शनिवार सुबह बमनाला से त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए एक अनूठी ‘डाक कांवड़’ यात्रा रवाना हुई, जिसमें 150 से अधिक कांवड़िए शामिल थे। ये शिवभक्त 400 किलोमीटर का सफर 36 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य लेकर निकले हैं। यात्रा में 30 बाइक सहित 40 वाहन शामिल हैं। पिछले 14 वर्षों से आयोजित हो रही यह यात्रा अब क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का हिस्सा बन चुकी है। खरगोन शहर में श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। कांवड़ियों ने त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया है, और उनका मानना है कि भगवान शिव की भक्ति उन्हें यह चुनौती पूरी करने की शक्ति देगी।
खरगोन के भगवानपुरा विकासखंड स्थित वन ग्राम धरमपुरी का डोंगल्यापानी गांव दशकों बाद भी विकास से वंचित है। यहां ग्रामीण उफनती कुंदा नदी को जान जोखिम में डालकर पार करने को विवश हैं। पुल और सड़क के अभाव में मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए खटिया या कपड़े की झोली का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों को पीपलझोपा पहुंचने के लिए एक ही नदी को पांच बार पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पुल और सड़क निर्माण के लिए कई बार ज्ञापन दिए हैं, लेकिन स्थिति यथावत है। एसडीओ आरईएस के अनुसार, पुल निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।
महेश्वर स्थित ऐतिहासिक अहिल्या किले से छलांग लगाकर 45 वर्षीय लक्ष्मी हरभजन सिंह चंदेल ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसमें घरेलू विवाद की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले महिला किले में घूम रही थी। वहीं, खरगोन में अहिरखेड़ा चौकी पुलिस ने गोवंश तस्करी के एक मामले में तीन गोवंश मुक्त कराए और वाहन जब्त किया। चालक व वाहन मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
महेश्वर के अहिल्या किले के चबूतरे से छलांग लगाने के बाद एक 46 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतिका की पहचान स्थानीय निवासी लक्ष्मी, पत्नी हरभजन सिंह चंदेल के रूप में हुई है। यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 8:30 बजे घटित हुई। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, महिला घटना से पहले किले परिसर में मिठाई का पैकेट लेकर घूम रही थी। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है।
खरगोन दंगा मामले में सत्र न्यायालय द्वारा 11 मुस्लिम आरोपियों को बरी किए जाने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मध्य प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अप्रैल 2022 में रामनवमी हिंसा के अगले ही दिन जिला प्रशासन ने पांच मुस्लिम बहुल इलाकों में 16 मकानों और 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। रमेश ने इस कार्रवाई को कानून के शासन और संविधान का घोर अपमान बताया, साथ ही प्रभावितों के लिए मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस मुद्दे का समर्थन किया है।
मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से भारी बारिश थमने के कारण मानसून सुस्त पड़ गया है। मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून पुनः सक्रिय होगा और कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। प्रदेश में अब तक औसतन 404.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत की कमी है, हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
मध्य प्रदेश में 4 और 5 अगस्त से भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, विशेषकर उत्तर और पूर्वी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में राजस्थान पर बना निम्न दाब क्षेत्र और मानसूनी द्रोणिका मौसम को प्रभावित कर रही हैं, जिससे अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। प्रदेश के 43 जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा वाले हैं, जबकि जून और जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाली बारिश से इस कमी को कुछ हद तक पूरा होने का अनुमान है।
खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों, जयंत वर्मा और लक्की सोनगर, की मौके पर मौत हो गई। कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर के बाद बाइक में आग लग गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, खंडवा के मूंदी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को 14 वर्षीय किशोर कान्हा की कुएं में डूबने से मौत हो गई। शनिवार सुबह उसका शव कुएं से निकाला गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। खरगोन के गोगावां में 200 मिमी और बुरहानपुर में 150 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। नदियां उफान पर हैं, और ताप्ती नदी बुरहानपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खंडवा में बांध के गेट खोले गए और सिंचाई परियोजना के पाइप उखड़ गए। खरगोन में फसलें जलमग्न हो गईं और तेज बहाव में बहने से एक 19 वर्षीय युवक लापता है, जबकि उसका साथी सुरक्षित निकल आया। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
खरगोन में 2022 की रामनवमी पर हुए सांप्रदायिक तनाव से जुड़े एक मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय ने 11 आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायाधीश मुकेश नाथ ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास, आरोपितों की पहचान न हो पाना और एफएसएल रिपोर्ट में दावों की पुष्टि न होने के कारण सभी को संदेह का लाभ दिया गया। 10 अप्रैल 2022 को हुई इस घटना में बलवा, पथराव और आगजनी के आरोप थे।