एबॉर्शन किट मिली। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी के निर्देश पर क्लीनिक संचालक प्रीति केवट पर एफआईआर दर्ज की गई। क्लीनिक बिना पंजीयन और संचालक की मेडिकल डिग्री के बिना करीब दो महीने से चल रहा था। टीम ने मौके से सामग्री जब्त कर क्लीनिक को सील कर दिया, हालांकि एबॉर्शन किए जाने का कोई तथ्य नहीं मिला।

जबलपुर: भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में सील आरके एक्स-रे सेंटर खुलवाने का कथित विधायक पर दबाव

जबलपुर में एक जनप्रतिनिधि कथित रूप से स्वास्थ्य विभाग पर सील आरके एक्स-रे सेंटर को फिर से खुलवाने का दबाव बना रहे हैं, जिसे भ्रूण लिंग परीक्षण के गंभीर मामले के कारण बंद किया गया था। मालवीय चौक स्थित यह सेंटर 27 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद सील किया गया था। विधायक कथित तौर पर केवल एक्स-रे सुविधा फिर से खोलना चाहते हैं, लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है। जिले के आठ में से सात विधायक विभाग की कार्रवाई से सहमत हैं। छापे के दौरान रोगी रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गई थीं।

नर्मदापुरम: मीना फ्रैक्चर अस्पताल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा और इलाज में लापरवाही का दोषी, लाइसेंस रद्द करने का नोटिस जारी

नर्मदापुरम में मीना फ्रैक्चर अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत निरामयम योजना में वित्तीय अनियमितता और मरीज के इलाज में लापरवाही का दोषी पाया है। विभाग ने अस्पताल को लाइसेंस रद्द करने का नोटिस जारी किया है और आयुष्मान योजना से उसकी पात्रता तत्काल निरस्त करने की अनुशंसा की है। यह कार्रवाई रेखा अहिरवार की शिकायत के बाद हुई, जिसमें डॉक्टर ए.एस. मीना और अन्य पर लापरवाही का आरोप था। जांच दल ने अवैध रूप से पैसे लेने और सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने की पुष्टि की।

धार: सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में राजनीतिक वीडियो बनाने पर सीएचओ की सेवा समाप्ति की अनुशंसा

धार जिले के बाग विकासखंड स्थित कांकड़वा उप स्वास्थ्य केंद्र की कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) किरण भाटिया का एक राजनीतिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद गहरा गया है। वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर टिप्पणी की थी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीएचओ को सेवा से पृथक करने की अनुशंसा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को भेजी है। भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद सीएचओ ने वीडियो हटाकर खेद व्यक्त किया है। अंतिम निर्णय एनएचएम द्वारा लिया जाएगा।