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2026-10-17

मध्य प्रदेश में बीएच नंबर वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी, भोपाल में पंजीयन 2700 पार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में भारत सीरीज (बीएच नंबर) वाली गाड़ियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। दिसंबर 2022 तक पूरे प्रदेश में केवल 625 बीएच वाहन पंजीकृत थे, जबकि अब प्रदेश में इनकी संख्या 8 हजार से अधिक होने का अनुमान है।

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भोपाल में बीएच पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि

अकेले भोपाल आरटीओ में वर्ष 2024-25 में 2,788 बीएच वाहनों का पंजीयन हुआ। वर्ष 2022-23 में यह संख्या 460 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 1,707 और वर्ष 2024-25 में 2,788 हो गई। इस प्रकार, दो साल में भोपाल में बीएच पंजीयन लगभग 6 गुना बढ़ा है।

अन्य प्रमुख शहरों में बीएच वाहनों की स्थिति

इंदौर में भी करीब 2,200 से 2,500 बीएच वाहन होने का अनुमान है। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में इनकी संख्या लगभग 400 से 600 के बीच बताई जा रही है। खरगोन, धार, सागर, रीवा और सिंगरौली में अनुमानित रूप से 20 से 100 के बीच बीएच वाहन हैं।

बीएच नंबर के लिए पात्रता मानदंड

बीएच नंबर की मांग मुख्य रूप से उन कर्मचारियों में है, जिनका नौकरी के कारण एक राज्य से दूसरे राज्य में तबादला होता रहता है। केंद्र और राज्य सरकार, रक्षा, बैंकिंग तथा चार या उससे अधिक राज्यों में कार्यालय रखने वाली निजी कंपनियों के पात्र कर्मचारी इसका लाभ ले सकते हैं। आम वाहन मालिक केवल इच्छा के आधार पर बीएच नंबर नहीं ले सकता, इसके लिए निर्धारित पात्रता जरूरी है।

बीएच नंबर के प्रमुख लाभ

बीएच नंबर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दूसरे राज्य में वाहन ले जाने पर दोबारा पंजीयन की परेशानी कम होती है। नौकरी के कारण राज्य बदलने पर वाहन का पंजीयन जारी रखने में सुविधा मिलती है और टैक्स भी निर्धारित अंतराल पर जमा करने की सुविधा मिलती है। बीएच सीरीज में टैक्स जमा करने का शुरुआती अंतराल 2 वर्ष है, जिसके बाद अगला चरण 4 वर्ष और उसके बाद 6 वर्ष का होता है।

बीएच नंबर की मांग में वृद्धि के कारण

बीएच नंबर की मांग बढ़ने के प्रमुख कारणों में ट्रांसफर वाली नौकरी में राज्य बदलने पर सुविधा, दूसरे राज्य में वाहन के पुनः पंजीयन की कम जरूरत और चरणबद्ध तरीके से मोटर वाहन टैक्स जमा करने की सुविधा शामिल हैं। यह केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए उपयोगी है, तथा बैंक, रक्षा और निजी क्षेत्र के पात्र कर्मचारियों में इसकी मांग बढ़ रही है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में ट्रांसफरेबल कर्मचारियों की संख्या ज्यादा होने से इसकी मांग अधिक है।

आरटीओ भोपाल का बयान

आरटीओ भोपाल के जितेंद्र शर्मा ने बताया कि बीएच सीरीज की सुविधा पात्र वाहन मालिकों के लिए है। नौकरी के कारण दूसरे राज्यों में स्थानांतरण होने वाले कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल में बीएच सीरीज के वाहनों के पंजीयन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

बीएच नंबर का फॉर्मेट

बीएच नंबर का फॉर्मेट इस प्रकार है: पहले पंजीयन वर्ष (जैसे 23), फिर भारत सीरीज (बीएच), उसके बाद वाहन नंबर (जैसे 1234) और अंत में अक्षरों की सीरीज (जैसे एए)। उदाहरण के लिए, एक बीएच नंबर 23 बीएच 1234 एए हो सकता है।

मध्य प्रदेश में कुल वाहन पंजीयन

मध्य प्रदेश में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 1.79 करोड़ है, जो उपलब्ध राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार है। इनमें 80.41 प्रतिशत दो पहिया वाहन, 6.85 प्रतिशत चार पहिया वाहन, 1.45 प्रतिशत तीन पहिया वाहन, 7.42 प्रतिशत हल्के मोटर वाहन और 2.01 प्रतिशत भारी वाहन हैं।

वाहन पंजीयन के सामान्य रुझान

वाहन पंजीयन के रुझानों के अनुसार, जनवरी 2026 में 12 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हुए। फरवरी से अगस्त 2026 के ज्यादातर महीनों में 10 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए। अक्टूबर 2025 में लगभग 25 हजार के करीब सबसे बड़ा पंजीयन उछाल देखा गया। नवंबर 2024 में लगभग 17.5 हजार और दिसंबर 2024-25 में लगभग 8 हजार पंजीयन हुए।

वाहन लेनदेन के सामान्य रुझान

वाहन ट्रांजेक्शन के रुझानों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में लगभग 2 लाख ट्रांजेक्शन हुए। जनवरी 2026 में 1.2 लाख, फरवरी 2026 में 90 हजार, मार्च 2026 में 88 हजार, अप्रैल 2026 में 98 हजार, मई 2026 में 92 हजार, जून 2026 में 98 हजार, जुलाई 2026 में 1.03 लाख और अगस्त 2026 में 95 हजार ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए।