आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 25 अगस्त 2026 से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा पर रहेंगे। सूत्रों के अनुसार यह जानकारी मिली है, जिसकी पुष्टि आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने सोशल मीडिया पर की। डॉ. भागवत भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े स्थानीय संघों और संगठनों के निमंत्रण पर यह विदेश यात्रा करेंगे। यह यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चल रहे शताब्दी वर्ष के अवसर पर हो रही है। उनकी यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और IIMUN के संस्थापक ऋषभ शाह के बीच संवाद हुआ। गंभीर मुद्दों पर चर्चा के बाद, दोनों ने अपनी बातचीत और प्रश्नोत्तर सत्र का समापन वायरल ‘क्लॉक इट’ जेस्चर के साथ किया। यह हल्का-फुल्का और यादगार पल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया, जिसने कार्यक्रम के अंत में विशेष ध्यान आकर्षित किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को मुंबई में इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) द्वारा आयोजित युवा नेतृत्व सम्मेलन में भाग लेंगे। वे जेन-जी और जेन-अल्फा से नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और विश्व को एकजुट करने में भारत की भूमिका पर संवाद करेंगे। यह सम्मेलन आईआईएमयूएन के वार्षिक चैम्पियनशिप सम्मेलन की 15वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसमें देश के 100 से अधिक शहरों से 2,000 से अधिक छात्र शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में जेन जी और जेन अल्फा छात्रों से लोकतंत्र व राष्ट्रनिर्माण के मुद्दे पर संवाद करेंगे। यह इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस की 15वीं वर्षगांठ का सबसे बड़ा युवा सम्मेलन है, जिसमें 100 शहरों से 2000 से अधिक छात्र जुटेंगे। भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए ‘संघ परिवार’ से किशोरों को धमकियां देना बंद करने को कहा। उन्होंने सत्तारूढ़ व्यवस्था पर युवा प्रदर्शनकारियों के प्रति विरोधी रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।