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2026-10-17

मानसून में छतरपुर के रनेह फॉल में दिखा ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजारा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, छतरपुर।

बारिश के बाद छतरपुर स्थित रनेह फॉल में उफनती केन नदी ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रही है।
इसी के साथ, कुटनी आइलैंड भी चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है।
हरियाली और बादलों के मध्य स्थित ये दोनों पर्यटन स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
मानसून की बारिश ने बुंदेलखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की सुंदरता को कई गुना बढ़ा दिया है।
खजुराहो के आसपास इन दिनों प्रकृति का ऐसा अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।

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रनेह फॉल: केन नदी का उफनता स्वरूप

खजुराहो से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित रनेह फॉल में केन नदी का जलप्रवाह बढ़ने के उपरांत यहां का नजारा ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा प्रतीत हो रहा है।
चट्टानों के बीच से तीव्र गति से बहता केन नदी का पानी बारिश के बाद रनेह फॉल की चट्टानी घाटी में पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।
प्राकृतिक चट्टानों के मध्य केन नदी का बढ़ा हुआ जलप्रवाह इस स्थान के दृश्य को और भी मनमोहक बना रहा है।
बारिश के मौसम में रनेह फॉल का यह विशिष्ट रूप खास तौर पर देखने लायक होता है।

कुटनी आइलैंड: जल से घिरा मनोरम दृश्य

रनेह फॉल के साथ ही, खजुराहो से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित कुटनी आइलैंड का नजारा भी बारिश के बाद अत्यंत सुंदर हो गया है।
कुटनी बांध के जलाशय के मध्य स्थित यह आइलैंड जलस्तर बढ़ने के पश्चात् चारों ओर से पानी से घिरा हुआ दिखाई दे रहा है।
पानी से घिरा आइलैंड, आसपास की हरियाली और बादलों से ढका आकाश यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को लुभा रहा है।
कुटनी आइलैंड रिसॉर्ट भी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।
बारिश के मौसम में यहां बोटिंग और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने वाले आगंतुकों को एक अनूठा अनुभव प्राप्त हो रहा है।

कैसे पहुंचें रनेह फॉल और कुटनी आइलैंड

रनेह फॉल खजुराहो से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है और खजुराहो से सड़क मार्ग द्वारा यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
कुटनी आइलैंड खजुराहो से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां सड़क मार्ग से कुटनी बांध क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है।
कुटनी बांध क्षेत्र से पर्यटन स्थल तक पहुंचने की व्यवस्था उपलब्ध है।

सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश

बारिश के दौरान इन दोनों पर्यटन स्थलों पर पानी का बहाव और जलस्तर बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में पर्यटकों को नदी या तेज बहाव वाले क्षेत्रों के अत्यंत निकट जाने से बचना चाहिए।
प्राकृतिक नजारों का आनंद केवल सुरक्षित स्थानों से ही लेना चाहिए और तेज बहाव वाले पानी में उतरने से पूरी तरह बचना चाहिए।
बारिश ने खजुराहो के आसपास के इन पर्यटन स्थलों को एक नया रूप प्रदान किया है।
रनेह फॉल की उफनती केन नदी और पानी से घिरा कुटनी आइलैंड इन दिनों बुंदेलखंड के मनमोहक मानसूनी दृश्यों में शामिल हैं।