मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में शनिवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद जहरीली शराब पीने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद होगी। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंडा क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया है और सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। कलेक्टर ने लक्षणों वाले लोगों से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र संपर्क करने की अपील की है। विधायक और नेता प्रतिपक्ष ने पीड़ितों से मुलाकात की। एक भाजपा नेता पर शराब आपूर्ति का आरोप है।
बड़वानी पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसमें 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 370.6 लीटर अवैध शराब और 9,100 किलोग्राम महुआ लहान जब्त कर नष्ट किया। वहीं, रतलाम पुलिस ने लगभग 100 ग्राम एमडी मादक पदार्थ की जब्ती के बाद मामले की जांच के सिलसिले में बड़वानी पहुँचकर कुछ संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस मादक पदार्थ के स्रोत और पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है। सागर जहरीली शराब कांड के बाद उमरिया में भी आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है।
इंदौर जिले में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए महू गांव की सुपरसिटी कॉलोनी स्थित एक बंद मकान पर छापा मारा। मुखबिर की सूचना पर 9 सितंबर की सुबह की गई इस कार्रवाई में मकान नंबर 28-डी से 26 पेटी अवैध शराब जब्त की गई। इसमें मसाला और प्लेन शराब शामिल थी, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब एक लाख 17 हजार रुपये है। विभाग आगे की जांच में जुटा है।
खरगोन जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण के ठिकानों पर बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के सोमाखेड़ी और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और आबकारी अमले ने दबिश दी। कार्रवाई में ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया। कुल 23 प्रकरण दर्ज किए गए, 320 लीटर कच्ची हाथभट्टी शराब जब्त की गई और लगभग 15,200 किलोग्राम महुआ लहान मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई सागर जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब पर सख्ती का हिस्सा है।
सागर जिले में जहरीली शराब का कहर जारी है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। हाल ही में, बंडा विधानसभा क्षेत्र के पंचायत सचिव अजय लोधी (30) का बीएमसी सागर में उपचार के दौरान निधन हो गया। जहरीली शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी। करीब एक दर्जन लोग अभी भी बीएमसी के आईसीयू में भर्ती हैं। पुलिस और प्रशासन अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है, जिसमें मकानों को ध्वस्त करना और कथित फार्मूला देने वाले आरोपी रवि लखेरा की गिरफ्तारी शामिल है।
सागर जहरीली शराबकांड के फरार आरोपी शिवांजय राजपूत (21) को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह कठुआ नाला के पास जंगल से अपने गांव छापरी पहुंच रहा है। पुलिस की घेराबंदी के दौरान शिवांजय ने गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। शिवांजय पर 30 हजार रुपये का इनाम था और वह मुख्य आरोपी चंदू का रिश्तेदार है। इस मामले में अब तक 33 आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें 19 गिरफ्तार हो चुके हैं। मुख्य आरोपियों रवि लखेरा, मनीष लोधी और चंदू की भूमिकाएं भी सामने आई हैं, जिनके अवैध निर्माणों पर कार्रवाई भी की गई है।
बालाघाट में बच्चों की बीमारी से हुई मौतों के बाद काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पीड़ितों से मुलाकात की और इंटरनेट मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक इस्तीफा पोस्ट किया। उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए सेवा में विफलता स्वीकार की। उनके दौरे पर कथित इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा सवाल उठाने से विवाद खड़ा हो गया। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने इसे निंदनीय बताया और इन्फ्लुएंसर्स को प्रायोजित कहा।
भोपाल में जिला आबकारी टीम ने मंगलवार को एक कार्रवाई के दौरान ढाबा संचालक के घर से 55 लीटर अवैध शराब जब्त की। संचालक ने शराब को पलंग के नीचे बने भूमिगत चैंबर और फ्रिज में छिपा रखा था। टीम ने झगरिया खुर्द निवासी रानी बाई लौवंशी, सूर्या ढाबा संचालक नितेश त्यागी और बबलू डोंगरे सहित तीन आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी, जिसके तहत विभिन्न ढाबों और अन्य स्थानों पर दबिश दी गई।
राजा रघुवंशी के भाई सचिन और विपिन रघुवंशी को इंदौर में अवैध रूप से शराब परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राऊ पुलिस ने कैट रोड स्थित उनके ‘राजा भोज’ ढाबे पर छापा मारा, जहाँ बिना लाइसेंस ग्राहकों को शराब पिलाई जा रही थी। उन पर आबकारी एक्ट और बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि उन्होंने कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। उन्हें शांति भंग करने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में भी गिरफ्तार कर एसीपी निधि सक्सेना की कोर्ट में पेश किया गया। ढाबे के तीन कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है।