बुलंद सोच, बालाघाट।

कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उन्हें 14 से 20 सितंबर तक कार्य से मुक्त रखा जाएगा।
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में कुल 16 विभागीय हाथी हैं, जिनमें नौ नर, छह मादा और एक नवजात हाथी शामिल हैं। इन हाथियों का उपयोग वन्यजीव संरक्षण, गश्ती, वन्यजीव अनुश्रवण और ट्रांसलोकेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता है।
इस शिविर के दौरान हाथियों को आराम, बेहतर आहार, स्वास्थ्य परीक्षण और सामाजिक व्यवहार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाएगा। सभी हाथियों को एक साथ रहने, खाने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगा।
शिविर में विशेष आहार के साथ वन्यजीव चिकित्सक द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। हाथियों के रक्त, फीकल और मूत्र के नमूने लेकर आवश्यक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
शिविर के दौरान हाथियों को सुबह जंगल से लाकर नहलाया जाएगा, उनके शरीर और पैरों की मालिश की जाएगी। दोपहर में महावत और चाराकटरों के साथ खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शाम को भोजन के बाद हाथियों को दोबारा जंगल में छोड़ा जाएगा।
इस शिविर में महावतों और चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे हाथियों के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा हाथियों के संरक्षण और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह पुनर्यौवन कैंप लगातार 16 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है।
एनजीटी का निर्देश
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कहा है कि आबादी, मंदिर और सरकारी निर्माण से 500 मीटर के दायरे में क्रशर नहीं चलेगा।

