ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की दूसरी सवारी निकाली गई। अवंतिकानाथ चंद्रमौलेश्वर और मनमहेश रूप में नगर भ्रमण पर निकले। इस बार बीमार श्यामू हाथी के स्थान पर मादा हाथी सुमा ने पहली बार सवारी में भाग लिया, जिससे 46 साल से चली आ रही रामू-श्यामू हाथी परिवार की सेवा समाप्त हो गई। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने पूजन कर सवारी को रवाना किया। सवारी परंपरागत मार्गों से शिप्रा तट पहुंची, जहां जलाभिषेक हुआ। 5 किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर 4 घंटे तक भक्ति का उल्लास छाया रहा, जिसमें 15 से अधिक दल और 1200 जवान शामिल थे।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क जंगली हाथियों का नया ठिकाना बन गया है, जहां 70 से अधिक हाथी पिछले आठ सालों से रह रहे हैं। छत्तीसगढ़ और झारखंड से आए इन हाथियों ने पार्क की जैव विविधता को समृद्ध किया है, जबकि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में ये चुनौती बने हुए हैं। विशेषज्ञ बांधवगढ़ में ‘प्रोजेक्ट एलिफेंट’ शुरू करने की वकालत कर रहे हैं ताकि हाथियों की सुरक्षा हो सके और हाथी-मानव द्वंद्व समाप्त हो। यह प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों को शिक्षित करने, रोजगार सृजित करने और वन्यजीवों के संरक्षण में सहायक होगा।
भगवान महाकाल की 10 अगस्त को निकलने वाली श्रावण मास की दूसरी सवारी में श्यामू हाथी अपनी सेवा का एक दशक पूरा करेगा। श्यामू 2016 में पहली बार शामिल हुआ था। सवारी वाले दिन वह सुबह से उपवास रखेगा, मंदिर रवाना होने से पहले फलाहार करेगा, जिसमें ककड़ी, तरबूज, केले और पपीता शामिल हैं। महाकाल मंदिर पहुंचने पर उसकी पीठ पर चांदी का हौदा सजाया जाएगा। श्यामू के मालिक श्रवण गिरी महाराज ने बताया कि कुछ लोगों ने उसे शहर से बाहर भेजने का षड्यंत्र किया था, लेकिन उसे सेवा का अवसर फिर मिला।
भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) देहरादून मध्य प्रदेश में मानव-हाथी द्वंद्व पर तीन वर्षीय अध्ययन करेगा। यह अध्ययन बांधवगढ़ और संजय गांधी टाइगर रिजर्व में हाथियों के व्यवहार और मूवमेंट को समझने के लिए होगा, जिससे संभावित संघर्षों का पूर्वानुमान लगाया जा सके। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को चार माह में मानव-हाथी संघर्ष से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन बनाने के निर्देश भी दिए हैं। अक्टूबर 2024 में बांधवगढ़ में दस हाथियों की मौत के बाद भी गाइडलाइन नहीं बनी थी। एक अन्य घटना में बलरामपुर में हाथी दांत के साथ तीन गिरफ्तार हुए।
इंदौर के धार रोड स्थित नए जिला अस्पताल पर गंभीर सवाल उठे हैं। करीब 83 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ बने इस अस्पताल में हाथी के हमले में घायल ऑटो चालक विजय होलकर को कथित तौर पर उपचार नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने उन्हें एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया और आधे घंटे तक एंबुलेंस व स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया, जिससे घायल अस्पताल परिसर में तड़पता रहा। बाद में निजी अस्पताल में उपचार के दौरान विजय होलकर की मौत हो गई। परिजनों ने आर्थिक सहायता और मामले की जांच की मांग की है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के अनुसार, घायल का प्रारंभिक उपचार निजी अस्पताल में हुआ था।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की पहल पर इंसान और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए एक राज्यवार मास्टर प्लान तैयार किया गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा दो साल के अध्ययन के बाद तैयार की गई यह रिपोर्ट 20-25 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित है। इसका मुख्य लक्ष्य प्रतिवर्ष होने वाली लगभग 600 मानवीय और 120 हाथी मौतों को लगभग शून्य तक लाना है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को सर्वाधिक संवेदनशील राज्य चिह्नित किया गया है, जहाँ 100 हॉटस्पॉट हैं। यह योजना टकराव के बाद मुआवजा देने के बजाय पहले से रोकथाम पर केंद्रित है।
इंदौर में एक रिक्शा चालक को कुचलने वाले हाथी के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। महावत रामजी और मालिक संदीप निर्मोही ने उज्जैन में हाथी का पंजीयन और उज्जैन-हैदराबाद के बीच का ट्रांजिट पास प्रस्तुत किया, लेकिन हाथी को बिना अनुमति पैदल नांदेड़ से इंदौर लाया गया था। वन विभाग अब महावत और मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करेगा। पीड़ित को आश्रम की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी गई थी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को वन्यजीव संरक्षण, विशेषकर मानव-हाथी संघर्ष के मामलों के लिए सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य के आग्रह पर इसके लिए चार माह का समय दिया। अगली सुनवाई छह माह बाद होगी। यह निर्देश रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की याचिका पर आया, जिसमें छत्तीसगढ़ से आने वाले जंगली हाथियों द्वारा फसल नष्ट करने, मकानों को नुकसान पहुंचाने और जनहानि का आरोप लगाया गया था।
मध्य प्रदेश में जंगली जानवरों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरकार को 4 सप्ताह के भीतर फसल क्षतिपूर्ति मुआवजे के लिए एक औपचारिक गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया है, यह कहते हुए कि आर्थिक बोझ केवल किसानों पर नहीं डाला जा सकता। यह मामला 2018 से लंबित एक जनहित याचिका से जुड़ा है। अदालत ने छत्तीसगढ़ के ‘हाथी मित्र’ ऐप और तमिलनाडु के ‘अलर्ट सिस्टम’ जैसे सफल मॉडलों का अध्ययन करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की फसल और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रहें। इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट ने भोपाल मेट्रो मुआवजे पर सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
इंदौर के चंदननगर के राजनगर में शनिवार शाम एक हाथी के हमले में 49 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक विजय पुत्र लक्ष्मणराव होलकर की मौत हो गई। विजय हाथी को गुड़ खिला रहा था, तभी बेकाबू हाथी ने उसे सूंड में लपेटकर पटका और छाती पर पैर रख दिया। गंभीर रूप से घायल विजय को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने हाथी के महावत उमेश पुत्र ब्रजभान गोस्वामी को हिरासत में लिया है।