बुलंद सोच, नई दिल्ली।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी में महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 19 बिंदुओं वाली सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से इन गाइडलाइन को लागू करने का आग्रह किया है।
आयोग ने रात के समय सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी है, जिसके तहत कैब कंपनियों के लिए एसओएस अलर्ट का 60 सेकंड के भीतर जवाब देना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है।
गाइडलाइन के अनुसार, एप पर दिखाए गए ड्राइवर की फोटो का वास्तविक ड्राइवर से मिलान अनिवार्य होगा। यदि दोनों में अंतर पाया जाता है, तो महिला यात्री बिना किसी शुल्क के अपनी राइड रद्द कर सकेंगी।
प्रत्येक ड्राइवर और वाहन का पुलिस सत्यापन तथा आपराधिक रिकॉर्ड की जांच आवश्यक होगी, जिसका समय-समय पर दोबारा सत्यापन भी किया जाएगा।
चालकों को लैंगिक संवेदनशीलता का प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए सत्यापित महिला ड्राइवरों की सूची उपलब्ध कराने और अकेली महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प प्रदान करने की व्यवस्था भी करने को कहा गया है।
प्रत्येक कैब में यात्री की पहुंच में एक फिजिकल एसओएस बटन होना चाहिए। आपात स्थिति में चालक, वाहन नंबर और लाइव लोकेशन पुलिस तथा परिजनों के साथ साझा की जाएगी।
गाइडलाइन में 24×7 सुरक्षा निगरानी और पुलिस के साथ समन्वय की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
महिला या बुजुर्ग यात्री को सुनसान जगह पर नहीं उतारा जा सकेगा।
रात में राइड पर विशेष निगरानी
रात की राइड में चालक और वाहन का फोटो सत्यापन, नशे की जांच तथा यात्री के भरोसेमंद संपर्क को राइड की जानकारी सीधे साझा करने की व्यवस्था होगी।
रात में राइड पर विशेष निगरानी
कार पूलिंग में यात्री की अनुमति के बिना कोई दूसरा यात्री नहीं जोड़ा जा सकेगा। साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति की सत्यापित जानकारी भी दिखाई जाएगी।
रात में राइड पर विशेष निगरानी
रूट में बदलाव होने पर यात्री और कंपनी को रियल टाइम अलर्ट मिलेगा। सुनसान जगह पर लंबे समय तक वाहन रुकने जैसे संदिग्ध स्टॉपेज की निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा की जांच की जाएगी।
शिकायतों के बाद उठाया गया कदम
आयोग की यह पहल किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों में महिला यात्रियों से जुड़े रूट बदलने, गलत व्यवहार, धमकी, परेशान करने और राइड खत्म होने के बाद संपर्क करने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।
शिकायतों के बाद उठाया गया कदम
नोएडा सहित कई मामलों को लेकर शिकायतें दर्ज की गई हैं और कानूनी कार्रवाई भी हुई है।

