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कान्हा टाइगर रिजर्व के 16 हाथी एक सप्ताह कार्यमुक्त रहेंगे

कान्हा टाइगर रिजर्व के 16 विभागीय हाथियों को 14 से 20 सितंबर तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए कार्यमुक्त रखा जाएगा। इस एक सप्ताह के पुनर्यौवन शिविर में हाथियों को विशेष आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, मालिश और सामाजिक गतिविधियों का अवसर मिलेगा। वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन हाथियों के रक्त, फीकल और मूत्र के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। यह शिविर लगातार 16 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महावतों और चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाता है।

रातापानी टाइगर रिजर्व के ईको-सेंसिटिव ज़ोन में 90 ईंट भट्ठे, NGT ने निगरानी तंत्र पर उठाए सवाल

रातापानी टाइगर रिजर्व के ईको-सेंसिटिव ज़ोन में 90 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जिस पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने निगरानी तंत्र की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। एनजीटी ने रायसेन कलेक्टर, डीएफओ और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवैध भट्ठों के खिलाफ चार सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ये भट्ठे 2017 की अधिसूचना के तहत प्रतिबंधित हैं और इनके पास आवश्यक अनुमतियाँ नहीं हैं।

भोपाल रेलवे स्टेशन पर गंदगी: एनजीटी के निर्देश पर 10.06 लाख रुपये का जुर्माना

भोपाल रेलवे स्टेशन पर गंदगी के मामले में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में 10.06 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि का आकलन पेश किया है। एनजीटी पीठ ने रेलवे को इस राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है और जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। संयुक्त समिति की रिपोर्ट में भोपाल रेलवे स्टेशन पर कचरा प्रबंधन में कई खामियां सामने आई हैं, जिनमें चोक नालियां और खुले कचरा भंडारण स्थल शामिल हैं।

17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में बायोमेडिकल कचरा निपटान नियमों का उल्लंघन: एनजीटी को सीपीसीबी की रिपोर्ट

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को सूचित किया है कि 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बायोमेडिकल कचरे के ‘डीप बरीअल’ निपटान नियमों का पालन नहीं हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 9,178 में से केवल 5,715 स्वास्थ्य केंद्र ही मानकों के अनुरूप पाए गए, जिनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सभी संबंधित केंद्र शामिल हैं। सीपीसीबी ने उल्लंघन करने वाले राज्यों को आठ सप्ताह का समय दिया है, जिसके बाद पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई हो सकती है। एनजीटी ने सीपीसीबी को अगली सुनवाई, जो 28 अक्तूबर 2026 को है, से पहले प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

उज्जैन के छह सप्तसागरों का पानी स्नान योग्य नहीं: एनजीटी

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उज्जैन के पवित्र सप्तसागरों में सीवेज प्रदूषण पर सख्ती दिखाई है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच एनजीटी ने पाया कि सात में से छह प्रमुख कुंडों का पानी स्नान योग्य नहीं बचा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इन जलाशयों में फीकल कोलीफार्म और टोटल कोलीफार्म की मात्रा केंद्रीय मानकों से अधिक है, जो सीवेज की मौजूदगी का संकेत देती है। एनजीटी ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उज्जैन नगर निगम आयुक्त को 30 दिनों के भीतर जल गुणवत्ता सुधारने तथा प्रदूषण फैलाने वालों से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने के निर्देश दिए हैं।

उज्जैन के 6 सप्तसागरों का पानी स्नान योग्य नहीं, एनजीटी ने 30 दिन में सुधार के निर्देश दिए

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सेंट्रल जोन बेंच ने उज्जैन के सप्तसागरों की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई है। अधिकरण के अनुसार, गोवर्धन सागर, विष्णु सागर, पुरुषोत्तम सागर, क्षीर सागर, रुद्र सागर और पुष्कर सागर सहित छह सागरों का पानी स्नान योग्य नहीं है, फिर भी श्रद्धालु इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों के लिए कर रहे हैं। एनजीटी ने इसे श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और आस्था से सीधा खिलवाड़ बताया।

एनजीटी का बड़ा तालाब अतिक्रमण पर अल्टीमेटम, एसडीएम-तहसीलदार होंगे जिम्मेदार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बड़ा तालाब, कालियासोत और केरवा डैम में अतिक्रमण के मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय की है। एनजीटी ने वेटलैंड, एफटीएल और प्रतिबंधित क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और तहसीलदार पर डाली है। कार्रवाई में देरी पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से जवाब देना होगा। एनजीटी ने सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर तीन सप्ताह के भीतर सभी अवैध निर्माणों की सूची और हटाए गए अतिक्रमण का विस्तृत ब्यौरा शपथपत्र के साथ पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 31 अगस्त को है।

कलियासोत वेटलैंड में मड रैली पर पुलिस कार्रवाई, 10 वाहन जब्त, चालकों पर एफआईआर

कलियासोत बांध क्षेत्र में वेटलैंड की पर्यावरणीय संवेदनशीलता की अनदेखी कर मड रैली और स्टंट करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। रातीबड़ पुलिस ने 10 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं और संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। 26 जुलाई को हुए इस घटनाक्रम में कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर वाहनों से कीचड़ साफ कर पहचान छिपाने का प्रयास किया। पर्यावरणविद् राशिद नूर खान ने बताया कि यह घटना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के जनवरी 2020 के आदेश की अवहेलना है, जिसमें वेटलैंड क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी।

भोपाल में प्राकृतिक संपदा संरक्षण की जिम्मेदारी बंटी; तेलंगाना और कर्नाटक में अलग अथॉरिटी, 5 साल तक जेल का प्रावधान

भोपाल, जिसे झीलों का शहर कहा जाता है, गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है, जहाँ तालाबों, पहाड़ियों और हरित क्षेत्रों पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। इसके विपरीत, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों ने तालाब संरक्षण के लिए अलग प्राधिकरण स्थापित किए हैं और नियम तोड़ने वालों के लिए 5 साल तक की जेल का प्रावधान किया है। भोपाल में प्राकृतिक संपदा के संरक्षण की जिम्मेदारी विभिन्न एजेंसियों में बंटी हुई है, जिससे समन्वय की कमी और कार्रवाई में जिम्मेदारी तय न हो पाने की समस्या है।

बड़े तालाब अतिक्रमण मामले में एनजीटी की फटकार, अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने भोपाल के बड़ा तालाब में अतिक्रमण और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर सरकार व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। एनजीटी ने छह वर्षों से मामले के लंबित होने और वेटलैंड क्षेत्र का सीमांकन न होने पर आपत्ति व्यक्त की है, जिससे अवैध निर्माणों को संरक्षण मिलने की आशंका है। न्यायाधिकरण ने इसे गंभीर विषय बताते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा है। भोपाल नगर निगम ने अतिक्रमणों की मौजूदगी स्वीकार की है। एनजीटी ने नगर निगम और कलेक्टर को एफटीएल व बफर जोन के अतिक्रमणों को हटाने और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।