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मध्य प्रदेश बनेगा ड्रोन उद्योग का प्रमुख केंद्र, ग्वालियर में क्लस्टर तो भोपाल आइसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य को ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। बुधवार को एक राउंड टेबल बैठक हुई, जिसमें ग्वालियर में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एंड टेस्टिंग क्लस्टर और आइसर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलाजी आधारित सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर चर्चा हुई। आइसर भोपाल के सेंटर के लिए ₹85.51 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है, जो अनुसंधान और व्यावसायीकरण पर केंद्रित होगा। सरकार का लक्ष्य कुशल मानव संसाधन तैयार करना और रोजगार के अवसर पैदा करना भी है, जिसमें कई कंपनियों ने साझेदारी में रुचि दिखाई है।

इंदौर में खतरनाक वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित होंगे, 21 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

इंदौर में दिल्ली की तर्ज पर खतरनाक वाहन चलाने वालों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई है। यातायात बाधित करने और जान जोखिम में डालने वाले चालकों को अब अदालत से जमानत लेनी होगी। न्यूनतम छह महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाएगा और ₹3,000 का आर्थिक दंड भी भरना होगा। गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है। यातायात पुलिस के अनुसार, अब तक 12 प्रकरणों में 21 वाहन चालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान और ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से निगरानी की जा रही है।

खरगोन में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 15.20 टन महुआ लहान नष्ट

खरगोन जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण के ठिकानों पर बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के सोमाखेड़ी और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और आबकारी अमले ने दबिश दी। कार्रवाई में ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया। कुल 23 प्रकरण दर्ज किए गए, 320 लीटर कच्ची हाथभट्टी शराब जब्त की गई और लगभग 15,200 किलोग्राम महुआ लहान मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई सागर जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब पर सख्ती का हिस्सा है।

भारतीय सेना 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदेगी, 20,000 फीट तक पहुंचाएंगे हथियार-राशन

भारतीय सेना चीन और पाकिस्तान सीमा पर तैनात जवानों के लिए 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदने जा रही है। ये ड्रोन 20,000 फीट की ऊंचाई तक हथियार, राशन और दवाइयां पहुंचाने में सक्षम होंगे। यह पहल सियाचिन, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। सेना ने खरीद के लिए RFI जारी की है और ड्रोन विभिन्न ऊंचाई, तापमान और 10-20 किमी की दूरी पर काम कर सकेंगे। इनमें GPS, NavIC और एंटी-जैमिंग जैसी आधुनिक तकनीकें होंगी, जिससे सैन्य अभियानों की दक्षता बढ़ेगी।

जेन टेक्नोलॉजीज ने भारत का पहला स्वदेशी मैन-पोर्टेबल एंटी-ड्रोन सिस्टम पेश किया

रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज ने करगिल विजय दिवस के अवसर पर भारत का पहला स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड मैन-पोर्टेबल एंटी-ड्रोन सिस्टम (एमपीएडीएस) लॉन्च किया है। कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में दुश्मन के ड्रोनों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए बनाया गया है। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आधारित ड्रोन डिटेक्टर और डेटा फ्यूजन एवं कमांड सेंटर लगा है, जिससे ऑपरेटर तुरंत कार्रवाई का निर्णय ले सकते हैं। यह प्रणाली भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूत करेगी और सीमावर्ती सैनिकों को हवाई खतरों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगी।