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इंदौर में वर्षा का पूर्वानुमान, प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय: कई जिलों में भारी वर्षा, सीधी की मझौली में सर्वाधिक 124.4 मिमी दर्ज मध्य प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को 2,313 करोड़ रुपये कोलार की चिनार सेवन माइल कॉलोनी: 900 परिवारों की शिकायत पर कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश भोपाल में स्मार्ट बाइसिकल शेयरिंग सेवा नए सिरे से होगी शुरू, 500 स्मार्ट साइकिलें हुईं कबाड़ प्रदेश सरकार ने 7,765 करोड़ रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, भावांतर योजना को सर्वाधिक 2,313 करोड़ रुपये

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इंदौर में वर्षा का पूर्वानुमान, प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

इंदौर में सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी व उमस से राहत मिली। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के चलते इंदौर में 22 और 23 जुलाई को हल्की वर्षा तथा 24 जुलाई को तेज वर्षा की संभावना है। प्रदेश के गुना, श्योपुरकलां समेत 19 जिलों में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जुलाई को इंदौर सहित कई जिलों में तेज वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय: कई जिलों में भारी वर्षा, सीधी की मझौली में सर्वाधिक 124.4 मिमी दर्ज

मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटने के बाद अधिकांश जिलों में वर्षा दर्ज की गई, जिसमें सीधी की मझौली तहसील में सर्वाधिक 124.4 मिमी वर्षा हुई। अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट आई है और किसानों में खुशी है। विभिन्न जिलों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा रिकॉर्ड की गई, वहीं भोपाल में 39 मिमी वर्षा हुई। इसके अतिरिक्त, भोपाल में 900 परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जिनकी शिकायतों पर जांच कमेटी बनेगी।

सेना ने असम बाढ़ में ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत 571 लोगों को बचाया

असम में लगातार मानसूनी बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण ऊपरी असम के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जल राहत’ के तहत अब तक 571 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। यह अभियान 19 जुलाई से चौबीसों घंटे चल रहा है, जिसमें स्पीयर कोर असम सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। सेना बचाव, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में तीन विशेष टीमें तैनात हैं। कुछ इलाकों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत कार्य जारी है।

मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 30 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज

मध्य प्रदेश में दो से तीन सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ी है। पिछले 24 घंटे में भोपाल, जबलपुर सहित 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, राजगढ़ में सर्वाधिक 4.1 इंच वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, प्रदेश में अब भी 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली।

मध्य प्रदेश में मानसून सुस्त, वर्षा का घाटा 16 प्रतिशत

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से वर्षा का घाटा बढ़कर 16 प्रतिशत हो गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जिनमें अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर और सागर जैसे जिले शामिल हैं। भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, अब तक 261.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्यतः 311.8 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विभाग ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय होने से अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है, जिससे वर्षा की कमी पूरी हो सकती है।

भोपाल-सागर NH-146 पर पहली बारिश में सड़क धंसी, पुलिया बही; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर आलमपुर के पास निर्माणाधीन सड़क पहली ही बारिश में धंस गई और पुलिया बह गई। इससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहनों की कतारें लग गईं और यात्री घंटों फंसे रहे। सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मौके का जायजा लेकर एमपीआरडीसी अधिकारियों को तत्काल मरम्मत और जांच के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने निर्माण में लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, भोपाल सहित 3 जिलों में बारिश; 4 में भारी वर्षा का अलर्ट, 17% कमी

मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते राजधानी भोपाल, सीहोर और रायसेन में सोमवार रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे उमस से राहत मिली है। हालांकि, प्रदेश में अब भी सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास में सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि आलीराजपुर में 74 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे वर्षा की कमी पूरी हो सकती है।