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2026-10-17

रियाज मंजिल ‘शत्रु संपत्ति’ विवाद: दस्तावेजों की वैधता, नवाब की पत्नी की नागरिकता जांच के घेरे में

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल के कोहेफिजा स्थित खानूगांव में रियाज मंजिल कोठी और उससे जुड़ी जमीन को लेकर चल रहा ‘शत्रु संपत्ति’ विवाद अब दस्तावेजों की वैधता और कार्रवाई के आधार पर केंद्रित हो गया है।

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गुरुवार को सहायक अभिरक्षक शत्रु संपत्ति व एसडीएम संत हिरदाराम नगर रवीश श्रीवास्तव के समक्ष नोटिसधारियों की सुनवाई हुई। कार्रवाई का आधार बने दस्तावेज मांगने पर उन्हें शिकायतकर्ता अमिताभ अग्निहोत्री की शिकायत और शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से संबंधित 29 अप्रैल 2024 के प्रमाण-पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं।

नोटिसधारियों को इन दस्तावेजों का परीक्षण कर 28 सितंबर को लिखित आपत्ति, संबंधित दस्तावेज और अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने 16 सितंबर से कोहेफिजा क्षेत्र में कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिनमें खसरा नंबर 42/10 से जुड़े कब्जाधारियों को भी नोटिस दिया गया है।

राजस्व रिकॉर्ड में ‘शत्रु संपत्ति जांच’ की प्रविष्टि होने की बात भी सामने आई है। अधिवक्ता जगदीश छावानी के अनुसार, कार्रवाई से पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि प्रमाण-पत्र में संबंधित जमीन वास्तव में शामिल है या नहीं।

मूल रिकॉर्ड और संपत्तियों की पहचान स्पष्ट होने से प्रभावित पक्षों की स्थिति भी साफ होगी। अब 28 सितंबर की सुनवाई महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी में नोटिसधारियों की लिखित आपत्तियों और पेश किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी।

फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई के साथ दस्तावेजों की प्रामाणिकता और संबंधित संपत्तियों की पहचान मुख्य सवाल बने हुए हैं।

सुनवाई के दौरान कुछ नोटिसधारियों की ओर से कार्रवाई पर स्थगन आदेश होने की मौखिक जानकारी दी गई। इस पर न्यायालय ने अगली सुनवाई में हाई कोर्ट अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कथित स्टे आदेश की प्रति पेश करने को कहा है।

इसका अर्थ है कि अब मौखिक दावे के बजाय आदेश की प्रमाणित प्रति से स्थिति स्पष्ट होगी।

मामले में भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम की नागरिकता को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ पक्ष उनके ब्रिटिश नागरिक होने का दावा कर रहे हैं।

हालांकि, इस संबंध में प्रामाणिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से सामने आना बाकी हैं। उनकी नागरिकता और संपत्तियों से संबंधित मूल रिकॉर्ड भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

अब इन दस्तावेजों पर नजर है: 29 अप्रैल 2024 के प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता, उसमें दर्ज संपत्तियों और संबंधित खसरों का विवरण, कथित स्टे आदेश की प्रमाणित प्रति, आफताब जहां की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज और रियाज मंजिल की संपत्तियों से पुराने रिकॉर्ड का मिलान।