भोपाल में जिला आबकारी टीम ने मंगलवार को एक कार्रवाई के दौरान ढाबा संचालक के घर से 55 लीटर अवैध शराब जब्त की। संचालक ने शराब को पलंग के नीचे बने भूमिगत चैंबर और फ्रिज में छिपा रखा था। टीम ने झगरिया खुर्द निवासी रानी बाई लौवंशी, सूर्या ढाबा संचालक नितेश त्यागी और बबलू डोंगरे सहित तीन आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी, जिसके तहत विभिन्न ढाबों और अन्य स्थानों पर दबिश दी गई।
राजा रघुवंशी के भाई सचिन और विपिन रघुवंशी को इंदौर में अवैध रूप से शराब परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राऊ पुलिस ने कैट रोड स्थित उनके ‘राजा भोज’ ढाबे पर छापा मारा, जहाँ बिना लाइसेंस ग्राहकों को शराब पिलाई जा रही थी। उन पर आबकारी एक्ट और बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि उन्होंने कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। उन्हें शांति भंग करने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में भी गिरफ्तार कर एसीपी निधि सक्सेना की कोर्ट में पेश किया गया। ढाबे के तीन कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र के ग्राम सकरी में अवैध शराब की सूचना पर सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। हवलदार राजेश परते किसी तरह निकलकर थाने पहुंचे, जिसके बाद भारी पुलिस बल ने दूसरे हवलदार पृथ्वीराज को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तिलवारा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया और पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। पुलिस बिना अनुमति जांच के लिए जाने वाले जवानों की भी जांच कर रही है।
मुरैना के दिमनी कस्बे में 20 दिन पहले एक्सपायर हो चुकी शराब आधे दाम पर बेची जा रही है, जिससे अन्य कस्बों से भी लोग इसे खरीदने आ रहे हैं। जहां एक पउआ 70-75 रुपये में बिकता है, वहीं दिमनी में 40 रुपये में या 100 रुपये में तीन पउए मिल रहे हैं। यह मामला तब सामने आया है जब एक माह पहले आबकारी अधिकारी को एक्सपायर शराब ठेकों पर भेजने के आरोप में निलंबित किया गया था। इस बिक्री से स्वास्थ्य जोखिम और सरकारी अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
महिलाओं ने छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र के मोयारी गांव में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक मिसाल पेश की। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग की विफलता के बावजूद, अपनी एकजुटता और साहस से अवैध शराब ले जा रही एक बोलेरो गाड़ी को पकड़ा, जिससे शराब तस्करों के मंसूबे विफल हो गए। ग्रामीणों ने इस घटना के बाद सरकार के ‘नशा मुक्ति अभियानों’ को दिखावा बताया और पुलिस व आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह घटना समाज के लिए प्रेरणा है और प्रशासन को भी इससे सीख लेकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान करती है।
भोपाल में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विदेशी शराब की अवैध सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मुख्य सरगना पति-पत्नी राहुल उर्फ रवि यादव और प्रीति यादव सहित चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने 552.75 लीटर बिना लेबल वाली अवैध विदेशी शराब, एक थार सहित चार लग्जरी कारें और एक स्कूटी जब्त की, जिनकी कुल कीमत 60 लाख रुपये से अधिक है। यह गिरोह अरेरा कॉलोनी और चार इमली जैसे पॉश इलाकों की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में शराब सप्लाई करता था। शराब आगरा और ग्वालियर के रास्ते लाई जाती थी।
भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर आधी रात को गोलीबारी हुई। शराब तस्कर हेमंत ने 500 रुपये एडवांस लेकर शराब न देने और 400 रुपये की रकम वापस न करने पर अमन मिर्जा (22) को गोली मार दी। अमन के हाथ में गोली लगी, जिसके बाद आरोपित अपने साथियों सहित फरार हो गया। शाहजहांनाबाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर हेमंत की तलाश शुरू कर दी है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।