बुलंद सोच, शिवपुरी।

शिवपुरी जिले के नए अमोला गांव में मंगलवार को महिलाएं शराब के कारण घरों में होने वाले दैनिक झगड़ों और मारपीट से परेशान होकर उग्र हो गईं।
इन महिलाओं ने एकजुट होकर हाथों में लाठियां लेकर एक शराब की दुकान पर हमला किया, ठेका दुकान में तोड़फोड़ की और शराब की बोतलें तथा क्वार्टर बाहर फेंक दिए।
इसके बाद उन्होंने शराब के इन क्वार्टरों और बोतलों में आग लगा दी।
महिलाओं के अचानक हमले से डरे हुए दुकान कर्मचारी अपनी जान बचाकर भाग गए, जिससे महिलाओं ने बिना किसी विरोध के जमकर तोड़फोड़ की।
शराब की बोतलें टूटने से दुकान में शराब फैल गई। एक महिला ने उसमें जलती हुई तीली फेंक दी, जिससे आग तेजी से भड़क गई और दुकान पल भर में जलकर राख हो गई।
महिलाओं की नाराजगी का यह घटनाक्रम इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल होता रहा, जिसमें महिलाएं बेहद नाराज दिख रही थीं और शराब बेचने वालों पर अपना गुस्सा उतार रही थीं।
शिवपुरी में महिलाओं की नाराजगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी महिलाएं अवैध शराब और जगह-जगह खुली दुकानों का विरोध कर चुकी हैं। पिछले माह शहर में भी महिलाओं ने इसी तरह की समस्या को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।
सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद अमोला गांव में महिलाओं की शराब के खिलाफ यह नाराजगी सामने आई है।
जिलेभर में अवैध शराब का मकड़जाल फैला हुआ है, क्योंकि शराब ठेकेदारों ने अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में सैकड़ों जगहों पर अवैध शराब के ठिकाने बना दिए हैं। जिले में लगभग 113 लाइसेंसी ठेके हैं, लेकिन 500 से अधिक ठिकानों पर शराब बेचे जाने के आरोप लगते रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के ढाबों और होटलों में भले ही शराब पीने के अहातों पर प्रतिबंध है, लेकिन आबकारी और पुलिस की अनदेखी के चलते ये मयखानों की तरह संचालित हो रहे हैं। शाम होते ही हाइवे से सटे इन होटल और ढाबों में जाम खनकने लगते हैं, जहां पुलिस झांकने तक नहीं पहुंचती।
अमोला थानाप्रभारी योगेंद्र सेंगर ने बताया कि महिलाओं ने नाराज होकर शराब दुकान का माल बाहर फेंक दिया था। सूचना मिलने पर उनकी टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।

