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2026-10-17

मोहन भागवत ने कहा: अब कटने और बंटने के दिन गए, 1947 जैसी त्रासदी देश में फिर कभी नहीं होगी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि अब देश में कटने और बंटने के दिन समाप्त हो गए हैं और 1947 जैसी त्रासदी देश में फिर कभी नहीं होगी। उन्होंने यह बात शुक्रवार देर शाम उज्जैन से इंदौर आने पर पंतवैध कॉलोनी स्थित सुदर्शन भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनुभवशाला के लोकार्पण के अवसर पर संबोधित करते हुए कही।

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संघ की विशिष्टता

डॉ. भागवत ने कहा कि पूरी दुनिया और निकट के इतिहास में संघ जैसा कोई संगठन या कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने संघ को एक अनोखा संगठन बताया, जिसके जैसा कोई और नहीं है। सरसंघचालक ने यह भी कहा कि परिस्थिति के अनुसार बदलने की क्षमता वाले संघ में कुछ बातें अपरिवर्तनीय हैं, और इसे समझने के लिए अनुभव की आवश्यकता है।

अनुभवशाला का महत्व

डॉ. भागवत के अनुसार, संघ को जानने के लिए अनुभवशाला एक अच्छा प्रयोग है। उन्होंने इस शाला को ‘गागर में सागर’ के समान बताया। उन्होंने कहा कि संघ का अनुभव किसी भी संघ कार्यक्रम में तीन-चार दिन साथ रहकर प्राप्त किया जा सकता है, और अनुभवशाला से यह बात समझ में आती है कि संघ जानने और समझने लायक है।

अनुभवशाला का निर्माण

डॉ. भागवत ने बताया कि संघ को समझने के लिए लोग कार्यालय आते हैं, जहां कार्य का वातावरण समझ में आता है। यह अनुभवशाला संघ का प्रत्यक्ष दर्शन कराती है। शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित अनेक कार्यक्रमों और संपर्क-संवाद के माध्यम से समाज का एक बड़ा वर्ग संघ की सौ वर्ष की तपस्या यात्रा से परिचित हुआ है। इसी भावना के साथ डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति के सुदर्शन भवन में संघ अनुभवशाला का निर्माण किया गया है।

लोकार्पण समारोह

इस अवसर पर संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, इंदौर विभाग संघचालक मुकेशजी मोढ और स्मारक समिति के अध्यक्ष ईश्वर हिंदुजा उपस्थित थे। शाला के निर्माणकर्ताओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन हेडगेवार स्मारक समिति के उमेश वर्मा ने किया, जबकि आभार समिति के सचिव राकेश यादव ने व्यक्त किया।

प्रदर्शनी अवलोकन

इस प्रदर्शनी का नि:शुल्क अवलोकन 27 सितंबर को सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक किया जा सकता है।