ग्वालियर की एक शताब्दी पुरानी नैरो गेज ट्रेन अब हेरिटेज ट्रेन के रूप में भी पटरियों पर वापस नहीं आएगी। रेलवे ने 6 साल पहले कोरोनाकाल में बंद हुई इस ट्रेन को हेरिटेज के रूप में सहेजने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। ग्वालियर से बानमोर तक करीब 20 किलोमीटर नैरो गेज ट्रैक को पूरी तरह उखाड़ने की तैयारी है, जिसके लिए जल्द ही टेंडर जारी होंगे। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों द्वारा स्थल सर्वे के बाद तकनीकी और व्यावहारिक कारणों से हेरिटेज ट्रेन चलाने से इनकार किया गया। ट्रैक हटने के बाद जमीन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) को दी गई है।
जबलपुर को देश के प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये के सड़क कॉरिडोर की योजना पर कार्य किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, इस योजना में जबलपुर को वाराणसी, नागपुर, भोपाल-इंदौर, रायपुर, सागर-कोटा और खंडवा से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड व फोरलेन मार्गों को निर्माणाधीन रिंग रोड से एकीकृत किया जाएगा। इससे जबलपुर उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा के यातायात का प्रमुख केंद्र बनेगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के माध्यम से कई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर निर्भरता कम होगी।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और कोंकण के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित सावंतवाड़ी रोड के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू की गई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सीएसएमटी से उद्घाटन विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। यह सेवा मुंबई और दक्षिण कोंकण के बीच सीधी दैनिक रेल सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी, जिससे यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गणेश उत्सव के मद्देनजर 2,900 एसटी बसों की मुफ्त सेवा शुरू की है। यह पहल कोंकण क्षेत्र तक भक्तों की परेशानी मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। शिंदे ने हर साल मुफ्त बस सेवा की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, पुणे के चिंचवड़ सबस्टेशन में रविवार को आग लगने से पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के बड़े हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे 3.10 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए। कई क्षेत्रों में आपूर्ति दोपहर 3 बजे तक बहाल कर दी गई।
मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ के अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही 180 से अधिक बस स्टैंड का कायाकल्प होगा। 11-12 सितंबर को इंदौर में होने वाली समिट में परिवहन व्यवस्था पर मंथन होगा, जिसमें स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर दिया जाएगा। बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए उन्हें सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है।
ग्वालियर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत 60 ई-बसों के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में है। रमौआ और जलालपुर स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आइएसबीटी) के दोनों डिपो का सिविल कार्य पूरा हो चुका है, और नगर निगम ने विद्युत कनेक्शन भी प्रदान कर दिया है। ग्रीन सेल मोबिलिटी के विशेषज्ञों ने डिपो का निरीक्षण कर संतुष्टि जताई है, अब चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। यह पहल शहरवासियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन विकल्प प्रदान करने और प्रदूषण कम करने में मदद करेगी।
मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणा की। समिट में तकनीक के उपयोग, एकीकृत टिकटिंग, हरित परिवहन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं। रैपिडो के साथ एमओयू भी हुआ है, जिसमें महिला टू-व्हीलर ड्राइवर सेवा भी शामिल है। यह सेवा 20 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी का प्रतीक है, जो पीएम ई-बस की तर्ज पर केसरिया रंग में होगी।
मध्य प्रदेश में लगभग दो दशक बाद सरकारी बस परिवहन व्यवस्था का पुनर्गठन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। यह ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी और इसका उद्देश्य डेटा, तकनीक तथा निजी भागीदारी के माध्यम से संचालन, निगरानी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में इसकी घोषणा की थी। योजना के तहत प्रदेश के 55 जिलों में 1036 रूट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें इंदौर से 23 रूट शामिल हैं। इसमें इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, यात्री सुरक्षा और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए 9,850 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह परियोजना भोपाल से वाराणसी की यात्रा को मात्र आठ घंटे में पूरा करेगी, जिससे यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी। इसके अतिरिक्त, सतना से सागर की दूरी भी केवल तीन घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे स्थानीय व्यापार और दैनिक यात्रियों को लाभ मिलेगा। बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
भोपाल मेट्रो प्रबंधन ने भारी खर्च और सीमित आय के दबाव के चलते फेरों की संख्या में कटौती की है। 15 सितंबर से लागू संशोधित समय-सारणी के तहत सामान्य दिनों में 21 और रविवार व अवकाश के दिनों में 6 फेरे कम किए गए हैं। अब सुबह 11:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक मेट्रो 30 मिनट के अंतराल पर चलेगी, जिससे कुल फेरे 62 से घटकर 41 रह गए हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद, एमपी मेट्रो का ऐप अभी भी अपडेट नहीं हुआ है, जिससे यात्रियों को गलत जानकारी मिल रही है।