माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल की रजिस्ट्रार डॉ. पी. शशिकला की वर्ष 2014 में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका स्वीकार करते हुए कोर्ट ने डॉ. शशिकला सहित सात प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। डॉ. आशुतोष मिश्रा की ओर से दायर याचिका में आरोप है कि डॉ. शशिकला नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यताएं, विशेषकर कंप्यूटर एप्लीकेशन या मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री की शर्त, पूरी नहीं करती थीं।
भोपाल की रियाज मंजिल कोठी से जुड़े ‘शत्रु संपत्ति’ विवाद में अब दस्तावेजों की वैधता और कार्रवाई का आधार मुख्य केंद्र बन गया है। सहायक अभिरक्षक शत्रु संपत्ति के समक्ष हुई सुनवाई में नोटिसधारियों को शिकायत और 29 अप्रैल 2024 के प्रमाण-पत्र की प्रतियां दी गईं। उन्हें 28 सितंबर तक लिखित आपत्ति और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन ने 16 सितंबर से कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम की नागरिकता पर भी सवाल उठे हैं, जिनके ब्रिटिश नागरिक होने के दावे किए जा रहे हैं। न्यायालय ने कथित स्टे आदेश की प्रमाणित प्रति भी मांगी है।
जबलपुर में 55 वर्षीय मुकेश गंभीर ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर अर्पण मिश्रा पर मुंह के छाले की सर्जरी में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि जून 2024 में हुई सर्जरी के बाद उनके मुंह के अंदर बाल उग रहे हैं, जिससे उन्हें खाने-पीने और निगलने में परेशानी हो रही है। गंभीर ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, डॉ. अर्पण मिश्रा का कहना है कि गंभीर का कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और सबमेंटल फ्लैप के कारण मुंह में बाल आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसकी जानकारी पहले दी गई थी। अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इंदौर में राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी के कैटरिंग बिल के 2 लाख रुपये से अधिक बकाया होने का दावा करते हुए कैटर्स ने दोनों परिवारों को कानूनी नोटिस भेजा है। कैटर्स संचालक के अनुसार, 11.60 लाख रुपये का अनुबंध हुआ था और लगभग 8 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ था। कैटर्स ने 15 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा करने की चेतावनी दी है। हालांकि, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी दोनों ने पूरा भुगतान कर देने का दावा किया है। विपिन रघुवंशी ने इसे छवि खराब करने का प्रयास बताया, जबकि गोविंद रघुवंशी ने कहा कि बकाया राशि विपिन के हिस्से की हो सकती है।
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण का विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका के कारण हाई कोर्ट में आगे नहीं बढ़ सका। सोमवार को करीब एक घंटे की बहस के बाद हाई कोर्ट ने सुनवाई 18 अगस्त तक टाल दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की एसएलपी पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही रिट अपील पर सुनवाई उचित होगी। दोनों पक्ष सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी की जल्द सुनवाई के लिए संयुक्त आवेदन देंगे। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने अपने पुराने जुड़ाव का खुलासा किया, जिस पर किसी पक्ष को आपत्ति नहीं थी।
ग्वालियर जिला न्यायालय में सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े विवाद पर अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई दिवंगत पद्माराजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी द्वारा दायर कैविएट पर केंद्रित थी। कैविएट को निरस्त करने की मांग पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। लगभग 1000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश होने के बाद, न्यायालय ने विस्तृत अध्ययन के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता बताते हुए अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित कर दी। प्रतिमा देवी ने आपसी समझौते से होने वाले निपटारे में अपनी शाखा के वैधानिक अधिकारों पर विचार करने की मांग की है।