राज्य मंत्रिपरिषद ने 1758 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विदिशा-भोपाल फोर लेन मार्ग को मंगलवार को स्वीकृति दे दी है। एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक ईश्वर चंदेले के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। यह मार्ग 44.83 किमी लंबा और 30 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें तीन बायपास भी शामिल हैं। इससे दूरी और समय कम होगा, सफर सुरक्षित बनेगा, व्यापारियों और मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली के पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 12 से 15 अगस्त तक पार्सल बुकिंग और हैंडलिंग पर रोक रहेगी। नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल और दिल्ली सराय रोहिल्ला पर लोडिंग-अनलोडिंग भी नहीं की जाएगी। इस प्रतिबंध का सीधा असर भोपाल से दिल्ली की ओर पार्सल भेजने वालों पर पड़ेगा। भोपाल रेलवे स्टेशन और रानी कमलापति स्टेशन से प्रतिदिन लगभग दो हजार पार्सल बुक होते हैं, जिनमें दिल्ली एक प्रमुख गंतव्य है। ग्राहकों को 12 अगस्त से पहले बुकिंग करने या स्पीड पोस्ट, निजी कूरियर जैसी वैकल्पिक सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2023 से 30 जून 2026 तक, सवा तीन साल की अवधि में, रेलवे ने 33 नई ट्रेनें शुरू की हैं। रेल मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, इस दौरान इंदौर को केवल 2 नई ट्रेनें मिलीं, जबकि राजधानी भोपाल और रानी कमलापति स्टेशन को सर्वाधिक 5 नई ट्रेनों की सौगात मिली। जबलपुर और ग्वालियर को 4-4 नई ट्रेनें मिलीं। मंत्रालय ने बताया कि नई ट्रेनों का निर्धारण ट्रैक क्षमता, उपलब्ध रूट, रोलिंग स्टॉक और यात्रियों की मांग पर आधारित होता है। प्रदेश में वर्तमान में 10 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी संचालित हो रही हैं।
इंदौर से गुजरात और राजस्थान जाने वाली बसें अब कुमेड़ी में बने इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से संचालित होंगी, जिसे अगस्त में शुरू करने की तैयारी है। प्रारंभिक चरण में 50 बसें चलेंगी, जिसके बाद अन्य बसें भी स्थानांतरित की जाएंगी। 14 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस टर्मिनल की क्षमता 1500 बसों और 50 हजार से अधिक यात्रियों की है। यह इंदौर को पड़ोसी राज्यों से जोड़ेगा और भविष्य में मेट्रो रेल से भी जुड़ेगा। टर्मिनल पर रेस्टोरेंट, दुकानें, लिफ्ट, लॉकर और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एमआर-10 ब्रिज के पास एक नया रेलवे स्टेशन भी बनेगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन किया है। सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब प्राधिकरण के अध्यक्ष अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी होंगे, जबकि परिवहन आयुक्त सदस्य सचिव का दायित्व संभालेंगे। इस कदम से अंतरराज्यीय परमिट, रूट आवंटन और विवादों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। यह निर्णय हाल ही में बस किराया वृद्धि के बाद आया है, और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का पहला चरण भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर चार महत्वपूर्ण ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने का आदेश एक दिन के भीतर ही रद्द कर दिया गया। सोमवार को जारी इस आदेश में मंगलवार से ट्रेनों को नए प्लेटफॉर्म से संचालित करने की बात कही गई थी, लेकिन मंगलवार को ही इसे निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय से यात्रियों को दोबारा स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। इस बीच, प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यात्री सुविधाओं की कमी भी सामने आई है, जहां महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन होता है। रतलाम मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सुविधाओं में सुधार की मांग की है।
इंदौर में सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो संचालन जल्द ही शुरू होने वाला है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) अगले एक सप्ताह में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दूसरी बार एनओसी जारी करेंगे, जिससे कमर्शियल रन का मार्ग प्रशस्त होगा। मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने भूमिगत निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जनसुरक्षा तथा गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) लॉन्चिंग की तैयारियों की भी समीक्षा की।
जबलपुर से छत्तीसगढ़ जाने वाली रेल यात्रा इन दिनों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जबलपुर से छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों के लिए संचालित चार में से तीन सीधी ट्रेनें लगातार विलंब से चल रही हैं। नर्मदा एक्सप्रेस, अमरकंटक एक्सप्रेस और रायपुर-जबलपुर इंटरसिटी जैसी ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंच रही हैं। इससे विशेष रूप से उन यात्रियों को समस्या हो रही है, जो रायपुर से वापसी की योजना बनाते हैं, उन्हें अपनी आगे की यात्रा टालनी पड़ रही है। बिलासपुर रेल मंडल में रखरखाव कार्य, मालगाड़ियों का दबाव और गोंदिया व कछपुरा आउटर पर तकनीकी कारणों को इन देरी का मुख्य कारण बताया गया है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के पांच लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को जाम से राहत दिलाने के लिए दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अलीगढ़ भी शामिल हैं, जिनके लिए 12,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। केंद्र ने कुल 83 शहरों को जाम मुक्त बनाने के लिए चिह्नित किया है, जिनमें से 3 शहरों में राजमार्ग का काम पूरा हो चुका है और 35 अन्य शहरों में रिंग रोड या बाईपास की स्वीकृति प्रक्रिया में है। चालू वित्त वर्ष में कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू होगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने बस और वाहन मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों और बस ओनर्स एसोसिएशन के सदस्यों की एक समिति गठित की है। यह समिति सुगम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत प्रस्तावित मार्गों पर पहले से चल रही बसों को समायोजित करने, नए वाहनों के पंजीयन को सुनिश्चित करने और 15 वर्ष पुराने वाहनों को परमिट देने के संबंध में अपना अभिमत देगी। समिति को अपनी रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद मंत्रियों की समिति की अनुशंसा पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।