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बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब क्षेत्र बनने से मानसून होगा सक्रिय

ग्वालियर अंचल में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून प्रणाली में फिलहाल ठहराव आ गया है, जिससे आगामी चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 29 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्नदाब क्षेत्र बनने वाला है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। जिले में अब तक 595.3 मिमी औसत वर्षा हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 505.9 मिमी कम है। पिछले 24 घंटों में डबरा में 53 मिमी और ग्वालियर में 47.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

छतरपुर: बानसुजारा बांध के आठ गेट खुले, धसान नदी उफान पर, निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश

छतरपुर-टीकमगढ़ सीमा पर स्थित बानसुजारा बांध के आठ गेट शुक्रवार रात जलस्तर बढ़ने के बाद खोले गए। जल संसाधन विभाग ने पहले से खुले दो गेटों के अलावा छह अतिरिक्त गेट 0.75-0.75 मीटर तक खोले। इससे धसान नदी में लगभग 792 घनमीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि बांध का जलस्तर 315.25 मीटर था। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि धसान नदी में जलस्तर 7 से 9 फीट तक बढ़ने की संभावना है। विभाग बांध के जलस्तर और गेटों की स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहा है।

भोपाल में अगस्त में डेंगू के मामले दोगुने से अधिक, स्वास्थ्य विभाग चिंतित

राजधानी भोपाल में मानसूनी बारिश के कारण डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त महीने में डेंगू के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। 25 अगस्त तक डेंगू के 22 पॉजिटिव मरीज मिले, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 9 था। चिकनगुनिया के मामले भी दोगुने हो गए हैं। जलभराव को मच्छरों के तेजी से पनपने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि, 1 जनवरी से 25 अगस्त तक के वार्षिक आंकड़ों में चिकनगुनिया के मामलों में कमी आई है, जिससे बड़ी महामारी की आशंका नहीं है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश, सतना में स्कूल-कॉलेज बंद, चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो रही है। सतना और चित्रकूट में स्थिति गंभीर है, जहां चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और मंगलवार को रामघाट की 400 दुकानें जलमग्न हो गईं। सतना जिले में 2 और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मानसून में छतरपुर के रनेह फॉल में दिखा ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजारा

मानसून की बारिश के बाद छतरपुर के रनेह फॉल में केन नदी का बढ़ा हुआ जलप्रवाह ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजारा प्रस्तुत कर रहा है, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। खजुराहो से लगभग 20 किलोमीटर दूर यह स्थान अपनी चट्टानी घाटी और उफनती नदी के लिए प्रसिद्ध है। इसी तरह, खजुराहो से 15 किलोमीटर दूर कुटनी आइलैंड भी बांध के जलाशय में जलस्तर बढ़ने के कारण चारों ओर से पानी से घिरा है। हरियाली और बादलों के बीच यह आइलैंड और इसका रिसॉर्ट बोटिंग तथा प्राकृतिक दृश्यों के लिए खास अनुभव प्रदान कर रहे हैं, हालांकि पर्यटकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

दमोह और टीकमगढ़ में अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट, 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में पूर्वोत्तर पर निम्न दबाव और ट्रफ लाइनों के कारण मानसूनी हलचल तेज हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए दमोह और टीकमगढ़ में अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, रायसेन, गुना, ग्वालियर, सागर सहित 13 जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। गुरुवार को नरसिंहपुर और नौगांव में सर्वाधिक 33 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि भोपाल में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। आगामी 24 घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा।

मध्य प्रदेश में सर्पदंश स्थानीय आपदा घोषित, अस्पतालों में एंटी-वेनम अनिवार्य; प्रत्येक जिले को 23.17 लाख रुपये आवंटित

मध्य प्रदेश शासन ने वर्षा ऋतु में सर्पदंश की बढ़ती आशंका के मद्देनजर इसे स्थानीय आपदा घोषित किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को कार्ययोजना बनाने और सरकारी अस्पतालों में एंटी-वेनम व जीवनरक्षक दवाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर सर्प-मित्रों का नेटवर्क तैयार करने और सर्पदंश की घटनाओं का जिला स्तरीय डाटाबेस बनाने को कहा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रत्येक जिले को प्रशिक्षण एवं क्षमता वृद्धि हेतु 23.17 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश हैं।

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक, 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे सितंबर माह के आधे बीतने तक प्रदेश में कुल 88 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों ने अपना बारिश का कोटा पूरा कर लिया है, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में यह लक्ष्य अधूरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में भारी बारिश की संभावना नहीं है और 15 सितंबर से बारिश का सिस्टम कमजोर हो गया है। पूर्वी हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है, वहीं पश्चिमी हिस्से सूखे रहे हैं, हालांकि पिछले सप्ताह आंकड़ों में सुधार देखा गया था।

मध्य प्रदेश में 19 सितंबर के बाद नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की उम्मीद, 4.3 इंच बारिश की कमी

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पूर्व 19 सितंबर के बाद एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है। प्रदेश में अब तक 33 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है, जिससे 4.3 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। वर्तमान में सामान्य से लगभग 6% कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह नया तंत्र मानसून का सामान्य कोटा पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मानसून सीजन समाप्त होने में लगभग 14 दिन शेष हैं, और अब तक सामान्य बारिश का 88.5% कोटा पूरा हो चुका है। जून और जुलाई में कम बारिश के कारण यह कमी बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य से 11.3% कम, 33.1 इंच बारिश; 21 सितंबर के बाद बढ़ेगी गतिविधि

मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की ओर है, जहां अब तक 33.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे से 11.3 प्रतिशत कम है। सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है, जिसके लिए 4.2 इंच अतिरिक्त बारिश की आवश्यकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 सितंबर तक बड़े बारिश सिस्टम का असर नहीं रहेगा, लेकिन 21 सितंबर के बाद चक्रवाती गतिविधियों के कारण तेज बारिश का दौर बनने का अनुमान है। प्रदेश के 32 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जून की कम बारिश को कुल कमी का मुख्य कारण बताया गया है।