बुलंद सोच, मुंबई।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कोंकण के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित सावंतवाड़ी रोड के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू की गई है। मध्य रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, नई ट्रेन सेवा का उद्घाटन गुरुवार को किया गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोपहर 12:50 बजे सीएसएमटी से उद्घाटन विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
उद्घाटन विशेष ट्रेन संख्या 01001 दोपहर 12:50 बजे सीएसएमटी से रवाना हुई और अगले दिन सुबह दो बजे सावंतवाड़ी रोड पहुंची।
मध्य रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन दादर, ठाणे, पनवेल, पेण, रोहा, माणगांव, वीर, खेड, चिपलूण, सावर्डा, अरावली रोड, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, अडावली, वालिवडे, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, नांदगांव रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग और कुडाल स्टेशनों पर रुकेगी।
ट्रेन में एक वातानुकूलित प्रथम श्रेणी कोच, दो वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी कोच, तीन वातानुकूलित तृतीय श्रेणी कोच, चार स्लीपर कोच और चार सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक द्वितीय श्रेणी सीटिंग-सह-गार्ड ब्रेक वैन और एक जनरेटर वैन भी उपलब्ध होगी।
मध्य रेलवे ने बताया कि मुंबई और दक्षिण कोंकण के बीच सीधी दैनिक रेल सेवा की लंबे समय से मांग थी।
इस नई ट्रेन से खास तौर पर कणकवली, कुडाल और सावंतवाड़ी जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा।
रेलवे के अनुसार, इस सेवा से व्यापारियों और पर्यटकों को भी सुविधा होगी, जिससे सावंतवाड़ी, आंबोली और तारकर्ली के साथ-साथ गोवा सीमा से जुड़े पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
नई ट्रेन के शुरू होने से लोकमान्य तिलक टर्मिनस और दादर से कोंकण के लिए चलने वाली अन्य ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
मध्य रेलवे ने यह भी बताया कि नियमित सेवा के समय और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा अलग से की जाएगी।
बीएमसी के कनिष्ठ अभियंता और कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक कनिष्ठ अभियंता और एक कर्मचारी को कथित तौर पर एक बेकरी मालिक से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों में से एक के पास से आय से अधिक और बिना हिसाब की 2.78 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी भी बरामद की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनिष्ठ अभियंता नीरवकुमार चुनिलाल जैसुर (43) और नगर निगम कर्मचारी विजय रमेश पाटिल (46) के रूप में हुई है। दोनों अंधेरी पश्चिम स्थित बीएमसी के के/पश्चिम वार्ड कार्यालय में तैनात थे।
एसीबी के अनुसार, 50 वर्षीय शिकायतकर्ता बेकरी का कारोबार चलाता है। आरोप है कि पाटिल ने बेकरी का कारोबार सुचारू रूप से चलने देने और प्रतिष्ठान के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं करने के बदले अपने और जैसुर के लिए 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर कारोबारी ने बुधवार को मुंबई इकाई के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान पाटिल ने दोबारा 70 हजार रुपये की मांग की और शिकायतकर्ता की मुलाकात अपने वरिष्ठ अधिकारी जैसुर से कराई।
पुलिस के मुताबिक, बातचीत के बाद जैसुर रिश्वत की रकम घटाने पर सहमत हुआ और इसे 60 हजार रुपये तय किया गया।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने के/पश्चिम वार्ड कार्यालय में जाल बिछाया। टीम ने पाटिल को शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने जैसुर को उसके कार्यालय से हिरासत में ले लिया।
बाद में तलाशी के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने पाटिल के पास से 40,820 रुपये नकद बरामद किए। उसके बैग से 2,37,600 रुपये की अतिरिक्त नकदी भी मिली।
जांचकर्ताओं ने जैसुर के पास से दो मोबाइल फोन और पाटिल के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे जांच जारी है।
वेतन नहीं मिलने पर खदान कर्मचारी ने चुराए डेटोनेटर, गिरफ्तार
एक कोयला खदान कर्मचारी ने वेतन नहीं मिलने से नाराज होकर कार्यस्थल से कथित तौर पर तीन मोबाइल फोन और दो जीवित डेटोनेटर चुरा लिए और चंद्रपुर से ट्रेन के जरिए नागपुर पहुंच गया। पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान छत्तीसगढ़ के बालोद निवासी राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा (35) के रूप में हुई है। उसने पुलिस को बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण उसने चोरी की।
एक अधिकारी के अनुसार, लकड़गंज पुलिस ने उसे आजमशाह चौक पर एक मोबाइल फोन बेचने की कोशिश करते समय पकड़ लिया।
विश्वकर्मा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की वरोरा स्थित कोयला खदान में काम करता था। उसने पुलिस को बताया कि ठेकेदार ने उसका वेतन नहीं दिया था। इससे नाराज होकर उसने ठेकेदार के तीन मोबाइल फोन चुरा लिए और खदान परिसर से दो डेटोनेटर भी लेकर फरार हो गया।
इसके बाद वह इन जीवित विस्फोटकों को लेकर चंद्रपुर से ट्रेन के जरिए नागपुर पहुंचा।
बम खोजी और निष्क्रिय करने वाले दस्ते ने दोनों डेटोनेटर को निष्क्रिय कर दिया। आतंकवाद निरोधक दस्ते की एक टीम ने भी लकड़गंज पुलिस थाने का दौरा किया और मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

