खरगोन जिले में पुलिस ने अवैध ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई की हैं। कोतवाली पुलिस ने एक कार से 70 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया, जो महाराष्ट्र जा रहे थे। इनमें एक आरोपी जिला बदर भी है। दूसरी कार्रवाई में, चैनपुर पुलिस ने एक बाइक सवार आरोपी से 10 हस्तनिर्मित पिस्तौल जब्त कीं। दोनों ही मामलों में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
खरगोन जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण के ठिकानों पर बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के सोमाखेड़ी और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और आबकारी अमले ने दबिश दी। कार्रवाई में ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया। कुल 23 प्रकरण दर्ज किए गए, 320 लीटर कच्ची हाथभट्टी शराब जब्त की गई और लगभग 15,200 किलोग्राम महुआ लहान मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई सागर जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब पर सख्ती का हिस्सा है।
मालवा-निमाड़ को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से जोड़ने वाली मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल परियोजना के तहत डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) से ग्यासपुरखेड़ी तक 72.66 किलोमीटर लंबे रेलखंड के लिए लगभग 4930.91 करोड़ रुपये का ईपीसी ई-टेंडर जारी किया गया है। मध्य रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा जारी इस टेंडर के तहत निर्माण कार्य अनुबंध आवंटन के चार वर्ष में पूरा होगा। इसमें 25 बड़े पुल, सात स्टेशन और चार आरओबी प्रस्तावित हैं। ऑनलाइन बोली प्रक्रिया 4 फरवरी 2027 से शुरू होगी, जिसकी अंतिम तिथि 18 फरवरी 2027 है। किसानों ने परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसे 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
खरगोन जिले में मानसून के दौरान औसत से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, फिर भी छोटे और बड़े जलाशयों में 87 प्रतिशत जलभराव है। देजला देवाड़ा, अपरवेदा और साटक बांध पिछले एक महीने से ओवरफ्लो हो रहे हैं, जिससे सिंचाई और पेयजल में राहत मिली है। भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, इस सीजन में 759.46 मिमी बारिश हुई है। कृषि विभाग ने रबी सीजन के लिए 3.77 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा है, जिसमें गेहूं की बुवाई में कमी और चने के क्षेत्रफल में वृद्धि का अनुमान है। हालांकि, गर्मी में पहाड़ी इलाकों में पेयजल संकट की आशंका है।
शनिवार सुबह बमनाला से त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए एक अनूठी ‘डाक कांवड़’ यात्रा रवाना हुई, जिसमें 150 से अधिक कांवड़िए शामिल थे। ये शिवभक्त 400 किलोमीटर का सफर 36 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य लेकर निकले हैं। यात्रा में 30 बाइक सहित 40 वाहन शामिल हैं। पिछले 14 वर्षों से आयोजित हो रही यह यात्रा अब क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का हिस्सा बन चुकी है। खरगोन शहर में श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। कांवड़ियों ने त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया है, और उनका मानना है कि भगवान शिव की भक्ति उन्हें यह चुनौती पूरी करने की शक्ति देगी।
खरगोन के भगवानपुरा विकासखंड स्थित वन ग्राम धरमपुरी का डोंगल्यापानी गांव दशकों बाद भी विकास से वंचित है। यहां ग्रामीण उफनती कुंदा नदी को जान जोखिम में डालकर पार करने को विवश हैं। पुल और सड़क के अभाव में मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए खटिया या कपड़े की झोली का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों को पीपलझोपा पहुंचने के लिए एक ही नदी को पांच बार पार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पुल और सड़क निर्माण के लिए कई बार ज्ञापन दिए हैं, लेकिन स्थिति यथावत है। एसडीओ आरईएस के अनुसार, पुल निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।
महेश्वर स्थित ऐतिहासिक अहिल्या किले से छलांग लगाकर 45 वर्षीय लक्ष्मी हरभजन सिंह चंदेल ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसमें घरेलू विवाद की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से पहले महिला किले में घूम रही थी। वहीं, खरगोन में अहिरखेड़ा चौकी पुलिस ने गोवंश तस्करी के एक मामले में तीन गोवंश मुक्त कराए और वाहन जब्त किया। चालक व वाहन मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
महेश्वर के अहिल्या किले के चबूतरे से छलांग लगाने के बाद एक 46 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतिका की पहचान स्थानीय निवासी लक्ष्मी, पत्नी हरभजन सिंह चंदेल के रूप में हुई है। यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 8:30 बजे घटित हुई। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, महिला घटना से पहले किले परिसर में मिठाई का पैकेट लेकर घूम रही थी। पुलिस परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है।
खरगोन दंगा मामले में सत्र न्यायालय द्वारा 11 मुस्लिम आरोपियों को बरी किए जाने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मध्य प्रदेश सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अप्रैल 2022 में रामनवमी हिंसा के अगले ही दिन जिला प्रशासन ने पांच मुस्लिम बहुल इलाकों में 16 मकानों और 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। रमेश ने इस कार्रवाई को कानून के शासन और संविधान का घोर अपमान बताया, साथ ही प्रभावितों के लिए मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस मुद्दे का समर्थन किया है।
मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से भारी बारिश थमने के कारण मानसून सुस्त पड़ गया है। मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मानसून पुनः सक्रिय होगा और कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। प्रदेश में अब तक औसतन 404.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत की कमी है, हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।