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2026-10-17

केतन हत्याकांड: पुलिस ने आरोपियों के 1801 चैट डेटा किए रिकवर, सिया ने चैटजीपीटी पर तलाशे ‘पति की मौत के बाद दुख का नाटक’ के तरीके

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मुंबई।

पुणे के लोहगढ़ किले की चट्टान से घाटी में गिरकर हुई केतन अग्रवाल की मौत एक साधारण हादसा नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से रचा गया एक भयानक षड्यंत्र था। यह खुलासा पुणे पुलिस द्वारा दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट से हुआ है। इस मामले में पुलिस ने सिया गोयल, उसके साथी चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ डिजिटल सबूत इकट्ठा किए हैं।

डिजिटल साक्ष्य और ऑनलाइन खोज

पुलिस ने आरोपियों के 1801 चैट का डेटा रिकवर कर लिया है, जिसमें व्हाट्सएप से डिलीट की गई 11 बहुत महत्वपूर्ण बातचीत भी शामिल हैं। साइबर फॉरेंसिक टीम ने इसके अलावा चैटजीपीटी पर की गई 81 सर्च, व्हाट्सएप पर 367, इंस्टाग्राम पर 248, स्नैपचैट पर 128 और बायोमी व फेसबुक जैसे अन्य ऐप्स के डेटा की भी गहन जांच की है। सिया ने चैटजीपीटी और इंटरनेट पर पुलिस से बचने के लिए कई चीजें सर्च की थीं। सिया ने यह भी सर्च किया था कि सास से भावनात्मक माफी कैसे मांगें और पति का गुस्सा कैसे शांत करें। पति की मौत के बाद दुख का नाटक कैसे रचा जाए और संवेदनाएं कैसे जताई जाएं, इसकी सलाह सिया ने सीधे चैटजीपीटी से मांगी थी। हत्या के बाद समाचार पत्रों में खबरें किस तरह छपती हैं और क्या पुलिस सचमुच मिटाई गई चैट ढूंढ सकती है, इसकी भी जानकारी गूगल पर तलाशी गई थी।

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साजिश की तैयारी

पुलिस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून को जिस स्थान से केतन को नीचे घाटी में धकेला गया, उस जगह की रेकी सिया ने काफी दिन पहले ही कर ली थी। 31 मई को वह केतन को लोहगढ़ घुमाने ले गई थी और वहां बने बांध के पानी तथा कुदरती नजारों को देखने के बहाने उसने केतन को चट्टान के बिल्कुल किनारे पर खड़ा कर दिया और पीछे से अलग-अलग कोणों से उसकी तस्वीरें लीं। पुलिस को पूरा संदेह है कि हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए ही यह पूरी तैयारी की जा रही थी। 14 जून को भी सिया ने उसे लोहगढ़ से नीचे धकेलने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उसकी योजना सफल नहीं हो पाई थी।

आपराधिक प्रेरणा और शोध

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस पूरी साजिश को रचते समय ‘बदला’, ‘इत्तेफाक’, ‘हिट: द फर्स्ट केस’ और ‘चोर निकल के भागा’ जैसी सस्पेंस और अपराध पर आधारित फिल्मों का सहारा लिया गया था। लोगों के दिमाग से खेलकर उन्हें गुमराह कैसे किया जाए, इससे जुड़े पॉडकास्ट भी सुने गए थे। साल 2025 में लोहगढ़ में ही हुई एक पर्यटक की मौत की घटना और मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड की विस्तृत जानकारी आरोपियों ने इंटरनेट पर पढ़ी थी। इस अपराध की जड़ तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 9,200 वीडियो खंगाले, जिससे पता चला कि घटना के समय वहां मौजूद अन्य पर्यटकों के कैमरों में भी ये आरोपी कैद हो गए थे।

केतन की परेशानियां और सिया के लिए योजनाएं

चार्जशीट में दर्ज गवाही के अनुसार, घटना से एक महीने पहले 16 मई को केतन अपनी एक पुरानी महिला दोस्त के घर गया था। उसने अपनी उस दोस्त के सामने अपना दर्द बयां किया था कि सिया को शराब की लत लग चुकी है, वह उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाती है और उसने अपनी पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी झूठ बोला है। एक तरफ जहां सिया के दिमाग में हत्या की योजना चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ केतन उसके जन्मदिन के लिए बड़े आयोजन की तैयारी कर रहा था। 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए उसने महाबलेश्वर के एक बड़े होटल में 25 कमरे और एक प्राइवेट स्विमिंग पूल बुक किया था। इसके लिए 3 लाख रुपये का खर्च आने वाला था और केतन ने 50 हजार रुपये अग्रिम भी दे दिए थे। व्हाट्सएप पर ‘जून 19 बर्थडे सेलिब्रेशन’ नाम से एक खास ग्रुप भी बनाया गया था। हालांकि, जिसने उसके लिए इतनी बड़ी तैयारी की थी, उसकी 18 जून को लोहगढ़ से गिरकर मौत होने के बाद सिया उसके अंतिम दर्शन के लिए भी नहीं पहुंची।