भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ ने बुधवार को बंद का आह्वान किया है। व्यापारी दुकानें बंद कर सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। अब तक 170 प्रतिष्ठान सील किए जा चुके हैं, जिस पर व्यापारी विरोध जता रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि निगम सिर्फ छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में राज्य सरकार की जांच समिति पर रोक लगा दी थी और हाईकोर्ट के राहत आदेश निरस्त कर दिए थे। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को है, जिसमें निगम को रिपोर्ट पेश करनी है।
सागर में जहरीली शराब से 29 मौतों के बाद प्रशासन ने मुख्य आरोपितों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर और सरपंच चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। पुलिस ने नकली शराब बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की। इस मामले में चंदू राजपूत गिरफ्तार है, जबकि मनीष लोधी सहित अन्य फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और नए अधिकारियों की नियुक्ति की है।
नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों वाली संपत्तियों की पहचान और कार्रवाई के संबंध में विरोधाभासी आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। पहले 62 हजार से अधिक संपत्तियों को चिह्नित करने का दावा किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत शपथपत्र में केवल 7,951 मामलों में नोटिस जारी करने की जानकारी दी गई। निगम ने 190 परिसरों को बंद और सील करने की बात कही, जबकि वास्तव में केवल 7 प्रतिष्ठान सील किए गए थे। अवैध निर्माण के 296 मामले भी चिह्नित किए गए हैं।
भोपाल के बड़े तालाब और कलियासोत डैम के किनारों पर अतिक्रमण की विस्तृत ड्रोन सर्वे रिपोर्ट मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सामने पेश की जाएगी। पांच दिवसीय सर्वेक्षण में बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस सहित कई नामी रेस्टोरेंट और अवैध निर्माण पाए गए हैं, जिससे रसूखदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एनजीटी आज इस मामले में कड़ा आदेश जारी कर सकता है। यह सर्वे भदभदा डैम के गेट खुलने से हुए विवाद के बाद शुरू किया गया था। केरवा डैम का सर्वे जलस्तर कम होने के कारण फिलहाल रुका हुआ है।
भोपाल मास्टर प्लान 2047 के नए ड्राफ्ट में आवासीय क्षेत्रों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को शर्तों के साथ नियमित करने का प्रस्ताव है। धारा 15.38.1 के तहत, मास्टर प्लान प्रारूप के प्रकाशन से पहले से संचालित, व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर जमा करने वाले और कमर्शियल बिजली कनेक्शन वाले प्रतिष्ठानों को वैध किया जा सकेगा। यह 1995 के मास्टर प्लान के विपरीत है, जिसमें ऐसी गतिविधियों को स्थानांतरित करने का प्रावधान था। विशेषज्ञों ने सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बावजूद इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं, खासकर अनधिकृत कॉलोनियों और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को छूट नहीं मिलेगी।
इंदौर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां बसाने वालों के खिलाफ प्रशासन अब अभियान तेज करेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने टीएल बैठक में अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा न होने और अवैध कॉलोनियों के विकासकर्ताओं पर भी कार्रवाई के आदेश दिए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के संतोषजनक समाधान और फायर सेफ्टी निरीक्षण के भी निर्देश दिए गए। लापरवाही मिलने पर आईडीए के संपदा अधिकारी व वर्ग-2 का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
इंदौर नगर निगम के अत्याधुनिक पीआईएमएस पोर्टल की जांच में चार कॉलोनियां और पांच बड़े भवन अवैध पाए गए हैं। पिछले एक साल में हुए 660 बड़े निर्माणों में से 170 की जांच पूरी हो चुकी है। निगम इन अवैध निर्माणों पर वैधानिक कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। पोर्टल सैटेलाइट इमेज और जीआईएस तकनीक से नए निर्माणों पर नजर रखता है, पुराने और नए चित्रों की तुलना कर अवैध निर्माणों की पहचान करता है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा।
भोपाल नगर निगम रविवार से आवासीय संपत्तियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। सैकड़ों मकान मालिकों के कंपाउंडिंग आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं क्योंकि मौजूदा प्रावधान इन गतिविधियों को नियमित करने की अनुमति नहीं देते। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हो रही है, जिसके लिए निगम ने नई एसओपी तैयार की है। निगम आयुक्त ने बैठक की और शहर में सर्वे के लिए टीमें गठित की गई हैं। रहवासियों ने नौ अगस्त को मशाल मार्च निकालने की घोषणा की है, जबकि निगम 21 जोन में सर्वेक्षण के बाद संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी करेगा।
मध्य प्रदेश की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. शमिता राजौरा ने पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल को कोर जोन में नियम विरुद्ध बने रिसॉर्ट की पूरी रिपोर्ट के साथ तलब किया है। वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार द्वारा छतरपुर के राजगढ़ गांव में पांच एकड़ भूमि पर निर्मित यह रिसॉर्ट जांच में नियम विरुद्ध पाया गया है, पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। पीसीसीएफ ने खबरों का संज्ञान लिया है और मामले की जांच कर कार्रवाई की संभावना है।
भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। 15 सितंबर तक ऐसे 1 लाख मकानों की पहचान की जाएगी, जहां आवासीय परिसर में कारोबार हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय द्वारा दुकान संचालकों को दी गई सभी अंतरिम राहत रद्द कर दी है और राज्य सरकार को कानून का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने मॉल, चाय बार और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से हो रही परेशानी बताई है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने मौलिक अधिकारों के हनन का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।