मऊगंज (रीवा)।
पर्यावरण सरंक्षण, ईंधन बचत और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए मऊगंज के नए कलेक्टर संजय कुमार जैन (IAS, 2015 बैच) ने पटाखा फाश कर एक प्रेरणादायक कदम उठाया। 5 अगस्त 2025 को उन्होंने अपने निवास से सीधे साइकिल द्वारा कार्यालय की यात्रा की—जिसकी शुरुआत रीवा संभाग के डिविजन आयुक्त बाबू सिंह जामोद द्वारा शुरू किए गए ‘Tuesday‑Bicycle Day’ अभियान के तहत की गई थी |
अभियान की ठीकरेदार रूपरेखा
- प्रारंभ तिथि: 5 अगस्त 2025 से
- लागू क्षेत्र: रीवा संभाग के अंतर्गत सभी जिलों (रीवा, सतना, सिड़ी, सिंगरौली, मयहर, बेहोड़ी, मऊगंज) के अधिकारी व कर्मचारियों पर अनिवार्य नहीं, लेकिन प्रेरित करने वाले अभियान रूप में लागू The Times of India।
- प्रतिवर्ष मंगलवार: सभी अधिकारियों व स्टाफ को साइकिल से कार्यालय आने का आग्रह
- परिवर्ती विकल्प:
- मौसम खराब (बारिश, तेज गर्मी) होने पर ई‑स्कूटी या ई‑रिक्षा उपयोग करने की अनुमति
- दूरी, स्वास्थ्य, या अन्य कारणों से साइकिल न ले पानें वालों के लिए official vehicle pooling का सुझाव |
मऊगंज में प्रशासनिक पहल
कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मंगलवार को अपने निजी निवास से साइकिल द्वारा कार्यालय की यात्रा की। उनके साथ निज सहायक पंकज श्रीवास्तव, कार्यालय रीडर और अन्य स्टाफ सदस्य भी शामिल थे। कार्यालय परिसर में पहुंचकर उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस पहल को नियमित रूप से अपनाने की अपील की।
कलेक्टर का संदेश:
“अगर हम दुनिया में बढ़ रहे पर्यावरण असंतुलन और ईंधन संकट को देखें, तो यह आवश्यक है कि हम अपना योगदान दें। साइकिल से आने से न केवल हमारा स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि ईंधन की बचत भी होगी और हम अपनी धरती को कुछ राहत दे सकेंगे।”
उन्होंने स्थानीय जनता से भी यह अपील की कि इस नैतिक जिम्मेदारी को अपनाएँ ताकि आगे चलकर छोटे‑छोटे बदलाव बड़ा असर दिखा सकें।
पहल के लाभ और संदेश
- स्वास्थ्य लाभ: रोजाना व्यायाम के रूप में साइकिल चलाना हृदय स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देता है।
- ईंधन में बचत: निजी वाहनों की बजाय साइकिल पर निर्भरता कम ईंधन संकट से निजात दिलाएगी।
- पर्यावरण संरक्षण: वाहन प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे वायु गुणवत्ता बेहतर होगी।
- सामाजिक सन्देश: साइकिल को वापस सामान्य जीवन का हिस्सा बनाने की कोशिश—बच्चे, युवा और आमजन भी इससे प्रेरित हो सकते हैं।
संचालन एवं नीतिगत दिशा
- रीवा संभाग आयुक्त बाबू सिंह जामोद की ओर से जारी सरकारी आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह पहल स्वैच्छिक है लेकिन अभ्यस्त करने योग्य है।
- वरिष्ठ अधिकारियों को सुझाव दिया गया है कि वे अपने विभाग में साइकिल पार्किंग और बाइक शेयरिंग सिस्टम को प्रोत्साहित करें।
- महिला कर्मचारियों, स्वास्थ्य समस्याओं वाले, या लंबी दूरी तय करने वाले कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक विकल्प भी सुनिश्चित किए गए हैं |
भविष्य की राह
- लंबे समय तक यह अभियान चलकर रीवा संभाग में स्थायी स्वास्थ्य और ईंधन संरक्षण संस्कृति स्थापित कर सकता है।
- स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक कार्यक्रमों में साइकिल रैली या बाइक रैली जैसी गतिविधियाँ भी जोड़ी जा सकती हैं। इससे आम लोगों के बीच जागरूकता और सहभागिता बढ़ेगी।
- जिला और संभाग स्तर पर ‘ग्रीन ऑफिसेस’ का दर्जा देने जैसे नवाचार भी सामने आ सकते हैं।
कलेक्टर संजय कुमार जैन की यह पहल—जहाँ वे खुद साइकिल से कार्यालय पहुँचे—ना केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि रीवा संभाग में सतत विकास और पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस शुरुआत है। यदि पूरी प्रशासनिक मशीनरी और आम जनता इसमें साथ दें, तो यह अभियान निश्चित ही बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होगा।


