पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में एक कथित अवैध रिसॉर्ट पर बंदूकधारी निजी गार्डों की तैनाती सामने आई है। वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार और उनकी पत्नी हिमानी सरद द्वारा निर्मित इस रिसॉर्ट को वन विभाग ने अवैध घोषित किया है, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगभग 15 दिन पहले रिसॉर्ट के पास ही चीतल का शिकार हुआ था, जिसने सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने कोर क्षेत्र में हथियारों की मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की है। पन्ना टाइगर रिजर्व में 2009 में बाघविहीन होने के बाद अब 80 से अधिक बाघ हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बर्ड वाचिंग के लिए निकले तीन लोगों का बाघिन से महज चार-पांच फुट की दूरी पर अचानक सामना हो गया। यह घटना पतौर परिक्षेत्र की गंजरहा बीट में हलफल नदी के किनारे हुई। शाम के समय जब वे नदी से गुजर रहे थे, तो ताजे पगमार्क देखने के बाद अचानक बाघिन सामने आ गई और दहाड़ लगाई। सब कुछ दस सेकंड में हुआ। पाँच साल बीत जाने के बाद भी यह घटना उनकी यादों में जीवंत है, जो जंगल में सतर्कता और प्रकृति के सम्मान का संदेश देती है।
मध्य प्रदेश ने बाघ संरक्षण में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिससे राज्य में बाघों की संख्या बढ़कर 785 हो गई है। पारंपरिक जंगल छोटे पड़ने लगे हैं और बाघ नए इलाकों में भी देखे जा रहे हैं। बाघों को ‘पुजारी’, ‘मिस्टर इंडिया’ और ‘मौसी मां’ जैसे अनोखे नाम दिए गए हैं, जो पर्यटकों के बीच उनकी पहचान बढ़ाते हैं। मां से बिछड़े शावकों को जंगल में दोबारा बसाने का ‘रिवाइल्ड’ मॉडल सफल रहा है, जिससे 20 से अधिक शावकों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है। दो नए टाइगर रिजर्व भी बनाए गए हैं और निगरानी बढ़ाई गई है।