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2026-10-17

सागर जहरीली शराब कांड: मुख्य आरोपियों के अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सागर।

सागर में जहरीली शराब से 29 लोगों की मौत के बाद सरकार का बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। प्रशासन का बुलडोजर आज इस कांड के मुख्य आरोपियों के घरों तक पहुंचा।

राजस्व और पुलिस के भारी बंदोबस्त के बीच प्रशासन की टीम थोड़ी देर पहले मुख्य आरोपित आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर के बंडा स्थित घर पहुंची। वहीं, ततरवारा सरपंच चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के घर पर भी कार्रवाई के लिए टीम पहुंची है।

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नगर परिषद बंडा और राजस्व अमले ने मंगलवार-बुधवार को आरोपितों के घरों का सीमांकन किया था। मंगलवार को ततरवारा निवासी आरोपित चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के मकान की मार्किंग की गई थी। बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में आरोपित मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर के मकान की नपती हुई, जिसके बाद दोनों को नोटिस भी जारी किए गए।

इस मामले में चंदू राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मनीष लोधी अभी भी फरार है।

पुलिस के अनुसार, आरोपित मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर शराब की नई खेप बनवाने के बाद बिहार चला गया था। वहां से लौटते समय सतना में उसे मौतों की जानकारी मिली, जिसके बाद वह वहीं से फरार हो गया।

छतरपुर के महेवा निवासी रवि लखेरा और छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत भी फरार बताए गए हैं। मनीष लोधी और रवि लखेरा की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।

जहरीली शराब का निर्माण

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस शराब से मौतें हुई हैं, उसकी पचास पेटियां ततरवारा गांव स्थित मक्के के खेत में संचालित अवैध फैक्ट्री में तैयार की गई थीं।

आरोपित चंदू राजपूत का संपर्क बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर से था। वहीं, मनीष लोधी अंतरराज्यीय शराब तस्कर छतरपुर निवासी रवि लखेरा के संपर्क में था।

यह वही रवि लखेरा है, जिसे चार मई 2026 को ललितपुर पुलिस ने नकली शराब की फैक्ट्री संचालित करते हुए पकड़ा था। जेल से छूटने के बाद वह सागर में नई फैक्ट्री डालने की कोशिश में था और उसने ही स्पिरिट से सस्ती शराब बनाने का तरीका सिखाया था।

मनीष लोधी और रवि लखेरा ने चंदू राजपूत को स्पिरिट, खाली शीशियां, रैपर सहित अन्य सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद चंदू राजपूत, उसके रिश्तेदार शिवान्जय और मनीष लोधी ने जन्माष्टमी से दो दिन पूर्व ही सागर गोल्ड का नकली रैपर लगाकर 50 पेटी नकली शराब तैयार की।

मिथाइल अल्कोहल की मात्रा बढ़ाए जाने से यह शराब जहरीली हो गई थी। आरोपितों ने पैकेजिंग मशीन भी बुलाई थी, जिससे शराब की शीशियों को सील पैक किया जाता था, ताकि वह असली जैसी लगे।

कार्रवाई की भनक लगते ही चंदू राजपूत और उसके परिवार के सदस्यों ने अवैध शराब तथा शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को जलाकर नष्ट करने का प्रयास किया।

फिर भी पुलिस ने 147 लीटर शराब, सागर गोल्ड की 164 शीशियां, 27 हीटर, करीब 170 ढक्कन, 150 लेबल, शराब मापने का यंत्र, फेवीकोल, टेप, ब्लेड, शराब भरने की छोटी-बड़ी दो चुग्गियां और 11 कार्टून बरामद किए हैं।

वितरण और मूल्य निर्धारण

शिवान्जय, मनीष और चंदू ने अपने आदमियों के जरिए नौराज, गूगरा, पाटन, छापरी और आसपास के गांवों में यह शराब उपलब्ध कराई।

इस नकली शराब को 50 रुपये में बेचा जा रहा था, जबकि ढाबों के लिए यह शराब 30 रुपये में उपलब्ध थी। दुकान पर इसकी कीमत 70 रुपये तक है।

मुख्यमंत्री का एक्शन

सागर शराब कांड में मुख्यमंत्री ने बड़ा एक्शन लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। दिलीप कुमार को नया कमिश्नर और इरशाद वली को नया आईजी नियुक्त किया गया है।