बुलंद सोच, खरगोन।

प्रदेश के सागर में जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने बुधवार तड़के अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण के ठिकानों पर एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की।
यह कार्रवाई मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम सोमाखेड़ी और आसपास के इलाकों में एक साथ दबिश देकर की गई। इस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और आबकारी अमले की टीमें मौके पर पहुंचीं।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की सर्चिंग के लिए ड्रोन कैमरे का भी उपयोग किया गया। ड्रोन कैमरे की मदद से उन स्थानों की पहचान करने में सहायता मिली, जहां झाड़ियों या अन्य जगहों पर महुआ लहान छिपाकर अवैध शराब तैयार की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में अवैध शराब से जुड़े 23 प्रकरण धारा 34(1)(क)(च) के तहत दर्ज किए गए हैं। टीम ने विभिन्न ठिकानों से कुल 320 लीटर कच्ची हाथभट्टी शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 48 हजार रुपए बताई गई है।
इसके अतिरिक्त, अवैध शराब निर्माण के लिए तैयार किया गया लगभग 15,200 किलोग्राम (15.20 टन) महुआ लहान भी टीम को मिला। इस लहान की अनुमानित कीमत करीब 15.20 लाख रुपए आंकी गई है, जिसे पुलिस और आबकारी विभाग ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले संसाधन भी जब्त किए गए।
तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई के कारण क्षेत्र में अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। इस कार्रवाई को सागर में हाल ही में सामने आए जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को लेकर बरती जा रही सख्ती के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस-प्रशासन का वर्तमान फोकस ऐसे ठिकानों को चिह्नित कर वहां बनने वाली कच्ची शराब की आपूर्ति पर रोक लगाने पर है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन ग्रामीण अनुराग और डीआईजी निमाड़ रेंज सिमाला प्रसाद के निर्देशों के तहत कलेक्टर गुरु प्रसाद और एसपी रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में की गई।
इसमें मंडलेश्वर टीआई पंकज तिवारी, महेश्वर टीआई जगदीश गोयल, करही टीआई राजेंद्र इंगले सहित तीनों थानों का पुलिस बल और इंदौर सहित जिला आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

