राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने मालवा प्रांत में मार्च अगले वर्ष से संगठनात्मक बदलाव करने जा रहा है। वर्ष 2009 में इंदौर और उज्जैन संभागों को मिलाकर मालवा प्रांत का गठन किया गया था। इस बदलाव के बाद ‘प्रांत प्रचारक’ के स्थान पर ‘संभाग प्रचारक’ का पद होगा। यह निर्णय पांच माह पूर्व हरियाणा में हुई आरएसएस की बैठक में लिया गया था। संघ का ध्यान अब युवा और सोशल इंजीनियरिंग पर केंद्रित है। इस पुनर्गठन के बाद प्रदेश में 11 संभाग होंगे, जिससे नए पदाधिकारी बनेंगे और उनके संपर्क बढ़ेंगे। इंदौर और उज्जैन संभागों के लिए अलग कार्यालय संचालित होंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को मुंबई में इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) द्वारा आयोजित युवा नेतृत्व सम्मेलन में भाग लेंगे। वे जेन-जी और जेन-अल्फा से नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और विश्व को एकजुट करने में भारत की भूमिका पर संवाद करेंगे। यह सम्मेलन आईआईएमयूएन के वार्षिक चैम्पियनशिप सम्मेलन की 15वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसमें देश के 100 से अधिक शहरों से 2,000 से अधिक छात्र शामिल होंगे।
अधिवक्ता शीराज कुरैशी की पुस्तक ‘इन सपोर्ट ऑफ यूसीसी-एमपी’ समान नागरिक संहिता विधेयक के विधानसभा में पेश होने के बाद चर्चा में है। कुरैशी का दावा है कि यह पुस्तक संविधान की मूल भावना और अनुच्छेद 44 के आलोक में यूसीसी की आवश्यकता और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों के पदाधिकारी कुरैशी ने 2006 से इस विषय पर अध्ययन किया है। पुस्तक में मुस्लिम समाज में यूसीसी को लेकर प्रचलित भ्रांतियों पर चर्चा की गई है, और यह न्याय तथा समानता की अवधारणा को मजबूत करती है। इसका अंग्रेजी संस्करण प्रकाशित हो चुका है।